Tuesday, October 24, 2017

जिला अस्पताल का कारनामा मरीज को फर्स पर ही बिठालकर चढ़ा दी बोतल

एक तरफ जहाँ सरकारे जनता को बेहतर स्वास्थ सेवाएं उपलब्ध करने के प्रयास कर रही है तो वही लगता है की शाहजहाँपुर में मरीजो को अब इलाज कराने आते समय अपने साथ बेड और स्ट्रेचर भी साथ लाना पड़े गा क्योंकि शाहजहाँपुर के जिला अस्पताल मे सोमबार को इमरजेंसी मे पहुचे मरीज को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर ने न तो मरीज को बेड अथवा स्ट्रेचर उपलब्ध करवाया उल्टा मरीज के साथ आये तामीरदार को बोतल थमा दी और मरीज को फर्श पर   बिठा कर ड्रिप भी चढ़ावा दी।मामला शाहजहाँपुर के पं0 रामप्रसाद विस्मिल संयुक्त जिला चिकित्सालय का है जहाँ सोमवार दोपहर अचानक पेट में सूजन और दर्द से परेशान दिनेश को लेकर परिजन जिला अस्पताल के इमरजेंसी एव ट्रामा सेंटर पर पहुॅचे और इमरजेंसी में डियूटी पर मौजूद डॉक्टर से मरीज को देखने के लिये कहा। लेकिन डॉक्टर ने न तो सीट से उठना मुनासिब समझा और न ही मरीज को देखना। परिजनो के बार.बार कहने पर डाक्टर ने इमरजेंसी कक्ष में मरीज को फर्श पर बैठा दिया।हद तो तब हो गई जब डॉक्टर ने मरीज के साथ आये तामीरदार को ही बोतल थमा दी और मरीज को फर्श पर बैठा कर ड्रिप लगा दी।
परिजनो का यह भी आरोप है की डॉक्टरों ने 520 रूपये की दवा बाहर से लेकर आने को कहा।जिसके बाद परिजन बाहर से दवा लाये तब जाकर मरीज का इलाज हो सका।जब इमरजेंसी में मौजूद स्टाफ ने यह बात मिडिया के सामने आती देखी तब जाकर आनन फानन में मरीज को स्ट्रेचर अपलब्ध करवाया ।यहा यह बताना भी जरूरी है की इससे पहले  भी कई बार जिला अस्पताल में इस प्रकार के मंजर देखे जा चुके है और जब मिडिया ने इस सम्बन्ध में सवाल उठाये तो सीएमओ ने भबिष्य में  इस प्रकार की पुनरावृत्ति ना होने की बात कही थी। लेकिन लगता है की सीएमओ साहब की बात का असर अस्पातल स्टाफ पर नही होता है।

अमित कुमार शर्मा 

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