Monday, July 31, 2017

जुवांरियो को छुड़ाने गए बीजेपी नेता पुलिस ने की खातिरदारी

पुलिस हिरासत में बंद जुआरियों को छुड़ाने गये एक बीजेपी नेता का दांव उलटा पड़ा। ये खबर उत्तर प्रदेश के बस्ती की है। यहां कप्तानगंज पुलिस ने शुक्रवार को जुआ खेलते कुछ लोगों को हिरासत में लिया था। स्थानीय बीजेपी नेता और हर्रैया विधानमंडल के उपाध्यक्ष संतोष गुप्ता इन जुआरियों को छुड़ाने पहुंचे। लेकिन पुलिस ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया और कानूनी प्रक्रिया पालन करने की बात कही। लेकिन बीजेपी नेता संतोष गुप्ता अड़े गये और पुलिस से बदसलूकी करने लगे। बावजूद इसके पुलिस वालों ने उन्हें समझाना चाहा। एक  हिन्दी वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक एसएचओ रोहित प्रसाद ने बताया कि बीजेपी नेता सिपाहियों से बदसलूकी करने लगे और जुआरियों को छुड़वाने की जिद पर अड़ गये। थोड़ी ही देर बाद बीजेपी नेता पुलिसवालों की वीडियो बनाने लगे और पुलिस वालों के मना करने पर मारपीट पर उतारू हो गये। इस पर पुलिस वालों ने नेता जी की भी पिटाई की और लॉकअप में बद कर दिया।ये खबर तुरंत ही इलाके में फैल गई। हर्रैया से बीजेपी विधायक अजय सिंह के भाई केके सिंह समेत कई स्थानीय बीजेपी नेता थाने पहुंच गये और संतोष गुप्ता को छोड़ने के दबाव बनाने लगे। बाद में पुलिस ने चालान करके इस नेता को छोड़ दिया। लेकिन इस घटना के बाद बीजेपी नेता नाराज हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने बीजेपी नेताओं के साथ बदसलूकी की है और वो उसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। बीजेपी नेताओं का कहना है कि पूरे मामले की शिकायत एसपी से की गई है। अगर पुलिस इस मामले में कार्रवाई नहीं करती है तो वे आंदोलन को मजबूर होंगे।

15 अगस्त को लालकिले पर प्रधानमंत्री का भाषण होगा छोटा

लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 15 अगस्त का संबोधन इस बार छोटा हो सकता है । प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मेरा भाषण थोड़ा लम्बा हो जाता है, इस बार मैंने मन में कल्पना की है कि मैं इसे छोटा करूं। आकाशवाणी पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त को देश के प्रधान सेवक के रूप में मुझे लाल किले से देश के साथ संवाद करने का अवसर मिलता है। मैं तो एक निमित्त-मात्र हूँ। वहाँ वो एक व्यक्ति नहीं बोलता है। लालकि‍ले से सवा-सौ करोड़ देशवासियों की आवाज़ गूँजती है। उनके सपनों को शब्दबद्ध करने की कोशिश होती है और मुझे खुशी है कि पिछले 3 साल से लगातार 15 अगस्त निमित्त देश के हर कोने से मुझे सुझाव मिलते हैं कि मुझे 15 अगस्त पर क्या कहना चाहिए? किन मुद्दों को लेना चाहिए? इस बार भी मैं आपको निमंत्रित करता हूँ। माईजीओवी पर या तो नरेन्द्र मोदी एप पर आप अपने विचार मुझे ज़रूर भेजिए।
मोदी ने कहा, ‘‘मैं स्वयं ही उसे पढ़ता हूँ और 15 अगस्त को जितना भी समय मेरे पास है, उसमें इसको प्रगट करने का प्रयास करूँगा। पिछले 3 बार के मुझे मेरे 15 अगस्त के भाषणों में एक शिकायत लगातार सुनने को मिली है कि मेरा भाषण थोड़ा लम्बा हो जाता है। इस बार मैंने मन में कल्पना तो की है कि मैं इसे छोटा करूँ। ज्यादा से ज्यादा 40-45-50 मिनट में पूरा करूँ। मैंने मेरे लिये नियम बनाने की कोशिश की है; पता नहीं, मैं कर पाऊँगा कि नहीं कर पाऊँगा। लेकिन मैं इस बार कोशिश करने का इरादा रखता हूँ कि मैं मेरा भाषण छोटा कैसे करूँ! देखते हैं, सफलता मिलती है कि नहीं मिलती है।’’
उन्होंने कहा कि मैं आज विशेष रूप से ऑनलाइन जगत, क्योंकि हम कहीं हों या न हों, लेकिन ऑनलाइन तो ज़रुर होते हैं; जो ऑनलाइन वाली दुनिया है और खासकर के मेरे युवा साथियों को, मेरे युवा मित्रों को, आमंत्रित करता हूँ कि नये भारत के निर्माण में वे नवोन्मेषी तरीके से योगदान के लिए आगे आएँ।

आतंक की पीढ़ी चलती रही सीढ़ी दर सीढ़ी

आजादी के बाद से लगातार चित्रकूट जिले में डकैतों की समानांतर सत्ता चल रही है। जब-जब पुलिस ने उनके वर्चस्व को चुनौती दी, तभी किसी दूसरे गिरोह ने और बड़ी वारदात को अंजाम देकर पुलिस की कार्रवाई पर सवालिया निशान लगा दिया। हालिया घटना में दस्यु बबली कोल ने सपा नेता के बेटे व रेलवे कर्मी का अपहरण कर महज 48 घंटे पहले एसटीएफ व पुलिस के संयुक्त अभियान में पकड़े गए एक लाख के इनामी दस्यु गोप्पा यादव की गिरफ्तारी का बदला ले लिया। घटना की खबर मिलते ही एसपी प्रताप गोपेंद्र ने भारी संख्या में पुलिस पीएसी व एसटीएफ के जवानों के साथ मानिकपुर के जंगल को चारों ओर से घेरकर काम्बिंग शुरू कर दी। चित्रकूट जिले का इतिहास कुख्यात दस्यु गिरोहों की आतंक भरी कहानियों से पटा पड़ा है। लगातार तीन दशक तक यहां दस्यु ददुआ की बादशाहत कायम रही तो उसके पराभव के पूर्व ही दस्यु बलखडिया व ठोकिया के गिरोहों ने एक के बाद एक बड़ी वारदातों को अंजाम देकर सरकार की भी नाक में दम कर दिया। इसी वजह से प्रदेश सरकार को यहां डकैत गिरोहों के सफाए के लिए एसटीएफ के विशेष दस्ते को लगाना पड़ा। मुठभेड में ददुआ के मारे जाने के बाद से लगातार एसटीएफ की टीम अपने काम में लगी है पर दस्यु गिरोहों की धमाचौकड़ी से निजात नहीं मिल पा रही है। अभी दो दिन पहले शुक्रवार को एसटीएफ व मऊ थाना पुलिस ने एक संयुक्त अभियान में नाटकीय ढंग से एक लाख रुपये के इनामी दस्यु सरगना गोप्पा यादव को पकड़ा था।

जिले की पुलिस व आम लोग इसे शुभ संकेत मान अपनी खुशी मना ही रहे थे कि दस्यु सरगना बबली कोल ने गोप्पा की गिरफ्तारी के महज 48 घंटे के अंतराल में दो लोगों को अगवा कर पचास लाख की फिरौती मांगकर भर के लोगों व पुलिस को सकते में ला दिया है। घटनाक्रम में बताया गया है कि मानिकपुर के सपा नेता संतू सिंह शनिवार की देर रात अपने बेटे विजय के साथ सतना से लौट कर वापस अपने गांव जा रहे थे। रास्ते में टिकरिया रेलवे क्रासिंग पर अचानक दस्यु बबली कोल अपने गिरोह के साथ सामने आ गया। उनकी गाड़ी रोककर पिता-पु़त्र को अगवा कर लिया।

घटनास्थल पर रेलवे क्रासिंग का गेटमैन बनवंत भी मौजूद था। दस्यु गिरोह ने प्रशासन को चेताने के लिए उसे भी अगवा कर लिया। सपा नेता संतू सिंह की मिन्नत पर उसे इस शर्त पर छोड़ा कि वह दस्यु गिरोह द्वारा की गई इस घटना व पचास लाख की फिरौती मांगने की खबर सभी संबंधित लोगों तक पहुंचा दे। फिरौती देने के लिए कुल तीन दिन का समय दिया गया है।

दस्यु गिरोह ने संतू सिंह को हिदायत दी है कि अगर बेटे की सही सलामत वापसी करानी हो तो पुलिस के चक्कर में मत पड़ना। घटना की खबर मिलते ही एसपी प्रताप गोपेंद्र ने पूरे जिले के पुलिस बल, भारी तादाद में पीएसी व एसटीएफ टीम के साथ जंगल को चारों ओर से घेरकर काम्बिंग शुरू करा दी है। वह कहते हैं कि दस्यु गिरोह को इस हरकत का जवाब दिया जाएगा। पहला प्रयास है कि अगवा किए गए लोगों को किसी तरह सुरक्षित वापस करा लिया जाए पर अब बबली का अंत एकदम करीब ही मानिए।

अब तक जगजाहिर हो चुका है कि पुलिस की किसी भी बड़ी सफलता के बाद कोई न कोई दस्यु गिरोह दूसरी बड़ी वारदात करके प्रशासन व सरकार को चुनौती देने से नहीं चूकता। कुछ ही साल पहले 17 जुलाई 2007 को दस्यु ददुआ को पुलिस मुठभेड में मार गिराने के बाद ठोकिया गिरोह ने जिस तरह घात लगा कर एसटीएफ के आधा दर्जन से अधिक जवानों को मौत के घाट उतार दिया था, उससे न तो एसटीएफ ने कोई सबक लिया और न ही जिले की पुलिस ने। गोप्पा की गिरफ्तारी निश्चित रूप से बड़ी उपलब्धि थी। पुलिस व एसटीएफ को यह मान कर चलना चाहिए था कि इससे बौखलाए दूसरे दस्यु गिरोह कोई बड़ी वारदात कर अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दर्ज कराएंगे।

पचास से अधिक मामले और पांच लाख तीस हजार का इनाम दस्यु बबली कोल चित्रकूट के साथ ही मध्य प्रदेश के सतना सहित कई जिलों में आतंक का पर्याय माना जाता है। उस पर चित्रकूट के साथ एमपी के विभिन्न पुलिस थानों में हत्या व डकैती के दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। उसके आपराधिक इतिहास की लंबी फेहरिस्त है। पुलिस में दर्ज लगभग पचास आपराधिक वारदातों में उसकी तलाश चल रही है।

यूपी सरकार भी उसकी गिरफ्तारी पर इनाम की रकम बढ़ाती रही जो अब तक बढ़कर पांच लाख रुपये हो चुकी है। इसके अलावा एमपी सरकार ने भी उसकी गिरफ्तारी पर तीस हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। इस तरह बबली कोल की गिरफ्तारी पर पांच लाख तीस हजार रुपये का इनाम है। खास बात है कि वह आदिवासी समाज से है और पाठा के जंगलों में आदिवासियों का बाहुल्य है।

वह पुलिस को सहयोग करने की बजाय दस्यु गिरोहों के लिए पुलिस की मुखबिरी करते हैं। यही कारण है कि दस्यु गिरोहों की आवाजाही की भनक तक पुलिस को नहीं लग पाती।

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मैं और मुंशी प्रेमचंद-टैप न्यूज़ इंडिया

मैं और मुंशी प्रेमचंद .आज जिनका जन्मदिन है उनके बारे में लगभग हर कोई परिचित होगा क्योकि हर उस व्यक्ति ने जो हिंदी माध्यम से पढ़ा हो  किसी न किसी कक्षा में उनकी रचना अवश्य पढ़ी होगी ।मैं जब शायद कक्षा 1 में रहा होऊंगा तब ही उनकी पहली रचना पढ़ ली थी क्योंकि मेरी आदत थी कि हमेशा अपने कोर्स की कम लेकिन अगर कही भी कहानी टाइप का कुछ मिल गया फिर वो चाहे किसी भी क्लास में हो पढ़ता जरूर था । शुरुआत में उनकी पढ़ी कहानियों में पंच परमेश्वर , ईदगाह , दो बैलों की कथा , नमक का दारोगा आदि थी और ये सभी इसलिए पढ़ पाया क्योकि ये सभी उस समय यूपी बोर्ड के सिलेबस में थी । इसके बाद जब कॉलेज जाने लगे और जिला पुस्तकालय की सदस्यता ली तब तो उनकी एक दो कहानी ही होंगी जो रह गयी होंगी पढ़ने से । हाँ अधिकतर के नाम अब याद नही रह गए ।प्रेमचंद जी का जो पहला उपन्यास पढ़ा था वो था गोदान । दुर्भाग्यवश आज तक सिर्फ यही उपन्यास पढ़ पाये और कोई नही पढ़ा । जब गोदान तब पढ़ा था तब हम कक्षा 3 में पढ़ते थे और उस समय गोदान शायद कानपुर यूनिवर्सिटी के MA Hindi के सिलेबस में था । बड़े भैया इसे अपने दोस्त के पास से लाये थे लेकिन उन्हें अपनी बीएससी की कोचिंग से फुर्सत नही मिलती थी नतीजा हमने पढ़ लिया । लगभग 10 दिन में पूरा खत्म कर पाए थे । गोदान पढ़ने के बाद पता चला कि प्रेमचंद जी क्या चीज हैं , जितनी देर पढ़ते थे उस समय ऐसा लगता था कि हम भी आजाद भारत के पहले होरी के गांव पहुँच गये हो । तो इस तरह से हमारी और प्रेमचंद जी की असली मुलाकात हुई ।आजकल आप  भले ही चेतन भगत , अमीश त्रिपाठी , अरविंद या किरण देसाई को पढ़ते हो लेकिन एक बार हिंदी कथा सम्राट को भी पढ़कर देखिए जो मजा असली हिंदी में मिलेगा वो अनुवादित हिंदी या असली अंग्रेजी की रचनाओं में नही है । और हाँ मैंने इनमे से सिर्फ अमीश त्रिपाठी की रचना का हिंदी अनुवाद पढ़ा है पर उतना मजा नही आया ।
आपका-प्रसन्नदीप सिंह
लखीमपुर खीरी

मैं धन अर्जित करने वालों का साथ कतई नही दे पाऊंगा-नीतीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कांग्रेस और राजद पर हमला करते हुए आज कहा कि वह विचार से धर्मनिरपेक्षता और पारदर्शिता के समर्थक हैं। कोई धन संपत्ति अर्जित करने के लिए राजनीति करेगा तो वह उसका साथ नहीं दे सकते। विश्वासमत के दौरान नीतीश ने कहा कि बिहार की जनता ने जो जनादेश (मेनडेट) दिया है वह काम करने, जनता की सेवा और पारदर्शिता के लिए दिया है। कई प्रकार की कठिनाइयां आयीं। हमने गठबंधन धर्म का पालन करते हुए हर समस्या को दूर करने की कोशिश की और एक पार्टी :राजद: द्वारा गठबंधन धर्म के विपरित न जाने कितने व्यक्तव्य दिए गए। मैंने सबको झेला।’’ उन्होंने कहा कि हम विचार से धर्मनिरपेक्षता और पारदर्शिता के समर्थक हैं। किसी भी तरह से कोई धन संपत्ति अर्जित करने के लिए राजनीति करेगा तो हम उसका साथ नहीं दे सकते। यह हमारा संकल्प है।नीतीश ने कहा कि बिहार और न्याय के साथ विकास के हित में यह फैसला जदयू ने लिया है। भाजपा और राजग के अन्य घटक दल तथा निर्दलीय विधायक जिन्होंने समर्थन का एलान किया है उन्हें मैं धन्यवाद देता हूं। यह सरकार आगे चलेगी और बिहार की सेवा करेगी।उन्होंने कहा कि मेरी प्रतिबद्धता जनता की सेवा करने की है, न कि एक परिवार :लालू परिवार: की सेवा की। यह राज भोग और मेवा के लिए नहीं बल्कि सेवा के लिए मिलता है और स्थिति ऐसी थी कि मेरे लिए बचाव करना संभव नहीं था।उन्होंने कहा, ‘‘हमने जब समझा कि मेरे लिए अब यह चलाना संभव नहीं है तब हमने अपने आपको अलग कर लिया।......हमने जो भी फैसला लिया वह बिहार के विकास के हित में लिया है।’’ उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता विचार की चीज है। धर्मनिरपेक्षता भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने, शब्द का इस्तेमाल करने के लिए नहीं है।

नीतीश

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर मंडराए आफत के बादल

बलरामपुर  महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, समस्त परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षकों द्वारा विगत् दिवस जिले के समस्त आंगबाड़ी केन्द्रांे का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। जिसमें 41 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व 34 सहायिका अनुपस्थित पाये गये। कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने सौंपे गये दायित्व  का निर्वाहन नहीं करने एवं नियुक्ति निर्देश कंण्डिका 13 के कंण्डिका 13.1 में विहित प्रावधान के तहत् तत्काल सेवा से पृथक करने के निर्देश समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को दिये हैं। साथ ही 07 पर्यवेक्षकों का एक दिन का वेतन काटते हुये उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

बर्खास्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता

पद पृथक किये जाने वाले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में परियोजना बलरामपुर के आंगनबाड़ी केन्द्र अधौरा की कादिरा बानो, वार्ड क्र. 06 की श्रीमती पिंगलावती सिंह, खरहटीपारा की श्रीमती गीता केशरी, सेमली की श्रीमती कमला देवी, जतरो बस्ती की श्रीमती गायत्री देवी, भुंइयापारा की श्रीमती माधुरी केशरी, चम्पापुर की श्रीमती प्रतिमा यादव, परियोजना कुसमी के आंगनबाड़ी केन्द्र काॅलेजपारा की पुनम, स्कूलपारा की श्रीमती अंजनी, भुरसापारा की सोनीपत, खिखिरपारा की चन्द्रवती, कटिमा की कमलमनी, परियोजना रामचन्द्रपुर के आंगनबाड़ी केन्द्र सलवाही अ की कलावती, चुनापाथर की राजकुमारी, रामानुजगंज अ की कलावती मिश्रा, खोपामहुआ की मातेश्वरी द्विवेदी, स्कूलपारा बगरा की रानी रोहदास, मोहरांवपारा चाकी की अनीता देवी, परियोजना राजपुर के आंगनबाड़ी केन्द्र गढ़हौता पारा मिनी की सीता, बासेन की पतांगो, पटेलपारा की उर्सेला, अलखडीहा की फ्रांसिस्का, डकवा 2 की विद्यावती, पटेलपारा की सुमन्ती, हेठपारा की धरमपति, करवा पथ की श्रीमती मुनी, परियोजना शंकरगढ़ के आंगनबाड़ी केन्द्र पतराटोली की श्रीमती समानी, आमगांव की श्रीमती सुधा गुप्ता, परियोजना वाड्रफनगर के आंगनबाड़ी केन्द्र पोखरा खास की इन्द्रावती, पेण्डारी पेनवारी की सोहागो, रजखेता पटेलपारा की मानकुंवर, बजरमारा ब की प्रेमकुमारी, रजखेता मिश्रापारा की पूर्णिमा श्रीवास, सरईडांड की सुनिता, प्रेमनगर परसापारा की अलका यादव, रजखेता जुनाडीह की सविना, ओदारी परसापारा की प्रमिला, सुरसा की प्रतिभा पटेल, बड़कागांव जाबरपारा की फुलमति, हरिजनपारा की सीतामनी, रजखेता इन्दराआवास की बिमला दुबे है।

बर्खास्त आंगनबाड़ी सहायिका

इसी प्रकार पद से पृथक किये जाने वाले आंगनबाड़ी सहायिकाओं में परियोजना बलरामपुर के बलरामपुर ‘अ’ आंगनबाड़ी केन्द्र महात्मागांधी मरियम पारा की श्रीमती शुशिला सिंह, आंगनबाड़ी केन्द्र वार्ड क्रमांक 06 की श्रीमती फलमति सिंह, आंगनबाड़ी केन्द्र अधौरा की श्रीमती जुगेशवरी, आंगनबाड़ी केन्द्र सरनाडीह की श्रीमती भोरनी देवी, आंगनबाड़ी केन्द्र धनवार की श्रीमती मनतुरनी, आंगनबाड़ी केन्द्र दलधोवा की श्रीमती सुमित्रा यादव, परियोजना कुसमी के आंगनबाड़ी केन्द्र भुरसापारा की श्रीमती महामुनी, आंगनबाड़ी केन्द्र बाजारपारा की श्रीमती समिना, आंगनबाड़ी केन्द्र भगतपारा श्रीमती नमिता, आंगनबाड़ी केन्द्र कटिमा की श्रीमती सीतामुनी, परियोजना रामचन्द्रपुर के आंगनबाड़ी केन्द्र चुनापाथर की श्रीमती मोहरमनिया, आंगनबाड़ी केन्द्र सलवाही ‘अ’ की श्रीमती मानकुवंर, आंगनबाड़ी केन्द्र बगरा ‘अ’ की श्रीमती राजपती, परियोजना राजपुर के आंगनबाड़ी केन्द्र किरकच्छार की श्रीमती मिलिया, आंगनबाड़ी केन्द्र राजेन्द्रप्रसाद वार्ड की श्रीमती रीता सोनी, आंगनबाड़ी केन्द्र पटेलपारा की श्रीमती सीमा सोनी, आंगनबाड़ी केन्द्र अलखडीहा की श्रीमती सुकुरमुनी, आंगनबाड़ी केन्द्र बासेन की श्रीमती ज्योति, डकला 2 की श्रीमती अमिया, आंगनबाड़ी केन्द्र करवा पथ की श्रीमती मानकुवंर, आंगनबाड़ी केन्द्र बगाड़ी की श्रीमती बिहानी, आंगनबाड़ी केन्द्र हेठपारा की श्रीमती सरीता, आंगनबाड़ी केन्द्र सिंगचोरा की श्रीमती गुुलाबी, परियोजना शंकरगढ़ के आंगनबाड़ी केन्द्र बचवार की श्रीमती वृन्दावती, आंगनबाड़ी केन्द्र डीपाडीह खुर्द की श्रीमती सियारो, आंगनबाड़ी केन्द्र आमगांव की श्रीमती कुन्ती देवी, परियोजना वाड्रफनगर के आंगनबाड़ी केन्द्र पेण्डारी पेनवारी की श्रीमती देवी, आंगनबाड़ी केन्द्र कोटराही चाचीडाढ़ की श्रीमती फुलपति, आंगनबाड़ी केन्द्र रजखेता बजरमारा ‘अ’ की श्रीमती देवमन, आंगनबाड़ी केन्द्र सुरसा खास की श्रीमती कलेश्वरी, आंगनबाड़ी केन्द्र ओदारी परसा पारा की श्रीमती रिता, आंगनबाड़ी केन्द्र बड़कागांव जाबरपारा की श्रीमती श्रृंगारपति, आंगनबाड़ी केन्द्र सुरसा, आंगनबाड़ी केन्द्र सुरसा की  श्रीमती बंसती, आंगनबाड़ी केन्द्र गोवर्धनपुर पटेलपारा की श्रीमती इनकुवंर को पद से पृथक करने हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को निर्देशित किया गया है।

निरीक्षण दिवस में अनुपस्थित पर्यवेक्षकों में परियोजना बलरामपुर के सेक्टर तातापानी की पर्यवेक्षक श्रीमती माधवी बंजारे, परियोजना शंकरगढ़ के सेक्टर शंकरगढ़ 1 की श्रीमती पानतारा यादव, डीपाडीह 01 की पुष्पा निराला, डीपाडीह 02 की मांगो बड़ा, परियोजना कुसमी के सेक्टर सामरी की हिरामनी भगत, गोपातु की जेमिना बेक तथा करकली की श्रीमती ललिता रवि को एक दिवस का वेतन काटते हुये कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

जानिए गौतमबुद्ध के विचार क्या थी सोंच क्या था कहना

जो गुजर गया उसके बारे में मत सोचो और भविष्य के सपने मत देखो
केवल वर्तमान पे ध्यान केंद्रित करो ।
                   *– गौतम बुद्ध*

.... आप पूरे ब्रह्माण्ड में कहीं भी ऐसे व्यक्ति को खोज लें जो आपको आपसे ज्यादा प्यार करता हो, आप पाएंगे कि जितना प्यार आप खुद से कर सकते हैं उतना कोई आपसे नहीं कर सकता।
                   *– गौतम बुद्ध*

.... स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है, संतोष सबसे बड़ा धन और विश्वास सबसे अच्छा संबंध।
                  *– गौतम बुद्ध*

.... हमें हमारे अलावा कोई और नहीं बचा सकता, हमें अपने रास्ते पे खुद चलना है।
                    *– गौतम बुद्ध*

.... तीन चीज़ें ज्यादा देर तक नहीं छुपी रह सकतीं – सूर्य, चन्द्रमा और सत्य
                   *– गौतम बुद्ध*

.... आपका मन ही सब कुछ है, आप जैसा सोचेंगे वैसा बन जायेंगे ।
                   *– गौतम बुद्ध*

.... अपने शरीर को स्वस्थ रखना भी एक कर्तव्य है, अन्यथा आप अपनी मन और सोच को अच्छा और साफ़ नहीं रख पाएंगे ।
                   *– गौतम बुद्ध*

.... हम अपनी सोच से ही निर्मित होते हैं, जैसा सोचते हैं वैसे ही बन जाते हैं। जब मन शुद्ध होता है तो खुशियाँ परछाई की तरह आपके साथ चलती हैं ।
                    *– गौतम बुद्ध*

.... किसी परिवार को खुश, सुखी और स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरुरी है - अनुशासन और मन पर नियंत्रण।
अगर कोई व्यक्ति अपने मन पर नियंत्रण कर ले तो उसे आत्मज्ञान का रास्ता मिल जाता है
                   *– गौतम बुद्ध*

.... क्रोध करना एक गर्म कोयले को दूसरे पे फैंकने के समान है जो पहले आपका ही हाथ जलाएगा।
                    *– गौतम बुद्ध*

.... जिस तरह एक मोमबत्ती की लौ से हजारों मोमबत्तियों को जलाया जा सकता है फिर भी उसकी रौशनी कम नहीं होती उसी तरह एक दूसरे से खुशियाँ बांटने से कभी खुशियाँ कम नहीं होतीं ।
                   *– गौतम बुद्ध*

.... इंसान के अंदर ही शांति का वास होता है, उसे बाहर ना तलाशें ।
                  *– गौतम बुद्ध*

.... आपको क्रोधित होने के लिए दंड नहीं दिया जायेगा, बल्कि आपका क्रोध खुद आपको दंड देगा ।
                  *– गौतम बुद्ध*

.... हजारों लड़ाइयाँ जितने से बेहतर है कि आप खुद को जीत लें, फिर वो जीत आपकी होगी जिसे कोई आपसे नहीं छीन सकता ना कोई स्वर्गदूत और ना कोई राक्षस ।
                  *– गौतम बुद्ध*

.... जिस तरह एक मोमबत्ती बिना आग के खुद नहीं जल सकती उसी तरह एक इंसान बिना आध्यात्मिक जीवन के जीवित नहीं रह सकता ।
                 *– गौतम बुद्ध*

.... निष्क्रिय होना मृत्यु का एक छोटा रास्ता है, मेहनती होना अच्छे जीवन का रास्ता है, मूर्ख लोग निष्क्रिय होते हैं और बुद्धिमान लोग मेहनती ।
                   *– गौतम बुद्ध*

.... हम जो बोलते हैं अपने शब्दों को देखभाल के चुनना चाहिए कि सुनने वाले पे उसका क्या प्रभाव पड़ेगा,
अच्छा या बुरा ।
                  *– गौतम बुद्ध*

.... आपको जो कुछ मिला है उस पर घमंड ना करो और ना ही दूसरों से ईर्ष्या करो, घमंड और ईर्ष्या करनेवाले लोगों को कभी मन की शांति नहीं मिलती ।
                   *– गौतम बुद्ध*

.... अपनी स्वयं की क्षमता से काम करो, दूसरों निर्भर मत रहो ।
                *– गौतम बुद्ध*

..... असल जीवन की सबसे बड़ी विफलता है हमारा असत्यवादी होना ।
                *–  गौतम बुद्ध.*

रिलायंस कम्पनी ने पंजीयक विभाग से मिलकर किया गोल माल

सिंगरौली :--(दिनेश पाण्डेय)*रिलायंस कम्पनी व पंजीयक विभाग के मिलीभगत से सरकार को करोड़ों का राजस्व नुकसान हुआ है ।नाम न छापने के शर्त पर कम्पनी के ही एक जिम्मेदार अधिकारी की बातो पर गौर करे तो कम्पनी के भू अर्जन से सम्बन्धित अधिकारी व पंजीयक विभाग के अधिकारी मिलकर नौगढ़ ,आमलोरी ,मुहेर ,की जो भी जमीनें रजिस्ट्री कराई गई है उसमे ज्यादा तर मकानों व पौधों तथा कूपों का उल्लेख नही किया गया है ।खाली जमीन दिखाकर पंजीयक के मिलीभगत से सरकार के राजस्व का करोड़ों रुपये का गमन किया गया है ।जिसकी उच्चस्तरीय जाँच होनी चहिये। बतादे की हालहीमे ऐसा ही एक मामला रिलायंस कम्पनी व पंजीयक विभाग के गठजोड़ को उजागर करता है ।परसौना व्यापार संघ के अध्यक्ष व विस्थापित नेता मनोज दुबे ने बताया की नौगढ़ की आराजी क्रमांक 734/3के 1,518हे.व 737/1के 1,505हे.की जमीन दिसम्बर 2016 मे रिलायंस द्वारा क्रय की गई जिसमे रजिस्ट्री मे साफ लिखा है की मौजूदा मे जमीन मे मकान ,वृक्ष ,कूप ,बुनियाद या बाउंड्रीबाल नही है व उक्त जमीन मेन रोड से 5किलोमीटर दूर दर्शाया गया है । जबकि सच्चाई यह है कि उस जमीन पर पुराने पेड़ है ,मकान है व  बाउंड्रीबाल भी है तथा मेन रोड से 500मी.दूरी पर उक्त जमीन स्थित है।संघ के अध्यक्ष श्री दुबे ने जिला प्रशासन से माँग कि है की उक्त प्रकरण की उच्चस्तरीय जाँच की जाये।