Friday, October 6, 2017

मेढोली में हुए फर्जीवाड़े की जांच सुरु फंस सकते है कई बड़े कालर

पत्रकार के सी शर्मा सिंगरौली एन सी एल के जयंत कोयला खदान के विस्तार में मेढ़ोली गांव के विस्थापन के दौरान मुवावजा वितरण के समय गत दिनों करोड़ो के फर्जी वाड़े की सनसनी खेज मामला प्रकाश में आया था जिसमे एन सी एल के अधिकारियोऔर कर्मचारियों की संलिप्तता पायी गयी थी तभी से एन सी एल में हड़कम्प मचा हुवा है ।यदि सूत्रो पर भरोसा करें तो यह फर्जीवाड़ा अरबो में हो सकता है ।सुनियोजित खड़यंत्र के तहत एन सी एल के खजाने को लूटने में कई बड़े बड़े रसूख दार भी सम्मलित बताये जारहे है ।
ज्ञात हुवा है कि जांच कमेटी मुवावजे के वितरण में हुए फर्जीवाड़े के तह में जाने के लिए अब कई वर्षों पुराने दस्तावेजो को भी खंगालना शुरू कर दिया है ।जिसके चलते अब जांच होने तक मकानों का मुवावजा वितरण रोक दिया गया है ।अब सिर्फ जमीनों का ही जांच परख कर मुवावजा वितरण की प्रक्रिया चल रही है ।पता चला है कि एन सी एल के उच्चाधिकारियों द्वारा जांच कमेटी को सख्त निर्देश दिए गए है कि जांच में कोई कोताही न वरती जाये और निष्पक्ष जांच समय से पूरी की जाये ।परन्तु विभागीय जांच होने के कारण इसके प्रभावित होने की आशंका से भी इंकार नही किया जासकता है  क्योंकि जांच की जद में एनसीएल मुख्यालय से लेकर जयंत परियोजना के अतिरिक्त अन्य कई परियोजना के कर्मी इसमें सम्मलित होना बताये जारहे है ।जो उस समय मकानों के नापी ज़ोखी के कार्य में लगे हुए थे ।
बताया गया है कि मेढ़ोली के मूल वाशिन्दों की भूमि100-50 के स्टाम्प पर अपने नाम खरीदी विक्री दिखा कर उनकी जमीन पर मकान बनाने का करार किया गया है  या सरकारी जमीन पर वर्षो पुराना कब्जा दिखा कर उस पर फर्जी रिहायशी मकान दिखा के नापी ज़ोखी में लगे एन सी एल के अधिकारियो और कर्मचारियों को उस  समय लाखो की मोटी रकम भेट चढ़ा कर एन सी एल के खजाने को लूटने का यह एक सुनियोजित खड़यंत्र किया गया है ।जिसमे एनसीएल को अरबो रूपये की चपत लगनेवाली है ।इसीलिए स्थानीय जन इसकी निष्पक्ष जांच सी बी आई से कराने की कर रहे है, ताकी दूध का दूध ,पानी का पानी ,होकर सच सामने आसके एन सी एल के खजाने से अरबो की होने वाली लूट को बचाया  जासके  तथा दोषियो को जेल के सलाखों के पीछे ढकेला जासके ।पता चला है कि इस फर्जीवाड़े के खेल में ऐसे लोग भी सामिल है जिनमे राजनैतिक,उच्च प्रशासनिक ,राजस्व विभाग,पुलिसविभाग,स्वयं एनसीएल आदि विभिन्न क्षेत्रो के रसूखदार भी बड़ी संख्या में शामिल है ।इसीलिए विभागीय जांच के प्रभवित होने की आशंका बनी हुई है ।
बताया जारहा है कि जांच की जद में आने वाले ऐसे लोग अपने बचने के लिए जोड़ तोड़ शुरू भी कर दिए है ।वही अंदर खाने से तो यह भी खबर आरही है कि एनसीएल के अधिकारी कोरोडो के फर्जी ढंग से लिए गए मुवावजे की रिकभरी करने का कर्मचारियों पर दबाव भी बनाना शुरू कर दिए है जिससे मामले को अंदर ही अंदर रफा दफा कर एन सी एल की साख  बचाई जाये और अपने को बचाया जासके ।
चुकी यह मामला अब सार्वजनिक होगया है तो दूर तलक जयेगा ही ,तब इस बात की अब क्या गारंटी है किरिकभरी के बाद भी उन्हें बचाया जा सकेगा ?
सूत्रों से तो यह भी दबी जुबान पता चला है कि अब फर्जीवाड़े की जद में आने वाले लोगो द्वारा इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों  व जांच कमेटी के लोगो को भी धमकियां परोक्ष में दी जाने लगी है जिसका जिताजागता सूबत है कि एन सी एल के राजस्व एवं पुनर्वास विभाग में कार्यरत एक अभियंता   एनसीएल प्रवंधन और पुलिस से अपने ऊपर हमला होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए अपने सुरक्षा की गुहार लगायी है ।इसीलिए लोग अब इसकी जांच सीबीआई से करायेजाने की मांग कर रहे है ।कहते है कि यदि इसे गम्भीरता से नही लिया गया तो कभी भी कोई बड़ी अप्रिय घटना घटने की संभावना से  भी इंकार नही किया जास कता है ।

स्थानीय नागरिकों ने म प्र के मुख्य मंत्री शिव राज सिंह चौहान एवं केंद्रीय कोयला मंत्री पीयूष गोयल का इस और ध्यान आकृष्ट करते हुए अरबो के इस फर्जीवाड़े की जांच सी बी आई से कराने की मांग की है ।व्ही कुछ सामाजिक संगठनों ने कहा है कि विभागीय जांच में लीपापोती की गयी तो जांच रिपोर्ट को उच्च न्यायालय में चुनोती दी जयेगी और सी बी आई जांच की न्यालय द्वारा  कराए जाने की अपील की जायेगी ।देखना है आगे इस प्रकरण में क्या होता है?।

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