Sunday, October 15, 2017

चुनाव करवाने को अब युवा ठोंकेंगे ताल

मेरठ-सहारनपुर मंडल में चौ.चरण सिंह यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेज और कैंपस में छात्रसंघ चुनावों के लिए छात्रों का फोकस अब कैंपस पर होगा। चुनाव के लिए छात्र यूनिवर्सिटी पर तिथि घोषित करने का दबाव डालेंगे। उप मुख्यमंत्री द्वारा चुनाव का मुद्दा कुलपति के विवेक पर छोड़ने की घोषणा के बाद छात्रों को चुनाव होने की उम्मीद जग गई है। शासन से लिखित आदेश नहीं मिलने से छात्र संगठनों को अभी तक चुनाव होने पर संशय था। दिवाली बाद छात्र संगठन कैंपस में चुनावों का मुद्दा उठा सकते हैं।
सत्र 17-18 के लिए अभी तक कैंपस और कॉलेजों में छात्रसंघ चुनावों की घोषणा नहीं हुई है। पिछले वर्षों तक शासन विश्वविद्यालयों को चुनाव कराने के लिए आदेश देता था। चूंकि सरकार बदली तो ऐसे में संगठनों को चुनावों पर संशय था, लेकिन शुक्रवार को यूनिवर्सिटी कैंपस में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने चुनाव कुलपतियों पर छोड़ दिए। इस घोषणा से छात्र संगठनों में चुनावों की नई उम्मीद जगी है। छात्र संगठनों के अनुसार घोषणा से साफ है कि चुनावों पर शासन की कोई रोक नहीं है। अब यूनिवर्सिटी को फैसला करना है। यूनिवर्सिटी समय रहते चुनाव कराए ताकि निर्वाचित छात्र आगे आ सकें। संगठनों के अनुसार वे दिवाली बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन से चुनावों को लेकर बात करेंगे।
लेकिन समय-सीमा फंसा सकती है पेच
उपमुख्यमंत्री की घोषणा से चुनावों की उम्मीद भले ही जगी हो, लेकिन लिंगदोह समिति की सिफारिशों में समय-सीमा की बाध्यता पेच भी फंसा सकती है। सिफारिशों के अनुसार चुनाव सत्र शुरू होने के छह से आठ हफ्तों के बीच हो जाने चाहिए। यूनिवर्सिटी में इस वर्ष 23 अगस्त से प्रथम वर्ष की कक्षाएं शुरू हुई हैं। द्वितीय-तृतीय वर्ष में भी इसी दौरान कक्षाएं प्रारंभ हुईं। ऐसे में सत्र शुरू होने की तिथि 23 अगस्त मानी जानी चाहिए। इस स्थिति में चुनाव अगले हफ्ते तक हो जाने चाहिएं, लेकिन ऐसी कोई संभावना नहीं है। सूत्रों की माने तो यूनिवर्सिटी कैंपस में दिवाली के बाद या फिर नवंबर के पहले हफ्ते में चुनाव पर विचार कर रही है। यदि तब चुनाव हुए तो यह निर्धारित समय के फेर में फंस सकते हैं। हालांकि यह इस बात पर निर्भर भी करेगा कि यूनिवर्सिटी सत्र शुरुआत की आधिकारिक तिथि कब मानती है।

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