Sunday, September 24, 2017

अब डाक टिकट पर आएगा सिर्फ आपका चेहरा जाने कैसे

समस्तीपुर, (बिहार) ग्लोबल मार्केटिंग और प्रतिस्पर्धा की दौर में डाक विभाग अपने विशालतम नेटवर्क,विश्वसनीय साख और राजमहलों के चकाचौन्ध से सहमी-शर्मायी झोपड़ियों तक कि पहुंच के साथ सीमित संसाधनों का प्रयोग कर नित्य नई-नई आकर्षक सेवाएँ  शुरू कर रहा है जिसके असर से  डाक विभाग के आय में दिनों-दिन बढ़ोतरी स्पष्ट देखी जा सकती है और योजनाओं की अगली कड़ी में 'माई-स्टाम्प' की शुरुआत जल्द ही समस्तीपुर प्रधान डाकघर से की जाएगी।इस संबंध में  समस्तीपुर प्रधान डाकघर के जनसंपर्क निरीक्षक सह मार्केटिंग एक्सक्यूटिव शैलेश कुमार सिंह ने उक्त बातें आज 'भारतीय डाक आपकी सेवा में' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।             उन्होंने कहा कि देश के नौनिहालों के साथ-साथ अन्य लोगों का पत्र-लेखन के प्रति आकर्षण बनाये रखने की दिशा में 'माई-स्टाम्प' योजना 'मील का पत्थर' साबित होगा।उन्हें आगे बताया कि  विशेष ब्यक्ति या अवसर पर अब तक  जारी होने वाला भारतीय डाक-टिकट अब पुराने चेहरे से अलग नई रूप-रेखा में ढलता नज़र आएगा और इस उद्देश्य से 'माई स्टाम्प' योजना  आम लोगों की पहचान बन सकता है। देश का कोई भी आम ब्यक्ति इस 'माई स्टाम्प' योजना अंतर्गत अपने चेहरे तथा नाम से डाक टिकट निकलवा सकता है,जिसका उपयोग डाक विभाग के माध्यम से भेजे जानेवाले साधारण पत्रों वाले लिफाफे,निबंधित पत्रों तथा स्पीड पोस्ट, डाक टिकट संग्रहण के साथ-साथ जन्मदिन,शादी जैसे अन्य सुखद पलों को यादगार बनाने या भेंट स्वरूप देने के लिए किया जा सकता है ।श्री सिंह ने समस्तीपुर प्रधान डाकघर से शुरू होनेवाली इस नवीनतम योजना संबंधित विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 'माई स्टाम्प' योजना का लाभ लेने हेतु ग्राहकों को डाक विभाग के निर्दिष्ट प्रारूप में अपना नाम,पता,मोबाइल नंबर,ईमेल,पहचान पत्र की प्रति,  एक पासपोर्ट आकार का खुद का फोटो के साथ 5/- रूपये मूल्य वर्ग के 12 डाक-टिकटों के प्रति सेट के लिए 300/- रू०(न्यूनतम) की दर से अपने चेहरे का डाक टिकट निकलवा सकते हैं।यह टिकट 2 टिकटों का जुड़ा हुआ स्वरूप 2 भाग में होगा,जिसके पहले भाग पर जहाँ टिकट छपवाने वाले ब्यक्ति का फोटो और नाम होगा तो दूसरे भाग पर भारतीय फूल डॉलिया,लिली, ताज महल, ग्रीटिंग्स,परी रानी, राशि चिह्न, आदि के परंपरागत प्रतीक की आकृति के साथ 5/- रू० मूल्य वर्ग भी अंकित रहेगा तथा टिकट के दोनों भाग को अलग-अलग इस्तेमाल करने पर विभाग द्वारा इसकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी यानी इन दोनों भाग का अलग-अलग इस्तेमाल सर्वथा वर्जित है और टिकट का मूल्य बेकार चला जायेगा,इसलिए टिकट का आपस मे जुड़ा होना आवश्यक होगा।कार्यक्रम के अंत मे श्री सिंह ने  उपस्थित लोगों से 'माई स्टाम्प' योजना का भरपूर लाभ लेने की अपील की।            बताते चले कि  पटना (बिहार) के व्हीलर सीनेट हॉल में 10 फरवरी से 13 फरवरी 2012 तक चले 'बिहार डाक-टिकट प्रदर्शनी 2012' का उद्घाटन बिहार के तात्कालिक राज्यपाल महामहिम श्री देवा नंद कुँवर जी के कर कमलों से किया गया था और इस अवसर पर अपने सेवा-भाव और सक्रिय कार्य शैली की बदौलत डाक विभाग की पहचान के रूप में स्थापित समस्तीपुर प्रधान डाकघर के जनसम्पर्क निरीक्षक शैलेश कुमार सिंह का 5/- रूपये मूल्य वर्ग का डाक टिकटों का सेट  जारी हुआ था।श्री सिंह ने बताया कि 'माई स्टाम्प' संबंधित किसी भी जानकारी हेतु सीधे तौर पर जनसम्पर्क निरीक्षक से या उनके मोबाइल न०-07763819709 के माध्यम से डाकघर के किसी भी कार्य-दिवस को संपर्क किया जा सकता है। मौके पर उपस्थित टेक्नॉमिशन स्कूल के सचिव डॉ०(प्रो०) मुकुंद कुमार और प्राचार्य वी०के० मिश्रा ने विद्यालय परिवार की ओर से 'माई स्टाम्प' योजना अंतर्गत 100 डाक-टिकटों के सेट निर्गत करने के लिए अपना आवेदन प्रेषित किया।

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