Thursday, October 19, 2017

रौशन दिये -डॉक्टर प्रियंका का लेख

"रौशन-दीये"
  (कालजयी मानवता के...)
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दीपदानोत्सव का पर्व मनाओ...
सम्राटों के साम्राज्य को...
पुनः सजाओ...
हर दिल में पंचशील के...
दीप जलाओ...।।

सम्राटों के साम्राज्य को...
पुनः सजाओ...।।

पंचशील के दीप बुझते नहीं...
आँधी व तूफ़ानों से...
पंचशील के पंचशस्त्र का...
प्रकृति के प्रांगण में...
अभ्यास करो और कराओ...।।

सम्राटों के साम्राज्य को...
पुनः सजाओ...।।

उत्सव कुछ ऐसा हो कि;...
जन-जन के रोम-रोम में...
पंचशील रच बस जाये...
मानवता रौशन करनें की ख़ातिर...
कुछ इस क़दर जश्न मनाओ...।।

सम्राटों के साम्राज्य को...
पुनः सजाओ...।।

घर-आँगन-चौबारे-चौराहे...
राष्ट्रपथ-विश्वपटल...
हर पथ पर पंचशील के...
दीपमालाओं की लड़ियाँ...
आत्मियता से तुम जलाओ...।।

सम्राटों के साम्राज्य को...
पुनः सजाओ...।।

पंचशील के पंचशस्त्र संग...
मानवता के प्रहरी बन जाओ...
उजियारा ही उजियारा हो...
अमावस की हर कालरात्रि को...
पूनम की तुम रात बनाओ...।।

सम्राटों के साम्राज्य को...
पुनः सजाओ...।।

पंचशील के पंचदीयों संग...
विश्वपटल पर आ जाओ...
विश्वपटल पर आ जाओ...
विश्वपटल पर आ जाओ...

पंचशील के दीप प्रज्वलित करके...आप सबका विश्वपटल पर आह्वाहन करती हूँ...

""आ... दीपदानोत्सव के दीपों से...
धरा सजायें...
हर्षोल्लास से मिलजुल कर...
नीलगगन तले...
दीपदानोत्सव का पर्व मनायें...""

""आ...विश्वपटल पर...
मानवता के पुष्पों से...
रंगोली बना दें...
सम्पूर्ण ब्रम्हाण्ड में...
पंचशील के दीप जला दें...""

पुनः "सम्पूर्ण राष्ट्रों" को "भारत"की ओर से "दीपदानोत्सव पर्व" की असीम बधाईयाँ...

आ...अब...सभी मिलकर चलें...विश्वपटल की ओर...
🇮🇳🌏🇮🇳🌏🇮🇳🌏🇮🇳🌏🇮🇳
        आपके परिवार की
        अपनीं बेटी-
        डॉ. प्रियंका"हम हैं ना"
             9450182942
         सक्रिय समूह भारत
        🌈जागृत भारत🌈

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