Wednesday, October 4, 2017

जानिए शनि कब देता है आपको राजयोग

शनि और भाव दृष्टि फ़ल
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# यदि शनि पहले भाव मे है तो तीसरी दृष्टि से जातक के मान- सम्मान में बडोतरी करायेगा, लेकिन जातक को नौकरी में दिक्कत देता है |
# यदि शनि दूसरे भाव में है तो जातक की आमदनी और घर में पड़े ज़ेवरो का नुकसान करता है, लेकिन जातक के सुख साधनो में बढोतरी करता है |
# यदि शनि तीसरे भाव में है तो जातक को श्यन सुख में कमी करता है, लेकिन जातक को विद्या स्थान में बढोतरी करता है |
# यदि शनि चोथे भाव में है तो जातक को सेहत समस्याये जैसे सान्स और पेट गैस के रोग देता है, और साथ ही बीमारियों और शत्रु और कर्ज़े को भी बढाता है |
# यदि शनि पंचम भाव मे है तो जातक की आजिविका की हानी करता है, लेकिन जातक को जीवन साथी की और से सुखो में बढोतरी करता है |
# यदि शनि छ्ठे भाव मे है तो जातक के सम्मान की हानि करता है, और साथ ही शारिरिक सुख देता है, ससुराल के सुख देता है |
# यदि शनि सातवे भाव में है तो जातक के सुख साधनो की हानी करता है, और साथ ही भाग्य को बल देता है और घर के बुज़ुर्गो से भी लाभ देता है |
# यदि शनि आठवे भाव में है तो यह जातक की विद्या स्थान की हानी करता है और जातक को नौकरी में लाभ देता है |
# यदि शनि नोवे भाव में है तो जातक के रोग, शत्रु, कर्ज़े का नाश करता है, और साथ ही जातक की आमदनी और घर के ज़ेवरो में बढोतरी करता है |
# यदि शनि दसवे भाव में है तो जातक को जीवन साथी की और से सुख में कमी करता है, और साथ ही विदेश से लाभ देता है या फ़िर तन्त्र मन्त्र क्रियायो में जातक को निपुण बनाता है |
# यदी शनि गिआरवे भाव में है तो जातक के शारिरिक सुखो और ससुराल के सुखो का नाश करता है, और जातक को अच्छी बुधी देकर उसकी कार्य क्षमता और सोच में बढोतरी करता है |
# यदि शनि बारवे भाव में है तो जातक के भाग्य स्थान की हानि करता है और घर के बुज़ुर्गो की और से भी सुख की कमी करता है, और साथ ही उसको खुद की आमदनी के साधनो में बढोतरी करता है |
ज्योतिर्विद् अभय पाण्डेय
वाराणसी

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