Monday, October 9, 2017

एंटी भू माफिया अभियान और उसके दुरुपयोग पर खाश रिपोर्ट

सरकार नियम कानून हमेशा जनता के हित में बनाता है लेकिन उस कानून नियम का कुछ लोग अक्सर दुरपयोग करके उसे बदनाम कर देते हैं।कानून जनता की भलाई के लिए बनता उसे क्षति पहुंचाने या बरबाद करने के लिए नही बनाता है।इधर सरकारी काननों को बेजा इस्तेमाल करने का दौर चल रहा है।जबसे योगी सरकार ने एंटी भूमाफिया अभियान चलाया है तबसे तबसे शहरों नगरों में भले इसका कोई असर न पड़ा हो लेकिर ग्रामीण क्षेत्रों इसका व्यापक असर पड़ा है।भूमाफिया का मतलब भूमि को अपनी गुंडई व पैसा के बल पर बलात् कब्जा करना होता है।गांव में ऐसा जल्दी कोई नही मिलेगा जिसने गाँव समाज या सरकारी सुरक्षित भूमि पर थोड़ा बहुत कब्जा न कर रखा हो।किसी ने कब्जा जानबूझकर कर लिया है तो किसी ने मजबूरी में अज्ञानता वश न कर लिया है।भूमाफिया उन्हें कहा जा सकता है जो घर मकान खेती होने के बावजूद अपनी सरहंगी के बल सरकारी भूमि पर कब्जा कर लिया है।भूमाफिया उन्हें कहते हैं जो अपनी दबंगई के बल पर शहरों या ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों असहायों कीभूमि अथवा भूमि को हथिया लेते हैं।जो लोग अज्ञानता वश चालीस पचास साल से घर बनाकर अपने परिवार के साथ जीवन बसर कर रहे हैं और उनके पास कोई दूसरा घर भी गांव में नहीं है उन्हें भूमाफिया नहीं कहा जा सकता है।इस समय समाज के कुछ लोग सरकार के इस अभियान की आड़ अपनी दुश्मनी का बदला लेने के लिए इस कानून का दुरपयोग कर रहे हैं।ऐसे लोग खुद अपनी गिरहबान को नहीं झाकंते और खुद चोर होते हैं लेकिन खुद को दूध का धोया साबित करके अपने दुश्मन को भूमाफिया बताकर उन्हें परेशान करते हैं।यह सही है कि सरकारी सुरक्षित भूमि पर कब्जा करना कानून गलत है किन्तु परिस्थितिवश सरकारी भूमि पर घर बना लेना समाजिक अपराध नही होता है।गाँवों जो चालीस पचास साल से सरकारी भूमि पर अपने बच्चों के साथ घर बनाकर रहता है उसे माफिया कहना उचित नहीं है।कुछ लोगों ने गांव समाज की परती बंजर आबादी पर ही नहीं तालाब खलिहान की भूमि पर रातों कब्जा करके घर बना लिया है।शहरों की कीमती भूमि हड़पने वाले भूमाफियाओं की तुलना गाँव के उन लोगों से करना जो अज्ञानता वश चालीस पचास साल से घर बना कर जीवन गुजार रहे हैं।इस समय असली भूमाफिया गाँव के मजबूर लोगों को भूमाफिया साबित कर रहे हैं।ऐसे लोगों ने सरकारी भूमि पर ही नहीं बल्कि दूसरों की पैतृक भूमि पर जबरदस्ती कब्जा कर लिया है।बैनामे की जमीन तक पर कब्जा कर रखा है और गरीब वर्षों से न्याय की गुहार लगा रहा है किन्तु भूमाफिया उसे मुकदमे में उलझा रखा है। ऐसे  भूमाफियाओं पर लगाम लगाने वाला कोई नही है।गाँवो में जिनके पास रहने की  कोई व्यवस्था नहीं है उन्हें इस अभियान अलग करके उन्हें राहत देने की जरूरत है साथ ही जिनके घर खेती सबकुछ है फिर भी सरकारी भूमि हड़प रखी है उन्हें अभियान में शामिल करने की जरुरत है।धन्यवाद।। भूलचूक गलती माफ।। सुप्रभात /वंदेमातरम् /गुडमार्निंग /नमस्कार /शुभकामनाएं।। ऊँ भूर्भुवः स्वः-------/ऊँ नमः शिवाय।।।
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           भोलानाथ मिश्र
      वरिष्ठ पत्रकार/समाजसेवी
   रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी।
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