Tuesday, October 10, 2017

जयंत परियोजना मेढोली में हुए झाले के खिलाफ भारतीय विस्थापित संघ ने दी धरना प्रदर्शन की चेतावनी

पत्रकार के सी शर्मा सिंगरौली ।म प्र ।*

भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध भरतीय विस्थापित संघ ने जिलाधिकारी सिंगरौली,पुलिस अधीक्षक सिंगरौली,और एन सी एल के अध्यक्ष सह प्रबन्ध निदेशक सिहित कम्पनी के सभी निदेशकों व महाप्रवन्धक आर एन्ड आर तथा औद्योगिक सम्बन्ध के अतिरिक्त मोरवा टी आई और अन्य सम्बन्धित प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र भेजते हुए चेतावनी दी है कि यदि 15 अक्टूवर तक  कार्यवाही नही की जाती है तो अनिश्चितकालीन चक्का जाम,धरना,प्रदर्शन,करते हुए कोल परिवहन को भी बाधित किया जायेगा ।
जिसकी संपूर्ण जबाबदेही एन सी एल प्रबन्धन की होगी ।
ज्ञात हो कि भारतीय विस्थापित संघ के अध्यक्ष केवल नाथ सिंह व महामंत्री आर पी सिंह ने जयंत परियोजना के महाप्रवन्धक को लिखे गए अपने पत्र में कहा है कि राष्ट्र को क्षति पहुँचानेवाले  परियोजना के नोडल अधिकारी आर वाई शुक्ला, आर एस मौर्या, सब इंजीनियर सिबिल गुलाब सिंह,वरिष्ठ राजस्व निरीक्षक शम्भू नाथ सिंह,राजस्व निरीक्षक मोतीचंद,एस पी सिन्हा, और जनरल मजदूर संदीप श्रीवास्तव सहित अन्य नाप जोख करने वाली पूरी टीम पर सख्त और अविलम्ब  देश हित में कार्यवाही कीजा य ।
संघ ने मुवावजा वितरण में पूरी तरह पार दर्शिता बरते जाने की मांग की है ताकि होरहे फर्जी वाड़े और भ्र्ष्टाचार को रोका जासके ।
भारतीय विस्थापित संघ ने उक्त कर्मियों के खिलाफ इसके पहले भी प्रबन्धन को पत्र लिख सचेष्ट करते हुए कार्यवाही की मांग कर चुका है ।परन्तु प्रबन्धं ने न तो उस पर कोई कार्यवाही ही किया नही गौर करना मुनासिफ समझा ।जिसके फलस्वरूप बेलगाम हुए निडर इस कार्य में लगे कर्मी एन सी एल का खजाना लूटने का सुनियोजीत खड़यंत्र रचने का मंसूबा पाल यह अंजाम दे डाले ।जो अब एन सी एल प्रबन्धन क़े गले का फास स्वयं ही बन गया है ।इसके लिए एन सी एल प्रबन्धन कम जिम्मेदार नही है ,क्यों की यदि वे
समय रहते इसका सज्ञान लिए होते तो शायद इतना बड़ा फर्जीवाड़ा नही हो पाता ।

इन बेलगाम कर्मियों ने अपने रिस्तेदारो,चहेतो को करोड़ो रूपये का फर्जीवाड़ा करते हुए लाभ पहुचाया हैऔर राष्ट्र को भी भारी क्षति पहुचाई है ।इस सन सनी खेज फर्जीवाड़े के प्रकाश में आने के बाद भी एन सी एल प्रबन्धन का अभी तक मौन साधे रखना अपने आप में खुद ही कई सवाल खड़े कर देरहा है?और इससे प्रतीत होता है कि इस फर्जीवाड़े में  ऊपर से नीचे तक और कई रसूखदार भी संलिप्त है ।जो मिलकर बन्दर बाट करने में लगे हुए है ।भारतीय विस्थापित संघ के महामंत्री ने उच्चाधिकारियों का इस ओर भी ध्यान आकृष्ट कराया है कि कार्यवाही में तेजी लाई जानी चाहिए, क्योकि कुछ कर्मचारी अब सेवा निवृत्ति के कगार पर पहुच चुके है। यदि कार्यवाही में देर हुवा तो वे अपना हिस्सा लेकर यहा से चलते बनेंगे और फिर जांच के नाम पर एन सी एल प्रवंधन अपनी कागजी खानापूर्ति करता रहेगा ,प्रबन्धन का मौन रहना भी इस इसारे को भी समझने के लिए पर्याप्त हो सकता है जो जन मानस में बिभिन्न प्रकार के शंकाओं को जन्म दे रहा है । जिससे जनआक्रोश और भी धीरे धीरे बढ़ता ही जा रहा है  ।इस लिये यह आवश्यक है कि जांच में तेजी लायीं जाय और 18 जुलाई से रोका गया मुवावजे का वितरण भी जो  सही पात्र है जांच कर उन्हें मुवावजे का भुगतान  कराया जाये ।
संघ के आठ सूत्रीय पत्र में प्रमुख मागे इस प्रकार है ।मेढ़ोली के विस्थापितो को मुवावजे की नोटिस पहले दे कर गांव में ही कैम्प लगा गांव वालों के सामने ही मुवावजे का वितरण कराया जाये ,मुवावजा पाने वालों का लिस्ट गांव में पहले ही चस्पा की जाये ,और लिस्ट की सार्वजनिक सुचना सुनिश्चित  की जाये,मुवावजे का भुगतान नए नियम के अनुसार किया जाये,यहा के विस्थापितो को पड़ताली में पुनर्वासित किया जाय,मुवावजे का भुगतान मय ब्याज किया जायेऔर पहचान के लिए गांव वालों को ही रखा जायेऔर जीन विस्थापितो को नोकरी नही दी जारही है उनको बेरोजगारी भत्ता दिया जाये आदि है ।
ज्ञातव्य हो की मेढ़ोली  मुवावजे के फर्जी वाड़े का मामला प्रकाश में आने के बाद एन सी एल प्रबन्धन में हड़कम्प मचा हुवा है ।कोई अधिकारी मुह खोलने की हिम्मत नही कर रहा है।इस लिए कई तरह के सन्देह का जन्म लेना स्वभाविक ही है ।कहते है कि इसमें कई बड़े बड़े रसूखदार भी शामिल है ।यही कारण है कि सभी अपना इससे पल्ला झाड़ किनारे ही खड़े होने में भलाई समझ रहे है ।यह प्रकरण इतना बड़ा है कि इसमें विभागीय जांच से दूध का दूध,पानी का पानी, की"हकीकत "सामने में  आने में सब को संदेह है ।इस लिए इसकी जांच किसी निष्पक्ष जांच एजेंसी से कराये जाने की मांग आम जनता कर रही है।विस्थापितो के वीच काम करने वाला संगठन"उद्धवासित किसान मजदूर परिषद" ने भी कोयला मंत्री को पूरे मामले की जानकारी कराते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है ।परिषद ने कोयला मंत्री को पूरी जानकारी भेज उनसे स्वयं इस मामले को सज्ञान में लेते हुए हसताक्षेप करने का आग्रह किया है ।

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