Saturday, October 14, 2017

गोंडा के सरकारी अस्पताल बेहाल

गोंडा आल मीडिया जर्नलिस्ट बेलफेयर एसोसिएशन गोंडा।  गोंडा जनपद मे स्वास्थ्य सेवाए बदहाल और लाचार अवस्था मे है जिसको दूर करने मे विभाग व स्वास्थ्य मंत्रालय भी लाचार है ।जिसका सीधा कारण गलत सोच व सभी का भ्रष्टाचार के आकंठ मे डूबा होना है ।कोई भी दिल से स्वास्थ्य सेवाओ को सुधारना नही चाहता है ।जिसकी बानगी  जिले के मुख्य अस्पताल से लेकर ग्रामीण स्तर तक के स्वास्थ्य केन्द्रो तक देखने को मिल रही है  जिसकी एक नमूना सीएचसी इटियाथोक के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो मे बखूबी देखने को मिल रही है ।इसी सीएचसी के अन्तर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बसंत पुर राजा मे देखने को मिल रही है ।इस स्वास्थ्य केन्द्र का जायजा लिया गया तो यह तथ्य निकल कर सामने आए है ।यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जो कि झाडी झुगांड व गंदगी से युक्त है जहाॅ देखकर यही लगता है कि काफी दिनो से साफ सफाई  नही है इसके लिए सफाई कर्मी भी जिम्मेदार है वही स्वास्थ्य केन्द्र पर किसी डाक्टर की तैनाती नही यह स्वास्थ्य केन्द्र महज फार्मासिस्ट के सहारे संचालित है जो डाक्टर व कम्पाउंडर दोनो का काम कर रहा है अब ऐसे मे प्रश्न उठना लाजिमी है कि जब स्वास्थ्य विभाग की लाचारी नही तो क्या है कि स्वास्थ्य केन्द्र पर डाक्टर व अन्य स्टाफ की नियुक्ति आज तक नही हुई है ।क्या बिल्डिंग खड़े कर देने से ग्रामीणो को स्वास्थ्य सेवाए मुहैया हो जाती है ।क्या फार्मासिस्ट को डाक्टर की तरह इलाज करने का अधिकार किसने दिया दूसरी तरफ जब फार्मासिस्ट  को इलाज करने का आदेश है तो फिर डॉक्टरो की क्या आवश्यकता है जब वहाॅ पर उपस्थित मरीजो से पूछा गया तो झोला छाप डॉक्टरो कीतरह कुछ दवाइया मिल जाती है ।हम लोगो की मजबूरी है कि हम गरीब है तो क्या करे किसी तरह काम चला रहे है ।वही स्वास्थ्य केन्द्र पर पंखे तो लगे है लेकिन विजली न होने के कारण यह पंखे शो पीस बन कर रह गए है ।वही प्राप्त दवाए भी उपलब्ध नही हो पा रही है ।इस स्वास्थ्य केन्द्र का गेट भी टूटा हुआ है उसकी कोई भी पुरसा हाल नही है ।यह तो एक बानगी है यही हाल लगभग सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो का है ।इसका जिम्मेदार किसे ठहराया जाय मेरी विचार मे स्वास्थ्य विभाग व विभाग मे कार्य रत स्वास्थ्य कर्मियो की दोनो की जबाब देही तय होनी चाहिए ।सरकार का काम है सभी के लिए विशेष कर ग्रामीणो व गरीबो के लिए स्वास्थ्य सेवाए उपलब्ध कराना वही क्रियान्वयन कराना प्रशासन का काम है ।लेकिन यहाॅ सरकार व प्रशासन दोनो फेल नजर आ रहे है ।स्वास्थ्य सेवाओ के नाम पर अरबो के बजट का सरेआम गलत इस्तेमाल हो रहा है ।

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