Friday, October 20, 2017

कल की दीवाली का हाल

नीमगांव खीरी:-
बाजार में ख्‍ारीदारी दुकान व रोड पर लगा दिवाली का बाजार चाइना की ही झालरों से करीब-करीब पटा हुआ है। लोग खरीदारी भी सबसे ज्यादा इन्हीं झालरों की करते नजर आ रहे थे। महीने भर पहले से इस दिवाली पर चाइना के उत्पादों का बहिष्कार करने के लिए चलाई जा रही मुहिम का यहां कोई असर नहीं दिखाई दिया। किसी से भी चाइनीज झालर खरीदने का कारण पूछो तो एक ही जवाब, स्वदेशी के नाम पर दुगने-तिगने दामों पर झालरें कौन खरीदे। चाइनीज प्रोडक्ट्स में भी एसएमडी पाइप लाइट की शहरों में  सबसे ज्यादा मांग है। यह 40 रुपये मीटर है। इसमें एक एडॉप्टर लगाना होता है, जो 40 रुपये का है। दुकानदार अरुण पाल ने बताया कि इंडियन झालर महंगी है, जो 50 मीटर 300 रुपये की है। ऐसी ही झालर चाइना वाली 180 रुपये की है। ऐसे में ग्राहक चाइना वाली ही झालर खरीद रहा है।  क्षेत्र में चाइना झलर की मांग ज्यादा दिखी। हालांकि पहले ज्यादा भी चाइना माल अधिक बिकता था।फाइबर वाले कंदीलों की कीमत 50 से 200 रुपये के बीच है। इसमें षटकोण, बीम, मटकी आदि आकार के कंदील ज्यादा मांग में हैं।  खूब बिकीं मूर्तियां और खील-खिलौने-बताशे कपड़े  धनतेरस का बाजार भी गर्म रहा । धनतेरस पर लक्ष्मी गणेश की मूर्तियां और खील खिलौन और बताशे खूब बिके। झालरेम, कंदील, मोमबत्तियां और दीयों की दुकानों पर भी खूब भीड़ लगी रही। लोगों ने शगुन के लिए झाड़ू भी खरीदी। सुबह से शुरू हुई खरीदारी देर रात तक चलती रही। अधिकतर लोगों ने शुभ मुहूर्त का ध्यान रखा, लिहाजा शाम के समय बाजार में एकाएक भीड़ बढ़ गई।  मूर्तियों की दुकानें सजी थीं। यहां पडरिया दुकानदार रामलखन  ने बताया कि उसके पास 60-1100 रुपये तक की मूर्तियां हैं। हालांकि अधिकतर लोग 100-200 तक की मूर्तियां खरीद रहे हैं। मिट्टी के दीये की फड़ लगाए बैठे ब्रजबिहारी ने बताया अन्य सालो की अपेछा इस वर्ष लगभग दुकानदारी ठीक रही बाकी जबसे रेडीमेट समान मार्किट में आया है तब से हम कुम्हारो की बिक्री कम हो गई है हर पैसे वाले लोग  अधिक तर झालर व बिजली के ही समान खरीदते हैं हम कुम्हारो को लोग भूलते जा रहे है।​

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