Sunday, October 29, 2017

मण्डल मुख्यालय पर मेडिकल कालेज खोलने की घोषणा सराहनीय कदम

अभी कुछ दिनों पहले हमने जनजीवन से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में आप सभी से चर्चा की थी और स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में होने वाली घटनाओं की चर्चा करते हुए इसके विस्तारीकरण का अनुरोध किया था।इतना ही आप सभी को यह भी याद होगा कि प्रदेश में योगीजी की सरकार बनने पर हमने दवाओं के अनियन्त्रित मूल्यों के संबंध में चर्चा करते हुए राजस्थान की तरह देश व प्रदेश में जनरेटिक दवाओं की दुकानों के विस्तारीकरण की मांग की थी। हमें बेहद खुशी और गर्व है कि हमारी केंद्र व प्रदेश दोनों सरकारों ने जनरेटिक दवाओं के विस्तारीकरण के आदेश दे दिये हैं और जल्दी ही सीएचसी स्तर तक जनरेटिक मेडिकल स्टोर खुलने की उम्मीद है। इसी तरह दुर्घटनाओं व अन्य बीमारियों के मरीजों को निकटतम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सीएचसी स्तर पर मिनी ट्रामा सेंटर खोलने की बात की थी। अभी मिनी ट्रामा सेंटर पर तो कोई फैसला नहीं लिया गया है लेकिन मुख्यमंत्री योगीजी ने मंडल स्तर पर मेडिकल कालेज खोलने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है जो स्वागत योग्य एक नेक और सराहनीय कार्य है।मुख्यमंत्री योगीजी ने यह घोषणा लखनऊ राजधानी स्थित लोहिया अस्पताल में दो सौ बेड वाले मातृ शिशु रेफरल अस्पताल का उद्घाटन करते हुए की।उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर मंडल मुख्यालय पर मेडिकल कालेज खोले जायेंगे।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार संसाधन व सुविधाएं देने के लिए तैयार है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगीजी द्वारा मेडिकल छात्रों को ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य करके कर्जमुक्त होने की दी गयी नसीहत भी स्वागत योग्य है और जितनी प्रंशसा की जाय कम है।बढ़ती आबादी के क्रम में संसाधनों का बढ़ना आवश्यक है क्योंकि विशेष परिस्थितियों में ही आम आदमी मेडिकल कालेज भागता है लेकिन जब जगह नहीं मिल पाती है तो उसकी छाती फट जाती है। सरकार ने राजमार्ग से जुड़ी अधिकांश सीएचसियों पर हर तरह के विशेषज्ञ डाक्टरों की तैनाती कर रखी हैं। अगर थोड़ी सी व्यवस्था व उपकरणों में विस्तार हो जाय तो सीएचसी पर मिनी ट्रामा सेंटर स्थापित किये जा सकते हैं।कहने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार ग्राम पंचायत स्तर तक हो गया है लेकिन मरीजों को भागकर सीएचसी या पीएचसी पर जाना पड़ता है।दुर्घटनाओं के शतप्रतिशत घायल सबसे पहले सीएचसियों पर आते हैं।तमाम लोग तात्कालिक स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में अकाल मर जाते हैं और उनके बच्चे अनाथ हो जाते हैं।ट्रामा सेंटर पहुंचने में काफी समय गुजर जाता है जिससे तमाम मौतें हो जाती हैं।आज हम पुनः अपने पाठकों और सरकार का ध्यान विभिन्न मार्गों पर रोजाना रातदिन हो रही दुर्घटनाओं में त्वरित स्वास्थ सेवा के अभाव में होने वाली मौतों की तरफ आकृष्ट कराना चाहते हैं जिसका निदान सिर्फ राजमार्ग से जुड़ी सीएचसियों को मिनी ट्रामा सेंटर के रूप में अपडेट करके किया जा सकता है। धन्यवाद।। सुप्रभात / वंदेमातरम् / गुडमार्निंग / नमस्कार / शुभकामनाएं।। ऊँ भूर्भुवः स्वः--------/ ऊँ नमः शिवाय।।।
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            भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/समाजसेवी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी
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