Monday, October 16, 2017

कन्नौज जिले की सपा कार्यकारिणी में फेरबदल की सुगबुगाहट तेज

कन्नौज ब्युरो पवन कुशवाह के साथ आलोक प्रजापति
कन्नौज /समाजवादी पार्टी के गढ़ए सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की कर्मभूमि व उनकी सांसद पत्नी ¨डपल यादव के संसदीय क्षेत्र कन्नौज में पार्टी के जिला संगठन में बड़े बदलाव की आहट सुनाई पड़ने लगी है। जिलाध्यक्ष से लेकर निचले स्तर तक पदाधिकारी बदले जाएंगे। इनमें कुछ नए चेहरों को भी तवज्जो मिलने की उम्मीद है। उधरए अखिलेश के यहां से लोकसभा चुनाव लड़ने की चर्चाएं भी तेज हैं।
वर्तमान में समाजवादी पार्टी में बतौर जिलाध्यक्ष मजहरुल हक मुन्ना दरोगा की ताजपोशी है। उनके कार्यकाल में सपा बेहतर प्रदर्शन भी कर चुकी है। पिछले विधानसभा चुनाव में जरूर थोड़ा झटका लगा। पांच अक्टूबर को आगरा सम्मेलन के बाद से अब जिलों में बदलाव की मुहिम में इत्र नगरी भी दायरे में है। यहां पर जिलाध्यक्ष बदलने की सुगबुगाहट से सियासी गलियारों में गहमागहमी है। नए जिलाध्यक्ष के तौर पर पूर्व जिलाध्यक्ष कलीम खांए दो बार के विधायक व भाजपा छोड़कर विधानसभा चुनाव के दौरान सपा में आए कल्यान ¨सह दोहरे व पूर्व मंत्री विजय बहादुर पाल के नाम चर्चा में हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक विजय बहादुर ने खुद इसके लिए इन्कार कर दिया है। कलीम खां के पिछले कार्यकाल का आंकलन बेहतर है। वहींए पूर्व विधायक कल्यान ¨सह के ऐन वक्त पर सपा से जुड़ने व सदर सीट में पार्टी की जीत ने उनको मजबूती दी है। जनता दलए सपा से विधायक रहे कल्यान ¨सह पहले वर्ष 1997 से 2001 तक पार्टी के जिलाध्यक्ष थे। तकरीबन सभी दलों में घूमने के बाद अखिलेश पर आस्था जताने वाले पूर्व विधायक इस बार विधानसभा चुनाव के दौरान बोर्डिंग मैदान पर जनता के सामने आखिरी सांस तक सपा में रहने का दावा भी कर चुके हैं। निकट भविष्य में लोकसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री के अपनी कर्मभूमि में फिर से उतरने के दौरान वह जनाधार वाले दूसरे दलों के नेताओं को भी अपने पाले में खींचने में मददगार हो सकते हैं। इसलिए फिलहाल उनका नाम सबसे ऊपर है। हालांकि पार्टी नेतृत्व के सामने एक धड़ा उनके अक्सर खिलाफ रहता है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने भी जिले में संगठन का ढांचा दुरुस्त कर काम करने वालों को तरजीह देने के संकेत दिए हैं। इसलिए जल्द बड़ा फेरबदल संभव है।
बाकी दलों ने भी बनाई रणनीति
जिले में निकाय चुनाव व निकट भविष्य में लोकसभा सीट पर रणभेरी बजने को लेकर सपा के साथ बाकी सियासी दलों ने भी रणनीति बनाई है। भाजपा के मंत्री से लेकर निचले स्तर तक के नेता पूरी ताकत के साथ सक्रिय हैं। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत पाठक की युवा टीम भी लगी है। जिले के प्रभारी मंत्री संदीप ¨सहए राज्यमंत्री अर्चना पांडेय पल.पल चौकस हैं। बसपा में पूर्व एमएलसी नौशाद अली के कंधों पर दारोमदार टिका है। उनको जिले का अघोषित तौर पर जिम्मा दिया जा चुका है। वहींए कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय मिश्र भी निकाय चुनाव के लिए प्रभारी नियुक्त कर पत्ते खोल चुके हैं। इससे आने वाले समय में सियासी घमासान तय है।

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