Thursday, October 26, 2017

आपका जलवा कायम है वाह ताज

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि ताजमहल के निकट बन रहे मल्टी लेवल पार्किंग को गिराने संबंधी अपने आदेश के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका पर वह 27 अक्तूबर को सुनवायी करेगा। यह पार्किंग ताज से एक किलोमीटर के दायरे में बन रहा है। न्यायालय ने सत्रहवीं सदी के इस विरासत भवन के पूर्वी दरवाजे के पास बन रहे पार्किंग को गिराने का आदेश कल दिया था। उत्तर प्रदेश सरकार की वकील ने आज अपना पक्ष न्यायमूर्ति जे. चेलमेश्वर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष रखा और आवेदन पर जल्दी सुनवायी करने का अनुरोध किया।राज्य सरकार की ओर से पेश हुई वकील ऐश्वर्या भाटी ने पीठ से कहा, ‘‘हमें मल्टी लेवल कार पार्किंग को गिराने का आदेश मिला है। हम इससे संबंधित आवेदन पर जल्दी सुनवायी के लिए सूचीबद्ध करने का अनुरोध करते हैं।’’ भाटी ने कहा कि कल न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले की सुनवायी के दौरान सरकार के वकील पेश नहीं हो सक थे, इसी कारण पार्किंग गिराने का आदेश दिया गया।पर्यावरणविद एम. सी. मेहता की ओर से दायर याचिका पर सुनवायी कर रहा अदालत ताज महल के आसपास होने वाले निर्माण कार्यों पर नजर रख रहा है। इस भवन का निर्माण मुगल शहंशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज बेगम की याद में 1631 में करवाया था। सफेद संगमरमर से बनी यह इमारत यूनेस्को विश्व विरासत स्थल में शामिल है। अपनी जनहित याचिका में मेहता ने प्रदूषक गैसों और आसपास के क्षेत्रों में खुले में शौच से ताज को होने वाले दुष्प्रभावों से बचाने का अनुरोध किया है। न्यायालय पहले भी विरासत भवन के संरक्षण के लिए निर्देश दे चुका है।

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