Tuesday, September 26, 2017

अक्टूबर महीने का राशिफल चमका देगा किस्मत आप बनेंगे अपराजेय

मासिक भविष्यफल- अक्टूबर का महीना 12 राशियों के लिए रहेगा कुछ ऐसा
मेष – मेष (Aries) चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ
इस माह सामाजिक गतिविधियों  में वृद्धि होगी। आय की अपेक्षा व्यय की अधिकता रहेगी। कार्यों में उलझने आएंगी। वाहन एवं रोजगार प्राप्ति के अवसर आएंगे। विदेश यात्रा का योग बनेगा। व्यावसायिक प्रगति होगी। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। जीवनसाथी से वांछित सहयोग मिलेगा। इच्छित पद प्राप्ति सम्भव है। उत्तरार्द्ध में समस्याओं में वृद्धि होगी। यह माह आपके लिए मिलाजुला रहने वाला है। इस माह में नए कार्यों के अवसर मिलेंगे, लाभ उठाने का प्रयास करें। पारिवारिक और कार्यक्षेत्र में तनाव अड़़चने परेशानियां बनी रहेंगी लेकिन संयम से निपट सकते हैं। किसी भी काम में जल्दबाजी से बचें। व्यवसाय व कारोबार में अनिश्चतता बनी रहेगी। आय से व्यय अधिक होगा। स्वास्थ्य पर ध्यान दें, लापरवाही न करें। आपकी राशि से तीसरे भाव में गुरु का गोचर यात्राओं, स्थान परिवर्तन, घर में मांगलिक कार्यो में व्यय के योग बनाएगा। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें | अक्टूबर मास की 5, 7, 23 एवं 25 तारीखें श्रेष्ठ फलदायक हैं, अत: सावधान रहें।

उपाय – राहू का जाप करवाएं और ॐ नम: शिवाय मन्त्र का जाप करें।

वृषभ – वृषभ (Taurus) उ, ई, ऐ, ओ, बा, बी, बे, बो
इस माह मान-सम्मान में वृद्धि होगी। पारिवारिक परेशानियों में वृद्धि होगी। स्त्री वर्ग से वांछित सहयोग मिलेगा। मित्रवर्ग से भी अपेक्षित मदद प्राप्त होगी। राजकीय कार्यों में लाभ होगा। भूमि संबंधी क्रय-विक्रय में सावधानी रखें। व्यक्तिगत दृष्टि से यह माह श्रेष्ठ फलदायक सिद्ध होगा। कार्य प्रबन्धन सर्वश्रेष्ठ स्तर का रहेगा। आय में सामान्यत: औसत रहेगी। नवीन व्यावसायिक संधि सम्भव है। व्यावसायिक संबंधों का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। माता के स्वास्थ्य के कारण चिंतित रहेंगे। यात्राएं कष्टप्रद रहेंगी। माह के प्रारम्भ में कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। नौकरी व्यवसाय में उलझने बढ़ेंगी क्रोध और अतिविश्वास से बचे, कार्यस्थल पर धोखा हो सकता है। व्यर्थ का वाद-विवाद मानसिक कष्ट, सरकारी क्षेत्र में परेशानी, विरोधियों से हानि की सम्भावना बनी रहेगी हालांकि माह के उत्तरार्द्ध में धन संबंधित काम बनते नजर आएंगे। विपरीत परिस्थितियों में भी निर्वाह योग्य आय के साधन बनते रहेंगे। स्वास्थ्य कुछ ढीला एवं वृथा मानसिक तनाव रहेगा, धन का खर्च अधिक रहेगा। अक्टूबर मास की 1, 3, 13, 20 एवम 21 तारीखें श्रेष्ठ फलदायक हैं, अत: सावधान रहें।

उपाय – श्री सूक्त का पाठ करें हर तरह से लाभ प्राप्त होगा, चांदी धारण करें।

मिथुन – मिथुन (Gemini) क, की, कू, घ, ड, छ, के, को, हा
इस माह अध्ययन-अध्यापन में रूचि बढ़ेगी। व्यापार में वृद्धि होगी। रोजगार के अवसर सृजित होंगे। राजकीय कार्यों में लाभ होगा। भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। संतान के कारण चिंतित रहेंगे। आमदनी में वृद्धि से धन संग्रह में वृद्धि होगी। भाग-दौड़ की अधिकता रहेगी। इस माह कर्इ बार आपकी कार्य क्षमता की परीक्षा होगी। उत्तरार्द्ध में तनाव की स्थितियां भी आएंगी। इस माह  5 अक्टूबर से मंगल का शुभ स्थान से गोचर श्रेष्ठ फल देने वाला होगा। नौकरी व्यापार में धन लाभ व् उन्नति के प्रबल योग बन रहे हैं। पिछले समय किए गए कार्यों का परिणाम अब मिलेगा। पराक्रम व अपने उधम द्वारा आय के साधनों में वृद्धि होगी, उच्च प्रतिष्ठित व्यक्तियों से संपर्क बनेंगे। सुख-सुविधा के साधनों में वृद्धि होगी, पैसा अच्छा मिलेगा आत्मविश्वास बना रहेगा। नई आकस्मिक सूचना लाभप्रद रहेगी लेकिन लापरवाही किए कराए पर पानी फेर सकती है, सजग रहें। पेट संबंधी समस्या से सावधान रहें। अक्टूबर माह की 4, 5, 13, 15 एवं 23 तारीखें श्रेष्ठ फलदायक हैं अत: सावधान रहें।

उपाय – विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें विशेष लाभ मिलेगा।

कर्क – कर्क (Cancer) ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो
इस माह व्यापारिक कार्यों में वांछित लाभ होगा। राजकीय कार्यों में लाभ होगा। उच्चाधिकारियों की अनुकम्पा प्राप्त होगी। पारिवारिक सहयोग व सान्निध्य में वृद्धि होगी। आर्थिक दृष्टि से दबाव के बावजूद आप लक्ष्य से विचलित नहीं होंगे। संतान से सुखद समाचार मिलेगा। इस माह आप कार्य स्थान पर कुछ खास कर दिखाएंगे।  नेत्र रोग, उदर रोग, जोड़ों के दर्द का कष्ट होगा। इस माह घर में मांगलिक कार्य होंगे। सोचे कार्यों में सफलता मिलेगी, निजी व्यवहार कुशलता का लाभ मिलेगा। पारिवरिक संबंधों में सुधार होगा। इस माह व्यापारिक सौदे समय पर पूरा कर सकते हैं। खास लोगों से मुलाकात अच्छे अवसर प्रदान कर सकती है लेकिन मित्र पर ज्यादा विश्वास से बचें। आपकी राशि द्वादश गुरु स्वास्थ की चिंता पैदा कर सकती है। किसी पर अति विश्वास और निर्भर रहना मानसिक तनाव पैदा करेगा। अपव्यय से बचें। अक्टूबर मास की 1, 3, 15, 17 एवं 24 तारीखें श्रेष्ठ फलदायक हैं। अत: सावधान रहना चाहिए।

उपाय – नारियल में शुद्ध घी और शक्कर का बुरा भरकर चींटियों की जगह पर रखें, व्यवसाय में अनुकूलता बनेगी।

सिंह – सिंह (Leo) मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे
इस माह धन, मान-सम्मान एवं पद प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी। धार्मिक कार्य का आयोजन होगा। यात्राएं सम्भव हाेंगी। किसी पुराने मामले में पुन: उलझनों की स्थितियां उत्पन्न होंगी। सामाजिक दायित्व की वृद्धि होगी। सामाजिक मान-सम्मान भी बढ़ेगा। शत्रुओं द्वारा अनावश्यक षडयंत्र रचा जाएगा। नवीन कार्य योजनाएं बनेंगी। कुल मिलाकर यह माह अनुकूल जाएगा। आय अच्छी होगी। इस माह के पहले सप्ताह के बाद संघर्ष करना होगा। व्यर्थ की भागदौड़ रहेगी। गुरु का आपकी राशि से एकादश होने से संतान, धन और पराक्रम में वृद्धि के योग हैं लेकिन किसी की गवाही से दूर रहें। दिनांक 26 के बाद भूमि, मकान एवं वाहन संबंधी परेशानियां पैदा हो सकती हैं। कार्यस्थल और परिवार में व्यर्थ का तनाव और खर्च की अधिकता रहेगी। इस मास की 15, 25, 26 एवं 29 तारीखें श्रेष्ठ फलदायक हैं, अत: सावधान रहें।

उपाय – सूर्य को जल में गुड़ और लाल रंग के पुष्प डाल कर चढ़ाएं। तांबे का सिक्का जल में प्रवाहित करें।

कन्या – कन्या (Virgo) टो, पा, पी,पू, ष, ण, ठ, पे, पो
इस माह व्यापारिक गतिविधियों में कमियां आएंगी। व्यापार में हानि हो सकती है। भूमि, भवन या संपत्ति का लाभ मिलेगा। शत्रु हानि पहुंचाने का प्रयास करेंगे, किंतु सफल नही होंगे। कार्य व्यवसाय में किसी षडयंत्र के प्रति सजग रहें। प्रथमार्ध में जहां गतिरोध की अधिकता रहेगी वहीं उत्तरार्द्ध में कुछ शांति होगी। समाज में यश प्रतिष्ठा बढ़ेगी। आपको अत्यधिक दौडभाग करनी पड़ेगी। आय से अधिक व्यय के कारण मानसिक और पारिवारिक तनाव बना रहेगा। मन  की खिन्नता संबंधो में परेशानी का सबब बन सकती है। इस बीच विदेश सम्बन्धी काम या विदेश यात्राओं के योग बन सकते हैं। धार्मिक यात्राएं और धार्मिक कार्यो में समय व्यतीत होगा। स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। आय, कैरियर संबधित चिंता रहेगी। अक्टूबर मास की 3, 11, 13, 21 एवं  23 तारीखें श्रेष्ठ फलदायक हैं, अत: सावधान रहना चाहिए।

उपाय – दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। इस पाठ से विशेष लाभ होगा।
तुला –  तुला (Libra) रा, री, रू, रे, ता, ती, तू, ते
इस माह मानसिक अशांति रहेगी। शत्रुओं की वृद्धि एवं शारीरिक कष्ट रहेंगे। परिवार में प्रोपर्टी संबंधी विवाद उभरेगा। सांझेदारी के कार्यों में विवाद एवं हानि की स्थितियां आएंगी। भूमि-भवन का लाभ संभव है। नवीन योजनाओं का क्रियान्वयन होगा। राजनीति से लाभ होगा। राजकीय कार्यो में सफलता मिलेगी। उत्तरार्द्ध में रुके हुए कार्य भी बनने लगेंगे। इस माह आशानुकूल लाभ में कमी रहेगी इससे मानसिक तनाव बना रहेगा। कार्यस्थल और परिवार में उलझनों के कारण मन अशांत रह सकता है। आर्थिक योग मध्यम हैं। प्रापर्टी सम्बन्धी परेशानी बनी रहेगी, जहां तक सम्भव हो बड़े और ख़ास कार्यो को पैंडिग रखें। माह की दिनांक 17 से स्वास्थ्य संबधी ध्यान रखें ,सिरदर्द और आंखों में कष्ट की सम्भावना बनी रह सकती है। अक्टूबर मास की 1, 9, 19, 20 एवम 27 तारीखें श्रेष्ठ फलदायक हैं, अत: सावधान रहें।
उपाय – सिद्ध मन्त्र ॐ हं हनुमंते नम: का जाप प्रतिदिन करें, लाभप्रद होगा।
वृश्चिक –  वृश्चिक (Scorpio) तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू
इस माह परिवार से विशेष सहयोग की प्राप्ति होगी। व्यापारिक लाभ में कमी आएगी। उच्चाधिकारियों से टकराव की स्थितिया आएंगी। कानूनी उलझन में पड़ने का भय है। सामाजिक कार्यों में भागीदारी बढ़ेगी। भवन प्राप्ति सम्भव है। नजदीकी लोगों के व्यवहार से निराशा होगी। उत्तरार्द्ध में परिस्तिथियां आपके पक्ष में होंगी।  इस माह अपने कार्य क्षेत्र में नए कार्यों की तरफ रुझान बढ़ सकता है, परेशानियों के बावजूद नौकरी या व्यापार के क्षेत्र में लाभ की स्थिती बनेगी। परिवार में मनमुटाव की स्थिति बनेगी अत्यधिक खर्च होगा। व्यर्थ की भागदौड़ से बचें, स्वास्थ्य का ध्यान रखें। किसी भी स्थिति में खुद के निर्णय पर कायम रहें, लालच से बचे, धोखा हो सकता है। धार्मिक यात्राओं के योग हैं। अक्टूबर मास की 5, 7, 16, 24 एवं 26 तारीखें श्रेष्ठ फलदायक हैं, अत: सावधान रहें।

उपाय - आप 43 दिनों तक गेहूं के आटे में गुड़ मिलाकर रोटी बनाएं और हनुमान जी के पैर में रखें, गृह क्लेश नहीं होगा।

धनु –  धनु ( Sagittarius) ये, यो, भ, भी, भू, धा, फा, ढा, भे
इस माह आत्म विश्वास में वृद्धि के साथ-साथ कार्य क्षेत्र में उन्नति होगी। संतान पक्ष से सुखद समाचार मिलेगा। भूमि-भवन संबंधी विवाद सम्भव है। वाहन चलाने में सावधानी रखें। काम-काज के संबंध में खूब भागदौड़ होगी। धन प्राप्ति में वृद्धि होगी। भागीदारी कार्यों से भी लाभ होगा। उत्तरार्द्ध थोड़ा कष्टप्रद रहेगा। व्यक्तिगत रिश्तों में आपको सावधानी रखनी होगी। क्रोध और चिंता की अधिकता बनी रहेगी। भागदौड परिश्रम ज्यादा रहेगा। खर्च में सावधानी बरतें। हालांकि 17 तारीख के बाद परेशानियों में कमी आ जाएगी। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। धर्म-कर्म में रूचि बढ़ेगी, धार्मिक यात्राएं होंगी। माह के अंत में  व्यवसाय के क्षेत्र में धन लाभ के अवसर मिलेंगे। पराक्रम में वृद्धि तथा उच्च प्रतिष्ठत लोगों के साथ संपर्क बढ़ेगे। अक्टूबर मास की 10, 17, 19 एवं 28 तारीखें श्रेष्ठ फलदायक हैं, अत: सावधान रहें।

उपाय – पीले कपड़े में चने की दाल और साबुत हल्दी बांध कर मंदिर में दान करें साथ ही गायत्री मंत्र का जाप शुभप्रद होगा।

मकर -  मकर (Capricorn) भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, ग, गी
इस माह में मित्रवर्ग का वांछित सहयोग मिलेगा। जीवन साथी व संतान का सुख मिलेगा। राजकीय कार्यों में सफलता मिलेगी। घरेलू कारणों से मन खिन्न रहेगा। किसी न्यायालयीय प्रकरण से मुक्ति मिलेगी। छोटी-मोटी कर्इ समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।  इस माह सुधार दिखेगा। अनसोचे कार्य सिद्ध होंगे। आशातीत सफलता मिलेगी योग्यता अनुभव का लाभ मिलेगा। व्यापारिक सौदे सुखद होंगे। आर्थिक कार्यों के योग बन सकते हैं, विशेष प्रयास करें। आपका पारिवारिक और आर्थिक तनाव बढ़ सकता है। आपसी लेन-देन में सावधानी बरतें। वाद-विवाद आपसी मतभेद से बचें। वाहन में सावधानी रखें। अक्टूबर माह की 7, 16, 24, 26 एवं 27 तारीखें श्रेष्ठ फलदायक हैं, अत: सावधान रहें।

उपाय – सिद्ध मंत्र ॐ हं हनुमंते नम: का जाप प्रतिदिन करे लाभप्रद होगा।

कुम्भ – कुंभ ( Aquarius) गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा
आप इस माह व्यर्थ किसी विवाद में पड़ सकते हैं। धार्मिक रुझान बढ़ेगा। रुके हुए धन की प्राप्ति होगी। उत्तरार्द्ध में विशिष्ट लाभ की स्थितियां बनेगी। पठन कार्यों में रूचि बढ़ेगी। व्यावसायिक गतिविधियों में वृद्धि होगी। कार्य क्षेत्र में लाभ की मात्रा बढ़ेगी। मित्र वर्ग से लाभ होगा। जीवन साथी का सहयोग व सन्निध्य मिलेगा। यह माह व्यावसायिक उपलब्धियों का रहेगा। इस माह मिला-जुला परिणाम मिलेगा। छोटी-बड़ी बात से काम बिगड़ जाएंगे। किसी भी बात को प्रतिष्ठा का प्रश्न न बनाएं संयमित रहें, प्रयास करने पर लाभ के अवसर मिलेंगे। आय कम खर्च अधिक होगा। अत्यधिक श्रम के पश्चात निर्वाह योग्य साधन बनेंगे। नौकरी व्यवसाय में उतार चढा़व के योग हैं। सावधानी रखें बड़े़ निर्णय जल्दबाजी में नहीं करें। लम्बी यात्राएं होंगी। धार्मिक आयोजन में खर्च के योग हैं। इस अक्टूबर मास की 1, 3, 11, 13 एवं तारीखें श्रेष्ठ फलदायक हैं, अत: सावधान रहें।

उपाय – आप इस माह गणेश जी की अराधना करें एवं ”ऊँ गं गणपतये नम: मन्त्र का जाप विशेष लाभ देगा।

मीन –  मीन (Pisces) दी, दू, थ, झ, दे, दो, चा, ची
इस माह व्यापार में उन्नति, प्रियजनों से मतभेद एवं यात्रा में कष्ट होगा। नवीन रोजगार की प्राप्ति संभव है। विदेश यात्रा का योग है। प्रथमार्ध जहां कष्टप्रद रहेगा वहीं उत्तरार्द्ध में अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। कोर्इ करीबी दोस्त धोखा दे सकता है। मन में निराशा का भाव रहेगा। किसी विशेष कार्य हेतु प्रयासरत रहेंगे, जिसमें सफलता भी मिलेगी। लेन-देन के मामलो में कोर्इ विवाद भी उभरकर आ सकता है। सामाजिक कार्यो में बाधाएं आएंगी। माह की शुरुआत में आर्थिक योग माध्यम है। नौकरी व्यवसाय में सामान्य उन्नति दिखती है, लेकिन परिश्रम करने से स्थिति अनुकूल हो सकती है। मित्रों का सहयोग मिलेगा। माह में धार्मिक और मांगलिक कार्यो में खर्च की अधिकता रहेगी। परिवार को समय दे पाएंगे। किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति के सहयोग से उन्नति के विशेष अवसर प्राप्त होंगे। मानसिक तनाव एवं गुप्त चिंताएं बनी रहेंगी। पेट संबंधी बिमारी से सावधानी बरतें। इस अक्टूबर माह की 6, 8, 18, 23 एवं 24 तारीखे श्रेष्ठ फलदायक हैं, अत: सावधान रहें।

उपाय - दशरथकृत शनि स्त्रोत का पाठ करें,.शनि पीड़ा से मुक्ति मिलेगी अथवा आप नित्य शनि की अराधना करें एवं नित्य ”ऊँ शं शन्नेश्चराय नम:” का जाप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।
ज्योतिर्विद् अभय पाण्डेय
वाराणसी
9450537461

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