Friday, October 6, 2017

रावण के धरासाई होते ही लगने लगे राम के नारे

कन्नौज विमलेश कुशवाहा कन्नौज / शहर  के एस0बी0एस0 इण्टर काॅलेज मैदान में आयोजित रामलीला में राम.रावण युद्ध का मंचन किया गया। रावण के धराशायी होते ही राम की जय जयकार हो उठी। आकर्षक आतिशबाजी देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
रामलीला कमेटी के तत्वावधान में मैदान में प्रभु श्रीराम व रावण की सेना में युद्ध हुआ। मेघनाद व कुंभकरण के मारे जाने के बाद राम.रावण का युद्ध हुआ। रावण की नाभि में भगवान श्रीराम का वाण लगते ही वह धराशायी हो गया। मैदान में मौजूद लोगों ने श्रीराम की जय जयकार की। इसके बाद रावणए कुंभकरण व मेघनाद के पुतलों में आग लगा दी गयी। आकर्षक आतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया। रंग बिरंगी आतिशबाजी देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गये। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सुनील कुमार गुप्ताए नबाब सिंह यादव, सुब्रत पाठक, पवन अवस्थी, चन्द्र प्रकाश, दिवार लाल कुशवाहा, गोल्डी मिश्रा, विवेक नारायन मिश्रा, गुडडू सक्सेना, बीबी शुक्ला, पम्पी जैन, सुशील गुप्ता आदि मौजूद रहे।
इस दशहरे करें खुद के अंदर छिपी बुराई का भी अंतए इनके लिए है दशहरा एक सबकहमारे देश में जितने भी त्योहार मनाए जाते हैं उनके पीछे कुछ न कुछ रहस्य या कहानी छिपी होती हैण् ऐसा ही एक त्योहार दशहरा भी हैण् जिसे पूरे देश में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता हैण् इस दिन को असत्य पर सत्य की विजय के तौर पर मनाया जाता हैण् इस दिन भगवान राम ने बुराई के प्रतीक माने जाने वाले रावण का वद्ध किया थाण् दशहरे को रावण के पुतले को जलाया जाता हैण् ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इससे बुराई रूपी रावण का अंत होता हैण् कई बार देखने को मिलता है कि रावण के साथ.साथ इस त्योहार के दिन कुछ बुरे लोगों या फिर भ्रष्टाचार रूपी रावण का दहन भी किया जाता हैण् लेकिन इस बार आप समाज की बुराई का दहन करने की जगह इस दशहरे अपनी अंदर छिपी किसी एक बुराई का अंत करने का प्रण कर सकते हैंण् हालांकि इसका पुतला बनाकर फूंकने की कोई जरूरत नहीं हैण् बस अपने दिल और दिमाग से ही आप भीतर छिपी बुराई का अंत कर लेंगेण्

दशहरे से मिलती है बुरी आदतें छोड़ने की प्रेरणा
जैसा आपको पता है दशहरे का पर्व पाप के अंत का जश्न मनाने के लिए ही मनाया जाता हैण् लेकिन अब आपको यह जानना जरूरी होगा कि आप इस दिन अपनी कौन सी बुराई का अंत कर सकते हैंण् कहा जाता है कि दशहरे का पर्व किसी भी मानव के दस तरह के पापों को दूर कर सकता हैण् इनमें मत्सरए अहंकारए आलस्यए कामए क्रोधए लोभए मोह मदए हिंसा और चोरी जैसी बुराइयां शामिल हैंण् तो अगर आपके पास इनमें से एक भी बुराई है तो इस दशहरे रावण के पुतले के साथ उसे भी स्वाहा कर दीजिएण् श्रीराम ने 10 दिनों तक रावण से युद्ध किया थाए आप भी अपनी इस पुरानी बुराई को छोड़ने के लिए कुछ टाइम ले सकते हैंण्

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