Monday, October 16, 2017

मौत के साये में घर बनाने की चाहत

कन्नौज ब्युरो पवन कुशवाह के साथ आलोक प्रजापति
कन्नौज/ दीपावली से पहले ग्रामीण इलाकों में महिलाओं में घर सजाने की चाहत बढ़ जाती है। इसके लिए कच्चे घरों का रंग.रोगन करने को महिलाएं व युवतियां पीली व चिकनी मिट्टी की तलाश मौत के साये में बैठकर करती हैं। अब तक कई बार हादसे होने से मौतें भी हो चुकी हैं।
क्षेत्र में सरकारी जमीनए रजबहाए माइनरए सड़कों के किनारे से ग्रामीण चिकनी व पीली मिट्टी की तलाश में एक जगह लगातार खोदाई कर रहे हैं। इससे 20.20 फीट गहरी खाई हो जाती हैं। इसके बाद भी ग्रामीण टीले में घुसकर मिट्टी खोदने से नहीं हिचकते हैं। अधिकांश टीला धसकने से मिट्टी खोदाई कर रहीं महिलाएं व बच्चे दब कर मर चुके हैं। दो वर्ष पहले पचोर गांव में टीला धंसने से दो महिलाएं दब गई थीं। इनमें एक की मौके पर मौत हो गई थी। इसी तरह पट्टी गांव के पास मां.बेटी समेत तीन लोग दबे थे। उसमें दो की मौत हो गई थी। लोगों ने रोड जाम कर मुआवजे की मांग को लेकर उपद्रव भी किया था। ठठिया के महसैंया में पिछले वर्ष टीला धंसने से राम कुमार की पुत्री रुचि की दबकर मौत हो गई थी। इसी तरह कन्नौज कोतवाली क्षेत्र के यूसुफपुर भगवान व चौधरी सराय प्रयाग में एक अधेड़ व तीन युवतियों की दबने से मौत हो चुकी है। इसके बाद प्रशासन इस तरह से अनजान बना है।
इनका कहना है
मामले को लेकर पुलिस व राजस्व कर्मियों को लगाया जाएगा। कहीं पर भी टीले से खोदाई नहीं होने दी जाएगी। ऐसे मामलों पर प्रशासन की नजर है। कड़ी कार्रवाई होगी।
. सदर डॉ अरुण कुमार सिह उपजिलाधिकारी कन्नौज

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