Monday, October 16, 2017

मिलावटी तेल बेचा तो सीधे होगी जेल और आजीवन कारावास

कन्नौज ब्युरो पवन कुशवाह के साथ आलोक प्रजापति
कन्नौज: दीपावली पर मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों की खैर नहीं होगी। पकड़े जाने पर आजीवन कारावास समेत कड़ा जुर्माना लगाया जाएगा। शासन के निर्देश पर 31 अक्टूबर तक विशेष रूप से मिठाई, तेल व घी के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। खाद्य अफसरों की टीम बनाकर क्षेत्रों में छापेमारी की जाएगी। इस बार पकड़े जाने पर किसी तरह का बहाना नहीं चलेगा। खुले सरसों के तेल पर खास नजर रहेगी। किसी तरह की मिलावट मिलने पर दुकान सील कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मिठाई व घी खराब मिलने पर फेंका जाएगा जबकि मिलावट का संदेह होने पर पड़ताल के लिए नमूने भेजे जाएंगे। इससे पहले जागरूकता अभियान चलाकर दुकानदारों को हिदायत दी गई थी लेकिन अब तक अपनी हरकतों से बाज न आने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
तीन तहसील पर दो टीमें गठित कन्नौज सदर व तिर्वा तहसील क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंशुल पांडेय व इंद्रजीत ¨सह को लगाया गया है। वहीं, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल राठौर व अनुज कुमार को छिबरामऊ तहसील की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों टीमें शुक्रवार से अपने अपने क्षेत्रों में छापेमारी करेंगी। वहीं, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजीत कुमार पल-पल मॉनीट¨रग करेंगे। प्रतिदिन कार्रवाई की रिपोर्ट अभिहित अधिकारी सतीश कुमार शुक्ला को कार्रवाई की लिए सौंपी जाएगी।
15 दिन में आती रिपोर्ट, कोर्ट से होती सजा
नमूने की रिपोर्ट 15 दिन में आती है। परीक्षण में पूरी तरह से नमूना फेल होने पर आजीवन कारावास का प्रावधान है। ऐसे मामलों में सिविल कोर्ट सजा सुनाती है। वहीं, अन्य गड़बड़ी पर नमूना फेल होने पर तीन से चार साल का कारावास होता है। ऐसे मामले एसीजेएम कोर्ट में चलते हैं। मिलावट पर दो से तीन लाख रुपये जुर्माना लगाया जाता है। रिपोर्ट आने के बाद ऐसे मामले पर एडीएम कोर्ट जुर्माना तय करती है।
टीम से झगड़ा किया तो भी जेल
नमूने लेने पर दुकानदार टीम पर दबाव बनाते हैं। साथ ही सरकारी काम में हस्तक्षेप कर मारपीट भी करते हैं। हाल में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंशुल पांडेय के साथ ऐसी घटना घट चुकी है। उन्होंने दुकानदार पर एफआईआर भी दर्ज कराई थी। लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। शासन ने इसका भी संज्ञान लिया है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि ऐसी स्थिति पर सीधे बलवा, दंगा समेत अन्य संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इसके बाद गिरफ्तारी होगी।
दो सालों में अब तक की कार्रवाई पर नजर
-400 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए।
-छह दुकानदारों पर कड़ा जुर्माना लगाया गया।
-पांच दुकानदारों को सजा सुनाई गई।
-एक दर्जन से ज्यादा दुकानें सीज की गईं।
-फास्ट ट्रैक व एसीजेएम कोर्ट में 115 मामले लंबित।
-एडीएम कोर्ट में 80 मामले लंबित।

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