Friday, October 6, 2017

कन्नौज की राजनीति में कल दिखा असली भौकाल

कन्नौज विमलेश कुशवाहाजिले की राजनीति में आज का दिन उथल पुथल भरा रहा। जहां एक तरफ जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा नेताओं ने अविश्वास प्रस्ताव दिया तो वहीं कन्नौज के सदर ब्लॉक प्रमुख के कुर्सी के लिए भी भाजपा नेताओं ने एकजुट होकर डीएम को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा। डीएम जल्द प्रस्ताव का परीक्षण कर निर्णय लेने की बात कर रहे हैं।
कन्नौज की जिला पंचायत और ब्लॉक प्रमुखी की कुर्सी पर अखिलेश यादव ने अपने चहेतों को कब्जा दिलवाया था। योगी सरकार बनने के बाद कयास लगने लगे थे कि अखिलेश यादव की प्रतिष्ठा वाली दोनों कुर्सियां अब छिन जाएंगी। इसके लिए भाजपा नेताओं ने कई बार कोशिश भी की, लेकिन कट्टर सपा नेताओं की ज्यादा संख्या से जिला पंचायत अध्यक्ष् और सदर ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी हथियाने के भाजपा के मन्सूबे पर पानी फिरता रहा। इस बार भाजपा ने कई कट्टर सपा सदस्यों की अपने पक्ष में कर लिया और बहुमत के हलफनामों के साथ दोनों कुर्सियों का अविश्वास प्रस्ताव डीएम जगदीश प्रसाद को सौंपा है।अविश्वास प्रस्ताव देने वाले भाजपा समर्थित दावेदार मौजूदा अध्यक्षो पर एक जाति को बढ़ावा देने का आरोप भी लगा रहे हैं।
दावेदारों ने जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए अपने समर्थन में16 हलफनामें दिये हैं। जबकि प्रमुखी के दावेदार ने अपने समर्थन में 159 हलफनामे डीएम को सौंपे है। कन्नौज डीएम जगदीश प्रसाद का कहना है कि जल्द ही दोनों दावों का परीक्षण कर कार्यवाही की जाएगी।कन्नौज में जिला पंचायत अध्यक्ष् की सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पत्नी डिंपल यादव की सिफारिश पर शिल्पी कटियार को जिला पंचायत अध्यक्ष् की कुर्सी पर काबिज करवाया था। सपा उम्मीदवार के पक्ष में कई कट्टर और पुराने सपा नेता एकजुट थे। माना जा रहा था कि भाजपा कन्नौज में जिला पंचायत अध्यक्ष् की कुर्सी नही हासिल कर सकेगी, लेकि

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