Friday, October 6, 2017

बिना रजिस्ट्रेशन ट्रैक्टर ट्राली से अवैध कारोबार

विमलेश कुशवाहा की रिपोर्ट कन्नौज  जिले में डग्गामार व ओवरलोड वाहनों के खेल में ट्रैक्टर.ट्रॉली भी शामिल हैं। पंजीयन कृषि कार्य का कराने के बाद इनका इस्तेमाल व्यावसायिक के लिए किया जा रहा है। कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर.ट्रॉली के कर मुक्त होने की आड़ में एआरटीओ कार्यालय की आंखों में धूल झोंक कर काम हो रहा है। व्यावसायिक में पंजीयन कराने पर हर साल कर चुकाना पड़ता है। कृषि कार्य को छोड़ अन्य कारोबार के लिए ट्रॉली का अलग से पंजीयन होता है। एआरटीओ कार्यालय में 10ए614 ट्रैक्टर पंजीकृत हैं। सभी के लाइसेंस कृषि कार्य के लिए हैं। लखनऊ.आगरा एक्सप्रेस वे पर निर्माण काम में लगे चार ट्रैक्टरों को छोड़ किसी के पास निजी कारोबार के लाइसेंस नहीं हैं जबकि ट्रॉली पंजीयन का कोई रिकार्ड नहीं है।
बैंकों में देते कृषि कार्य का हवाला
बैंक शाखाओं में कृषि कार्य का हवाला देकर ट्रैक्टर फाइनेंस कराए जाते हैं। इसके बाद दिए गए ऋण की पड़ताल नहीं होती है। हजारों ट्रैक्टर बैंक से फाइनेंस हैं। इसके बाद कृषि कार्य के नाम पर बालूए मौरंगए गिट्टीए टेंट समेत अन्य सामान ढोए जाते हैं। इनके कोई मानक भी नहीं हैं। क्षमता से कई गुना सामान लादा जाता है। हर महीने परिवहन विभाग को तगड़ी चपत लग रही है।
यह हैं ट्रैक्टर.ट्रॉली के लिए मानक
.कृषि कार्य के लिए कोई कर नहीं लगता।
.निजी काम के लिए पंजीयन अलग से होता।
.चालक के पास वाणिज्यिक लाइसेंस होना चाहिए।
.हर साल बीमाए फिटनेस व शुल्क की अनिवार्यता।
.वजन के हिसाब से ट्राली का पंजीयन कराना जरूरी।
बोले अफसर जिले में कृषि कार्य के नाम पर ट्रैक्टर.ट्राली का निजी कारोबार में इस्तेमाल होने की जानकारी है। इनके खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। अब तक एक दर्जन

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