Saturday, December 31, 2016

नशा नाश की की बीमारी है इसलिए राष्ट्र पथ पर चल नारी अब तेरी बारी है समाज को होश में लाने की मुहिम हमारी है-डॉ प्रियंका हम है न

आज हम "चैतन्य व सुदृढ़ राष्ट्र" के निर्माण के संदर्भ में आप सबसे विचार विमर्श करनें आयें हैं...अपनी विचारधारा की पहल आप सबके सम्मुख लेकर आयें हैं..."राष्ट्रपथ पर चल;नारी अब तेरी बारी है.. ..समाज को होश में लानें की मुहिम हमारी है "......नशाखोरी का मुख्य कारण परिवार में अपनत्व व प्यार की कमी तथा आपसी बिखराव है ।बच्चा ये सब बचपन से देखता आता है .....और उसके मानसपटल पर वक़्त के साथ-साथ गहरा छाप छूटता जाता है ।
दूसरी तरफ समाज में मादकद्रव्यों को बेचनें वाले समाज के दरिंदें...जो कि ऐसे ही परिवारों की फ़िराक में रहते हैं...और जब ऐसे परिवार का बच्चा बड़ा होकर समाज में निकालता है ;तब वही बच्चा इन नशे के व्यापारी दरिन्दों के गिरफ्त में आ जाता है...फिर क्या...दुष्परिणाम आते देर नहीं लगती...परिवार का पतन शुरू...।
इसीलिये सभी माता-पिता से विनम्र निवेदन है कि अपनत्व व प्रेम से आपस में मिलजुल कर राष्ट्र के भविष्य अर्थात अपनी संतान का लालन-पालन कीजिये...उसे संभालिये...उसकी सम्पूर्ण दुनियाँ आप ही है...।मज़बूत व सुदृढ़ परिवार बनाईये...ऐसे में दृढ़ मनोबल होगा...और जब सुदृढ़ मनोबल होगा तो नशाखोरी होगी ही नहीं...अर्थात "सशक्त राष्ट्र" स्वयमेव हो जाएगा।

              याद रखि
1.हम सभी इंसान प्रकृति की सर्वोत्तम कृतियाँ हैं  ।
2.रिश्तों को करुणा व अपनत्व से साहेजिये ।
3.हम सभी का मन, वचन ,कर्म से चैतन्य अवस्था में रहना नितान्त आवश्यक है ।
4.अपनी संतान को असीम प्यार व दुलार दीजिये ।
5. नशामुक्त परिवार व समाज ही एक सुदृढ़ राष्ट्र की संस्थापना कर सकता है  ।साथियो,अगर हमनें कुछ अन्यथा बोल दिया हो तो हमें माफ़ कीजियेगा...लेकिन यथार्थ यही है ।
हमारी नज़रों में प्रत्येक इंसान सुदृढ़ राष्ट्र की माजबूत ईंट है...और हम उसे किसी भी कीमत पर दरकनें नहीं देगें....।

                राष्ट्र का भविष्य-
                  राष्ट्र की संतान

       डॉ.प्रियंका"हम हैं ना"
      

बिहार के बक्सर जेल से पांच कैदी फरार ?

 बिहार के बक्सर सेंट्रल जेल से पांच सजायाफ्ता कैदी  मेडिकल वार्ड से सौचालय की खिड़की तोड़कर फरार हो गए हैं। भागने वाले कैदियों में एक फांसी तथा शेष चार उम्रकैद के सजायाफ्ता हैं। घटना के बाद हाई अलर्ट जारी कर पूरे जिले की नाकेबंदी कर दी गई है। उनके संभावित ठिकानों पर देर रात से ही छापेमारी आरंभ है। हालांकि, सुबह तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है। इस बीच लापरवाही के आरोप में जेल के तीन कर्मचारियों  को निलंबित कर दिया गया है।मिली जानकारी के अनुसार देर रात बक्सर सेंट्रल जेल के पांच सजायाफ्ता कैदी जेल के मेडिकल वार्ड से भाग निकले। कैदियों ने साजिश के तहत खुद को बीमार बता  कर मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया था। भागने वाले कैदियों में प्रदीप सिंह (मोतिहारी) को फांसी की सजा का कैदी था जबकि उम्रकैद पाए फरार कैदियों में सोनू पाण्डेय (आरा), उपेन्द्र साह (छपरा), देवधारी सिंह (छपरा) तथा सोनू सिंह (बरहमपुर) शामिल हैं।

रिजर्व बैंक का ऐलान अब एटीएम से निकाल पाएंगे 4500 रूपये

रिजर्व बैंक ने देर रात यह ऐलान किया कि नए साल के पहले दिन से एटीएम से लोग एक दिन में अधिकतम 4500 रुपये निकाल सकेंगे। 8 नवंबर को नोटबंदी के ऐलान के बाद से एटीएम से पैसा निकालने की सीमा तय कर दी गई थी। वर्तमान में एक दिन में अधिकतर 2500 रुपये और बैंक से चेक के माध्यम से सप्ताह में एक बार अधिकतम 24000 रुपये ही निकाले जा सकते हैं।पहले से ही उम्मीद की जा रही थी कि नए साल कर नोटबंदी से लोगों को राहत मिल सकती है। अब रिजर्व बैंक के इस ऐलान से लोगों को  थोड़ी राहत  तो मिलेगी लेकिन आम लोगों की समस्या पूरी तरह खत्म हो गयी है यह कहना बेईमानी होगी नोटबंदी पर साल के आखिरी दिन यानि 31 दिसंबर को पीएम नरेंद्र मोदी देश को संबोधित भी करेंगे। संभावना जताई जा रही कि वे भी कुछ बड़ा ऐलान कर सकते हैं। लेकिन क्या यह तो समय की गर्भ में ही है।

यूपी में अखिलेश यादव की सपा में वापसी

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मुलायम सिंह के बीच मीटिंग खत्म हो चुकी है। बताया जा रहा है कि मीटिंग में अमर सिंह को निकाले जाने, अखिलेश- रामगोपाल को पार्टी में वापसी, शिवपाल को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने और अखिलेश को फिर से प्रदेश अध्यक्ष बनाने समेत कई बातों पर सहमति बन गई है। इस बीच भावुक पिता मुलायम ने सीएम अखिलेश से कहा-मैं कभी नहीं था तुम्हारे खिलाफ,तुम्हारे खिलाफ होता तो,तुम्हे सीएम क्यो बनाता। इस सब के बीज आजम खान ने दोनो के बीच मीडिएटर की भूमिका निभाई है। पहले वह सुबह मुलायम से मिले और फिर अखिलेश से। इसके बाद वह अखिलेश को लेकर मुलायम के पास पहुंचे हैं।इसके पहले अखिलेश की मीटिंग में इसमें 212 विधायक मौजूद थे और इतने ही बहुमत के लिये अावश्यक है। इन सभी ने रजिस्टर में हस्ताक्षर किये हैं। जिसमें 195 सपा के और 17 विधायक अन्य पार्टी के हैं। मीटिंग में शामिल होने वाले सभी विधायकों का मोबाइल बाहर ही रखवा लिया गया। मीटिंग में अखिलेश ने कहा कि मैं नेता जी से अलग नहीं हूं,नेता जी के लिए जीतूंगा उत्तर प्रदेश इस दौरान अखिलेश काफी भावुक दिखे। मीटिंग में विधायकों ने कहा-हम सीएम अखिलेश के साथ,नेता जी का पूरा सम्मान लेकिन,राजनीति CM के झंडे के नीचे ही करेंगे।

समाजवादी पार्टी की महाभारत पर विशेष भोला नाथ मिश्रा की कलम से

द्वापर में यदुवंश में ही भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लिया था और महाभारत उन्हीं की अगुवाई में हुआ था।उनके रहते रहते ही उनका सारा वंश आपस में लड़कर कट मर गया था और वह सब कुछ देखते रहे।उस समय भी यदुवंश इतना सशक्त था कि कोई उसका मुकाबला करने वाला नहीं था।कलियुग के यदुवंशी भी किसी से कमजोर नहीं थे और उन्हीं में से एक मुलायम सिंह यादव जी गाँव घर फिर स्कूल से निकलकर देश दुनिया को अपना लोहा मनवा दिया।उन्होंने अपनी पार्टी को बुलंदियो पर ले जाकर उसे राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान कराया और केंद्र सरकार में रक्षा मंत्री तक रहे।पिछले दो तीन दशकों से वह अपनी पार्टी को केंद्र में सत्तारूढ़ करके प्रधानमंत्री बनने का प्रयास कर रहे हैं।यह सही है कि उन्हें मंजिल के अंतिम छोर तक पहुँचने में उनके कई विश्वासपात्र दोस्तों की भूमिका बहुत सराहनीय रही हैं।इनमें बाराबंकी के पूर्व केन्द्रीय मंत्री बेनीप्रसाद वर्मा जनेश्वर मिश्र सत्यप्रकाश मालवीय मोहन सिंह अवधेश प्रसाद रामसागर रावत भगौती सिंह आदि मुख्य है।पिछले चुनाव के समय अखिलेश यादव को मुलायम सिंह यादव के उत्तराधिकारी के रूप लाकर चुनाव लड़ाया गया था और अभूतपूर्व सफलता भी मिली थी।अखिलेश ने सरकार तो बनाई ही साथ में अपने पिता की राह पर चलकर जनता का दिल भी जीत लिया।लेकिन उनके मंत्रिमंडल के कई साथी उनकी स्वच्छ ईमानदार सरकार की किरकिरी अपनी हरकतों से कराते रहें।जनता में किये गये कार्यों से मिली लोकप्रियता व पार्टी के सदस्यो का समर्थन तथा सलाहकारों के बल पर अखिलेश को भी अभिमान जैसा हो गया । उधर उनके पिता को अपने भाई शिवपाल के साथ अपने साथियों पर अभिमान है। फिर एक बार बसा बसाया यदुवंशियों का समाजवादी कुनबा आपस में ही लड़कर ताकत आजमाने की स्थिति में पहुँच गया है।यदुवंशियों का समाजवादी परिवार शक्तिशाली होते हुये भी मिटाने की कगार पर पहुँच गया है।इस महाभारत में भी एक नारी की भूमिका भी चर्चा का विषय बनी हुयी है।अखिलेश और उनके साथ ही उनके मुख्य सलाहकार पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सांसद रामगोपाल को भी पार्टी विरोधी कार्य करने के लिये पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।पार्टी का विभाजन लगता है कि अब हो जायेगा और "सब पर भारी समाजवादी यदुवंशी" बिखर जायेगी।अखिलेश चचा भतीजे के निष्कासन के बाद  भहाभारत शुरू हो गयी है और मुख्यमंत्री आवास के सामने उनके समर्थन में लोग उनके समर्थन में भारी हंगामा कर रहे हैं।स्थिति इतनी बिगड़ गयी की बीती रात व्यापक सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ी है। इस समय की स्थिति हम बता नहीं सकते हैं कि यदुवंशी समाजवादी कुनबा बचा या बिखर गया ।यदुवंशी "समाजवादी परिवार" संस्थापक मुलायम सिंह की अगुवाई में पैदा हुआ था और आज उन्हीं की अगुवाई में पहली बार बिखरने जा रहा है ।बीती रात सपा प्रमुख मुलायम सिंह की कठोर कार्यवाही की बाद अब लोगों की निगाहें अगले मुख्यमंत्री और अखिलेश के अगले कदम पर टिकी है।धन्यवाद।।भूलचूक गलती माफ।।

गाँव के युवक ने किया 10 वर्षिय नाबालिक बच्ची से रेप

पुरैनी (मधेपुरा)थानाक्षेत्र मे जब गांव के ही एक शादीशुदा युवक के द्वारा बकरी चराने गयी 10वर्षीय बच्ची के साथ जबरन दुष्कर्म करने का सनसनीखेज मामला उस वक़्त प्रकाश में आया जब पीड़िता के परिजन पुरैनी थाना बच्ची को लेकर पहुंचे । थानाध्यक्ष ने घटना के बाबत तत्परता दिखाते हुए पीड़िता के निसानदेही पर गांव के ही दुष्कर्मी को गिरफ्तार कर लिया।
घटना के बाबत मिली जानकारी के अनुसार बच्ची अपने गांव के ही बहियार मे बकड़ी चराने के लिए गयी हुई थी।इसी बीच एक शादिशुदा युवक ने उसे अकेला पाकर जबड़न बगल के बांस बाड़ी मे ले जाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। पीड़िता ने घर आकर अपने परिजनो से आपबीती बताई ।और उसके गुप्तांग से रक्त स्राव हो रहा था। गांव मे घटना को लेकर कौतूहल मच गया ।परिजनो ने आनन फानन मे उसे पुरैनी थाना लाए जहां पुरैनी पीएचसी मे लड़की का प्राथमिक उपचार किया गया।और उसी रात घटना को अंजाम देने वाले दुष्कर्मी को पुरैनी थानाध्यक्ष द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। पीड़ीता के पिता के द्वारा दिए गए आवेदन पर दुष्कर्मी के खिलाफ पुरैनी थानाकांड संख्या 110/ 16 के तहत प्राथमिक दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया।

अब पीएम मोदी ने लांच किया भीम जाने क्या है इसकी खासियत

शुक्रवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में प्रधानमंत्री ने एक मोबाइल एप 'भीम' को  लांच किया है जिसपर पीएम मोदी ने कहा, बहुत कम लोगों को पता होगा, जिन्होंने हमें संविधान दिया डॉ. भीमराव आंबेडकर की अर्थशास्त्र में निपूर्णता थी।पीएम मोदी ने कहा, एक जमाना था अनपढ़ को अंगूठा-छाप कहा जाता था, अब वक़्त ऐसा है, आप ही का अंगूठा आपकी पहचान और बैंक बन गया है। उन्होंने कहा, हमें गर्व होना चाहिए, जिस देश को अनपढ़ कहा जाता है वह देश इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग में सफलतापूर्वक क्रांति लेकर आया है।पीएम मोदी ने नोटबंदी पर हो रही आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा, 'एक नेता ने कहा- खोदा पहाड़ और निकली चुहिया। मुझे चुहिया ही निकालनी थी, वो तो सब खा जाती है चोरी से।' पीएम ने कहा, कुछ लोग होते हैं जिनकी सुबह निराशा से ही होती है, उनकी निराशा के लिए अभी कोई औषधि नहीं बनी है, उनकी निराशा उन्हीं को मुबारक।पीएम ने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, 'पहले खबर आती थी कि कोयले में कितना गया, 2जी में कितना गया और आज खबर आती हैं की कितना आया।' उन्होंने कहा, हमारी अपनी कमियों के कारण सोने की चिड़िया कहा जाने वाला देश गरीब हो गया, लेकिन हमारे अन्दर फिर से इसे सोने की चिड़िया बनाने का सामर्थ है।

जब राजनीति में खून के रिश्ते अपने नही होते..तो....?

समाजवादी पार्टी में लगातार चल रही उठा पटक के बाद मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश और रामगोपाल यादव को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है  सपा की कुनबे की राजनीति यह पहला मौका है जब किसी अपने को यूँ पार्टी से बाहर किया गया हो अभी कुछ समय पहले ही रामगोपाल  को पार्टी से निकालकर इसकी सुरुवात की गयी थी हालाँकि उन्न्हे वापस वापस  ले लिया गया था । बताते चलें कि कल शाम को ही मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। समाजवादी पार्टी में अब मुलायम सिंह के इस कदम से माना जा रहा है कि रार और बढ़ेगी। वहीं निकाले जाने के बाद मुख्यमंत्री आवास के बाहर जुटे अखिलेश समर्थकों ने हंगामा शुरूकर दिया है। भारी हंगामा चल रहा है। निकाले जाने की बाद पता चलते ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने अावास पांच कालीदास मार्ग पर प्रेस कांफ्रेंस बुलाई है। थोडी देर में प्रेस कांफ्रेंस करेंगे।प्रेसवार्ता के दौरान मुलायम सिंह काफी गुस्से में थे उन्होंने कहा कि अनुशासन हीनता के चलते अखिलेश यादव को पार्टी से निकाला गया। मेरा लक्ष्य किसी को सजा देना नहीं, खून पसीने से बनाई गई पार्टी को बचाना है। राम गोपाल और अखिलेश मिलकर पार्टी को बर्बाद कर रहे हैं, इसी लिए कड़ी कार्रवाई की। सीएम अखिलेश यादव छह साल के लिए पार्टी से निकाले गए। गलती स्वीकार करने पर पार्टी में वापस लिया था। गलती स्वीकार करने पर पार्टी में वापस लिया था। रामगोपाल यादव को पार्टी से 6 साल के लिए निकाला। राष्ट्रीय अध्यक्ष के अलावा कोई सम्मेलन नहीं बुला सकता। राष्ट्रीय अधिवेशन असवैधानिक।अखिलेश यादव के पार्टी के 235 प्रत्याशियों की सूची जारी करने के मामले को मुलायम सिंह यादव ने बेहद गंभीरता से लिया है। उनके इस कृत्य को मुलायम सिंह यादव ने घोर अनुशासन हीनता माना हैराम गोपाल ने बुलाया राष्ट्रीय सम्मेलन
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ने एक जनवरी को लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय में पार्टी का राष्ट्रीय सम्मेलन बुलाया है। इस सम्मेलन में पार्टी के सभी पदाधिकारियों को बुलाया गया। इसमें पार्टी पदाधिकारी किसी भी तरह का फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है। पत्र में राम गोपाल ने लिखा है कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार शानदार काम कर रही है। इसी काम के दम पर पार्टी 2017 में दोबारा सत्ता में लौटेगी।

पाक और चीन चाहते तो है भारत से दोस्ती लेकिन रचते रहते है रोज नई साजिश

पाकिस्तान और चीन अभी तक भारत के खिलाफ मोर्चाबंदी करते आ रहे थे।लेकिन अब दोनो  देश भारत से फिर  दोस्ती का हाथ बढ़ाना चाह रहे है।अभी तक जितने भी मुद्दे लंबित पड़े है। उन सभी मुद्दो पर शान्ति रुप से बातचीत को आगे बढ़ाने का प्रयास करने की बात कर रहे है। पाक और चीन चाहते है।अभी तक जो हुआ ,उसे भुला कर नव बर्ष की पहली किरण के साथ रिश्तो को नया आयाम दिया जाए ।लेकिन प्रश्न बही उठता है। हमने जब भी पाक और चीन पर भरोसा किया। उन्होंने. हमारे पीठ पर छुरा भौकने बाला काम किया । क्या हमे उन पर विश्वास कर उनसे दोस्ती का हाथ बढाना चाहिए ।क्या पाक और चीन दोस्ती को समझने की छमता रखते है। हमने हमेशा पहले  भी दोस्ती का बढाया था। मगर मिला विश्वासधात पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता नफीस जकारियां ने इस्लामाबद में अपनी राय रखते हुए सभी विवादित मुद्दो पर अपनी सहमति जताते हुए कहा कि हम भारत से दोस्ती का बढ़ाना चाहते है। लेकिन पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को नही पचा पा रहा है। जकारियां का कहना है। कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को कश्मीर मुद्दे पर हस्तक्षेप करना चाहिए। पाकिस्तान को ये डर सता रहा है। कि सिन्धु समझौता समीक्षा किए बिना भारत एक तरफा फैसला न ले ले। उनका कहना है। पहले भी कई मुद्दे शान्ति पूर्ण ढग से सुलझाए जा चुके है।वही चीन एन एस जी मे भारत की सदस्यता को लेकर , मंसूद अजहर पर संयुक्त राष्ट्र के द्वारा वो प्रतिबंध लगाए गये है।उन सभी मुद्दो पर विचार कर सुलझाने पर अपनी सहमति जताई हैं। चीन की हुआ चुनिगं ।विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि इस साल मे विकास को लेकर दोनो देशो मे काफी हद तक निकटता आई है। और हमे आगे भी बिश्वास है।कि हम दोस्ती को कायम रखेगे।

संजीव सक्सेना"विकल"

Friday, December 30, 2016

मौत के मंजर से जूझती चीत्कार सुनाने आई हूं , मैं अब नारी को बलवान बनाने आयी हूँ-डॉ प्रियंका

दहेज से पीड़ित एक बेटी की जुबानी ड़ा प्रियंका हम हैँ ना साथियों,आज मैं एक और समाज की हक़ीक़त अपने इस परिवार के समक्ष लेकर आयी हूँ।नारी की अंतःकरण की दर्द भरी पुकार...मौत के मंज़र से जूझती...चित्कार...सुनाने आयी हूँ...

                 "चित्कार"
               (दहेज़-हत्या)
           ------////-----////------
मैं दहेज़ की बलिवेदी पर चढ़ाई गयी इस राष्ट्र की एक बेटी हूँ ।
मैं अपनी हत्या के लिए ससुराल वालों को दोषी मानती हूँ लेकिन उससे पहले अपने माता-पिता को...अपने मायके वालों को...और समाज को दोषी मानती हूँ।
माँ-पापा, आपनें तो ससुराल वालों को कागज़ के टुकड़े व सिक्कों की चमक-खनक रूपी ख़ून उनके मुँह लगा दिया परंतु अपनी बेटी को...चुप रहो...सबकुछ शान्ति से सहो...यही बचपन से सिखाया ।
माँ-पापा हमें अफ़सोस होता है...आप पर...और स्वयं पर;आपने हमें साहस व निडरता के साथ बचपन जीने ही नहीं दिया...उसी का दुष्परिणाम है कि आज मैं दहेज़ की बलिवेदी पर चढ़ा दी गयी ।
दुनियाँ के हर एक माता-पिता से विनम्र निवेदन है कि अब से भी चेत जाइये । अपनी बेटी को धैर्य, सहनशीलता, विनम्रता के साथ-साथ बचपन से ही निडरता व साहस भी दीजिए । आजीवन अपनी बेटी के साथ भी खड़े रहिये....आपकी बेटी अपनी जंग स्वयं ही लड़ लेगी और विजयी भी होगी।
                                              अगर बेटी में साहस ,निडरता , 
धैर्य ,सहनशीलता ,और विनम्रता है तो किसी भी ससुराल वालों में इतना दम नही कि बहू को हाथ भी लगाने की हिमाक़त करने की सपने में भी सोचे...।
तनिक सोचिये, वर्षों बेटी अपनें माँ-पापा के साथ रहती है और ब्याह के बाद अचानक उसके ससुराल में उसकी हत्या हो जाती है...वो भी दहेज़ के लिये...जिम्मेदार कौन??? ....माँ-पापा आप है .....।
माँ-पापा, याद रखिए ---
1.अपनी बेटी को यह एहसास दिलाते रहिए कि आप उसके साथ प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप में सदैव खड़े हैं ।
2.अपनी बेटियों को धैर्य ,सहनशीलता, विनम्रता के साथ -साथ साहस ,निडरता भी  दीजिये...आत्मविश्वास दीजिए ।
3.आपकी बेटी स्वयं ही दहेज़ के लोभी भेड़ियों को निस्तेनाबूत कर देगी ।
समाज वालों अब आप सब भी
नारीशक्ति को सलाम करने की आदत डाल लीजिये...अब प्राण नहीं प्रण लीजिये कि कोई  भी दहेज़ की बलिवेदी पर नही चढ़ाई जायेगी...।
           
              दहेज़ की वेदी पर चढ़ी
                    राष्ट्र की-
                                एक बेटी

         डॉ. प्रियंका"हम हैं ना"
          मो.न.9450182942

कन्नौज में आयोजित हुआ बसपा का पिछड़ा वर्ग सम्मेलन

कन्नौज से पबन कुशवाह और राजा कटियार की रिपोर्ट

आज ईत्र और इतिहास की नगरी मे गरजे बसपाई कन्नौज की तीनो विधानसभा का विशाल सामाजिक पिछडा वर्ग सम्मेलनहुआ। जिसमे लोगो को आने बाले समय मे सही निर्णय लेने के बारे मे बताया गया सभा को संबोधित कर रहे मुख्य रूप से मुख्य अतिथिमा0 नौशाद आली जी  ( मण्डल कोआर्डीनेटर ) मा0नरेन्द्र कुशवाह  जी मण्डल कोआर्डिनेटर ने जनता को भरोसा दिलाया की अगर बो सुरक्षित है तो सिर्फ बी एस पी की सरकार मे सम्मेलन मे तीनो बिधानसभा के प्रत्याशी मौजोद रहेमा0 ताहिर हुसैन सिद्दीकी जी  प्रत्यासी छिबरामऊविधानसभा )
मा0 विजय सिंह विद्रोही जी ( प्रत्यासी तिर्वा विधानसभा )  
  मा0 अनुराग  सिंह  "अन्नू" जी ( प्रत्यासी कन्नौज विधानसभा  'लोगो के विचारो को लोगो ने सुना सम्मेलन उमड़ा हजारो लोगो का जनसैलाव जनता बीच बीच मे नारे लगाने लगी चढ़ गुंडो की छाती पर बटन दबाओ हाथी पर सम्मेलन के जिला के  सभी पदा धिकरी भी मौजूद रहे

सपा में टिकट वितरण पर मचे घमासान पर विशेष-भोला नाथ मिश्रा

राजनीति इतनी बड़ी बुरी बला होती है जो खून को खून से अलग कर देती है।यहीं कारण है कि आज भाई बाप बेटे माँ सब अलग होते जा रहे हैं।समाज खंडित होता रहा है और राजनीति के चलते लोकतंत्र कमजोर  होता जा रहा है। इतिहास साक्षी है कि समय समय पर सत्ता के लिये खूनी संघर्ष भी हुये हैं और तरह तरह के कुचक्र भी किये गये हैं।जनता या पार्टी के लोग किसे पसंद कर अपने नेता के रूप में देखना चाहते हैं जैसे इससे कोई मतलब ही राजनीति में नहीं रह गया है।लोकतंत्र में नेता जनता बनाती है और जिसे जनता नहीं पसंद करती है वह नेता बन भी नहीं सकता।इस समय राजनैतिक दौर में नेता पार्टी के सदस्य नहीं बल्कि वरिष्ठ नेता प्रोजेक्ट करते हैं।आजकल पार्टियों में लोकतांत्रिक प्रणाली का मजाक उड़ाया जाता है।विधान सभा लोकसभा में पार्टी में पार्टी व्हिप जारी करती है और जो उसकी का उस आदेश निर्देश का उल्लंघन करता है उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही कर दी जाती है। हर पार्टी के चुने अधिकांश जनप्रतिनिधि जर खरीद गुलाम की तरह होते जा रहे हैं।अपनी पार्टी के नेता के खिलाफ खुलकर बोलना मना है भले ही वह पार्टी की नीतियों रीतियो के खिलाफ भ्रष्टाचार व अपराधिक कृत्यो में लिप्त हो।उत्तर प्रदेश में दो महीने में होने जा रहे चुनावों के मद्देनजर हर दल अपने चुनाव प्रचार में जुटा है तो सपा में चाचा भतीजे का पुराना महाभारत टिकट वितरण को लेकर शुरू हो गया है। चाचा ने भतीजे को चित्त कर दिया और जितने मुख्यमंत्री अखिलेश के साथ पिछली महाभारत में मुखरित थे उनके - उनके टिकट काट दिये गये है। जिन्हें मुख्यमंत्री नहीं चाहते थे जो दागी थे जनता पसंद नहीं करती थी जो पार्टी की छबि खराब कर रहे थे उन सबको टिकट दे दिया गया।सपा परिवार में फिर एक बार ऐन चुनाव के समय बेइमान बनाम ईमानदार को लेकर घमासान शुरू हो गया है। कल तो लगा रहा था कि अखिलेश नयी पार्टी बना लेंगे । विधायक दल की बैठक मंत्रिमंडल की बैठक और कुण्डा स्टेट के दरबार में चलें हाई प्रोफाइल घटनाक्रम ने पूरे जनमानस का ध्यान आकृष्ट कर लिया है।समान्तर सपा के गठन तथा समान्तर प्रत्याशियों की सूची भी बन गयी थी।देर रात अखिलेश और मुलायम की बैठक भी हो चुकी है लेकिन अभी महाभारत शान्त नहीं होता दिख रहा है।सपा समर्थक सकते में हैं और बार बार के नाटक से वह नाखुश है।वह इसे पार्टी भविष्य के लिये शुभ नहीं मान रहे हैं।इससे मीडिया में पिछली बार की तरह पार्टी का प्रचार तो बिन पैसा सुर्खियों में मिलेगा लेकिन इसके परिणाम और भविष्य अच्छे नहीं दिखते हैं ।जब पार्टी प्रत्याशी और मुख्यमंत्री समर्थित प्रत्याशी आमने सामने होंगे तो क्या होगा? इसकी कल्पना हर व्यक्ति कर सकता है।सपा प्रमुख और अपने पिता की सरजमी पर जो बेहतरीन फसल उनके बेटे ने पाँच साल में कड़ी मेहनत करके तैयार की हैं उस फसल को पार्टी की नीतियों के चलते रौंदना भी पार्टी के हित में नहीं लगता है। फिलहाल पार्टी के अपने अधिकार नियम और अपनी सोच व कार्यशैली होती है उसमें दखलंदाजी करने का अधिकार किसी को भी नहीं होता है। धन्यवाद।। भूलचूक गलती माफ।।
              भोलानाथ मिश्र
  वरिष्ठ पत्रकार/समाजसेवी
रामसनेहीघाट,बाराबंकी यूपी