Sunday, November 5, 2017

3 नवम्बर से शुक्र। ग्रह का तुला राशि में गोचर खोलेगा इन राशियों की किस्मत-अभय पांडेय

ज्योतिषचक्रे तु लोकस्य सर्वस्योक्तम शुभाशुभम।
ज्योतिर्ज्ञानम तु यो वेद स याति परमां गतिम॥

अर्थात लोक में शुभ और अशुभ की बात कहना केवल ज्योतिष से हीं संभव है,वेद रूपी इस ज्योति ज्ञान की प्राप्ति वाले को परम गति की प्राप्ति होती है।
भृगु गोत्र के ब्राह्मण,कमल पर आसीन,श्वेत वर्ण वाले,चार हाथ वाले रुद्राक्ष,वर मुद्रा,शिला और दण्ड जिनके चारों हाथों में है,ऐसे शुक्र का दिनाँक 3 नवम्बर को तुला राशि में प्रवेश हो रहा है जिसे हम “शुक्र का तुला राशि में गोचर” की संज्ञा देते हैं।

गोचरे वा विलग्ने वा ये ग्रहारिष्टसूचका:।
पूजयेत्तान प्रयत्नेन पूजिता: स्युः शुभप्रदा:॥

अर्थात गोचर में जो ग्रह अरिष्टकारक हों,उनको प्रसन्न करने का प्रयत्न करना चाहिये।प्रसन्न होकर वे ग्रह शुभफलप्रद हो जाते हैं।शुक्र का तुला  राशि में संचार 03-11-2017 को 00:12 पर हो रहा है, और यह 26 नवम्बर रात 10:20 बजे तक इस राशि मे रहेगा |आइये जानते है कि विभिन्न राशियों के लिए शुक्र का तुला राशि में संचार क्या फल प्रदान करेगा।

चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ

मेष– द्वितीयेश एवं सप्तमेश शुक्र की गोचर से सातवें भाव में उपस्थिति के कारण जातक को जननेंद्रिय से संबंधित रोग से शारीरिक कष्ट हो सकता है ।जीवनसाथी से विवाद के कारण दांपत्य सुख में कमी रहेगी ।यात्रा का योग बन रहा है ।इस अवधि में यात्रा अधिक रहेगी ।आलस्य की अधिकता रहेगी। इसके कारण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा ।3 नवंबर से 8 नवंबर तक शुक्र चित्रा नक्षत्र में रहेगा इसका स्वामी मंगल है ।इस अवधि में जीवन साथी को शारीरिक कष्ट हो सकता है ।अन्य स्त्री से संबंध के कारण अपमान सहना पड़ेगा। 8 नवंबर से 18 नवंबर तक राहु के स्वाति नक्षत्र में रहेगा। इस अवधि में शारीरिक कष्ट हो सकता है ।18 नवंबर से 26 नवंबर तक गुरु के विशाखा नक्षत्र में रहने से व्यवसाय में लाभ मिलेगा तथा यात्रा में खर्च होगा ।3 नवंबर से 17 नवंबर तक सूर्य एवं गुरु की युति के कारण जीवनसाथी को शारीरिक कष्ट का योग है। 17 नवंबर से 26 नवंबर तक गुरु के साथ युति के कारण व्यवसाय में लाभ एवं लंबी यात्रा हो सकती है।

इ, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वु, वे, वो

वृष– लग्नेश एवं षष्ठेश की गोचर से छटवे भाव में उपस्थिति के कारण शरीर स्वस्थ रहेगा ।भोग विलास में खर्च होगा ।नए वस्त्र एवं आभूषण की प्राप्ति होगी। शत्रु प्रबल होंगे ।इनके प्रभाव के कारण इनसे संधि करना ही श्रेष्ठ कर रहेगा ।परिवार से दूर रहना पड़ेगा तथा यात्रा में खर्च का योग है ।3 नवंबर से 8 नवंबर तक चित्रा नक्षत्र में रहेगा। इस नक्षत्र का स्वामी मंगल है ।इस अवधि में यात्रा में खर्च एवं जीवनसाथी को शारीरिक कष्ट हो सकता है ।8 नवंबर से 18 नवंबर तक स्वाति नक्षत्र में रहेगा। इस नक्षत्र का स्वामी गुरु है स्वामी राहु है। इस अवधि में शत्रु के कारण हानि हो सकती हैं । 18 नवंबर से 26 नवंबर तक विशाखा नक्षत्र में रहेगा। इस नक्षत्र का स्वामी गुरु है। इस अवधि में खर्च की अधिकता रहेगी तथा संचित धन में हानि का योग है। 3 नवंबर से 17 नवंबर तक सूर्य गुरु एवं शुक्र की युति के कारण शत्रु के विरोध के कारण सुख में हानि का योग है तथा भोगविलास में खर्च की अधिकता रहेगी। 17 नवंबर से 26 नवंबर तक गुरु शुक्र की युति से जीवनसाथी को शारीरिक कष्ट हो सकता है।

का, की, कु, घ, ड, छ, के, को, हा

मिथुन– व्ययेश एवं पंचमेश शुक्र की गोचर से पांचवे भाव में उपस्थित हैं ।जिसके कारण विद्या एवं संतान का पूर्ण सुख प्राप्त होगा ।संगीत में रुचि बढ़ेगी ।नव दंपत्ति को संतान की प्राप्ति का योग बन रहा है ।मनोरंजन भोग-विलास में खर्च होगा ।सुख समृद्धि में वृद्धि होगी ।दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। 3 नवंबर से 8 नवंबर तक शुक्र मंगल के चित्र नक्षत्र में रहेगा। इस अवधि में आय की वृद्धि होगी शत्रु पराजित होंगे। 8 नवंबर से 17 नवंबर तक स्वाति नक्षत्र में रहेगा। इसका स्वामी राहु है। इस अवधि में खर्च की अधिकता रहेगी ।17 नवंबर से 26 नवंबर तक विशाखा नक्षत्र में रहेगा ।इसका स्वामी गुरु है ।इस अवधि में दांपत्य सुख उत्तम मिलेगा। कार्य क्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी। 3 नवंबर से 17 नवंबर तक सूर्य गुरु एवं शुक्र की युति के कारण मित्र एवं भाई बंधुओं से अच्छा संबंध रहेगा। राजकीय कार्य में सफलता प्राप्त होगी। 17 नवंबर से 26 नवंबर तक शुक्र एवं गुरु की युति से विद्या के द्वारा आय में वृद्धि होगी ।संतान प्राप्ति का योग बन रहा है।

ही,  ही, हे, हो, डा डी, डू, डे, डो

कर्क– चतुर्थेश एवं आयेश शुक्र की गोचर से चित्र चतुर्थ भाव में उपस्थिति के कारण हर मनोकामना पूर्ण होगी ।वाहन एवं मकान आदि का सुख प्राप्त होगा ।वैभव एवं एवं ऐश्वर्य में वृद्धि  होगी ।जनता में मान सम्मान की प्राप्ति होगी ।कार्य क्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी ।माता का पूर्ण सुख प्राप्त होगा ।दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। 3 नवंबर से 8 नवंबर तक शुक्र चित्रा नक्षत्र में रहेगा ।इसका स्वामी मंगल है ।इस अवधि में विद्या एवं संतान का सुख प्राप्त होगा ।प्रशासनिक कार्य में सफलता प्राप्त होगी ।8 नवंबर से 18 नवंबर तक स्वाति नक्षत्र में रहेगा। इसका स्वामी राहु है। इस अवधि में भोग विलास की अधिकता रहेगी ।शारीरिक कष्ट हो सकता है तथा राजनीति में सफलता प्राप्त हो सकती है। 18 नवंबर से 26 नवंबर तक विशाखा नक्षत्र में रहेगा ।इसका स्वामी गुरु है ।इस अवधि में भाग्य का पूर्ण सुख प्राप्त होगा ।हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी ।3 नवंबर से 17 नवंबर तक सूर्य गुरु एवं शुक्र की युति के कारण इस अवधि में अधिक स्त्रोत से धन की प्राप्ति होगी ।17 नवंबर से 26 नवंबर तक गुरु शुक्र की युति के कारण कार्यक्षेत्र में सफलता एवं पदोन्नति का अवसर प्राप्त होगा।

मा, मी, मू, मे मो, टा, टी, टू, टे

सिंह-तृतीयेश एवं दशमेश शुक्र की तृतीय भाव में उपस्थिति के कारण मित्र में वृद्धि होगी। अर्थात नए मित्र बनेंगे। छोटे भाई बहन से मधुर संबंध रहेंगे ।धार्मिक कार्य में रुचि बढ़ेगी। भाग्य का पूर्ण सुख प्राप्त होगा ।कम प्रयास में ही सफलता प्राप्त होगी ।कार्यक्षेत्र में मान सम्मान की प्राप्ति होगी ।राजकीय कार्य में पदोन्नति का अवसर प्राप्त होगा ।3 नवंबर से 8 नवंबर तक शुक्र चित्रा नक्षत्र में रहेगा ।इस नक्षत्र का स्वामी मंगल है ।इस अवधि में भूमि वाहन का उत्तम सुख प्राप्त होगा तथा समाज में सम्मान की प्राप्ति होगी ।8 नवंबर से 18 नवंबर तक स्वाति नक्षत्र के मे रहेगा ।इस नक्षत्र का स्वामी राहु है ।इस अवधि में सौंदर्य प्रसाधन आदि में खर्च होगा 18 नवंबर से 26 नवंबर तक गुरु का विशाखा नक्षत्र में रहेगा ।इस अवधि में विद्या एवं संतान की प्राप्ति होगी ।शरीर स्वस्थ रहेगा। 3 नवंबर से 17 नवंबर तक शुक्र सूर्य एवं गुरु की युति रहेगी। इस अवधि में कार्य क्षेत्र में मनोवांछित सफलता प्राप्त होगी तथा पदोन्नति का अवसर प्राप्त होगा ।17 नवंबर से 26 नवंबर तक गुरु एवं शुक्र की युति रहेगी। भाव इस अवधि में विद्या के प्रभाव से मान सम्मान की प्राप्ति होगी।

टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

कन्या-भाग्येश एवं द्वितीयेश शुक्र की गोचर से द्वितीय भाव में उपस्थिति के कारण संचित धन में आशा से अधिक वृद्धि प्राप्त होगी। संगीत में विशेष रुचि उत्पन्न होगी। वाणी के प्रभाव से समाज में सम्मान की प्राप्ति होगी। कुटुंब के साथ मधुर संबंध रहेंगे दांपत्य जीवन सुखमय  रहेगा। शरीर स्वस्थ रहेगा नए वस्त्र एवं आभूषण की प्राप्ति होगी । नाना प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन प्राप्त होंगे। 3 नवंबर से 8 नवंबर तक शुक्र  चित्रा नक्षत्र में रहेगा, जिसका स्वामी मंगल है। इस अवधि में शरीर स्वस्थ रहेगा। 8 नवंबर से 17 नवंबर तक शुक्र स्वाति नक्षत्र में रहेगा। इसका स्वामी राहु है इस अवधि में मनवांछित आय की प्राप्ति होगी। 17 नवंबर से 26 नवंबर तक शुक्र गुरु की विशाखा नक्षत्र में रहेगा। इस अवधि में वाहन आदि का सुख प्राप्त होगा ।दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा ।3 नवंबर से 17 नवंबर तक सूर्य, गुरु एवं शुक्र की युति रहेगी। इस अवधि में बाहरी स्थान से संबंध बनेंगे तथा व्यवसाय में लाभ मिलेगा। 17 नवंबर से 26 नवंबर तक शुक्र एवं गुरु की युति से इस अवधि में दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा।

रा, री, रु, रे, रो, ता, ती, तू, ते

तुला-अष्टमेश एवं लग्नेश शुक्र की गोचर से लग्न में उपस्थिति के कारण शरीर में निखार आता है तथा शरीर स्वस्थ रहता है। विवाह का अवसर प्राप्त होगा तथा नव दंपति को संतान सुख की प्राप्ति होगी। विद्या में सफलता प्राप्त होगी। व्यवसाय में वृद्धि होगी। शत्रु पराजित रहेंगे ।3 नवंबर से 8 नवंबर तक शुक्र मंगल की चित्रा नक्षत्र में रहेगा  दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा परंतु अन्य स्त्री से संबंध की प्रवत्ति हो सकती है। 8 नवंबर से 18 नवंबर तक शुक्र स्वाति नक्षत्र में रहेगा ।जिसका स्वामी राहु है। इस अवधि में राजनीति से लाभ हो सकता है। 18 नवंबर से 26 नवंबर तक शुक्र विशाखा नक्षत्र में रहेगा ।इसका स्वामी गुरु है। इस अवधि में पराक्रम में वृद्धि होगी ।शत्रु पराजित होंगे ।3 नवंबर से 17 नवंबर तक सूर्य, शुक्र एवं गुरु  की युति रहेगी ।इस अवधि में आय की प्राप्ति होगी। 17 नवंबर से 26 नवंबर तक शुक्र गुरु की युति रहेगी। इस अवधि में शत्रु पराजित होंगे ।

तो,ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

वृश्चिक–  व्ययेश एवं सप्तमेश की गोचर से छठे भाव में उपस्थिति के कारण शरीर स्वस्थ रहेगा। भोग विलास में खर्च होगा। नए वस्त्र एवं आभूषण की प्राप्ति होगी ।शत्रु प्रबल होंगे। इनके प्रभाव के कारण इनसे संधि करना ही श्रेष्ठकर रहेगा। परिवार से दूर रहना पड़ेगा तथा यात्रा में खर्च का योग है ।3 नवंबर से 8 नवंबर तक चित्रा नक्षत्र में रहेगा। इस नक्षत्र का स्वामी मंगल है ।इस अवधि में यात्रा में खर्च एवम जीवनसाथी को शारीरिक कष्ट हो सकता है ।दांपत्य सुख में कमी आ सकती है ।8 नवंबर से 18 नवंबर तक शुक्र स्वाति नक्षत्र में रहेगा। इस नक्षत्र का स्वामी राहु है। इस अवधि में खर्च की अधिकता रहेगी ।18 नवंबर से 26 नवंबर तक शुक्र विशाखा नक्षत्र में रहेगा इस नक्षत्र का स्वामी गुरु है। इस अवधि में संचित धन में वृद्धि होगी। 3 नवंबर से 17 नवंबर तक सूर्य, शुक्र एवं गुरु की युति के कारण निर्माण कार्य एवं आमोद प्रमोद में खर्चा होगा। 17 नवंबर से 26 नवंबर शुक्र एवं गुरु की युति के कारण संचित धन मे वृद्धि होगी। संतान का सुख प्राप्त होगा।

ये, यो, भा, भी, भू, ध, फ, ढ, भे

धनु-षष्ठेश एवं आयेश  शुक्र की गोचर से आय भाव में उपस्थिति के कारण आय  की प्राप्ति होगी। बड़े भाई से अच्छे संबंध रहेंगे। शत्रु पराजित होंगे तथा आय की  वृद्धि में सहायक सिद्ध होंगे। विद्या एवं संतान का सुख प्राप्त होगा, कम प्रयास में ही कार्य में सफलता प्राप्त होगी। स्त्री से संबंधित सभी सुखों की प्राप्ति होगी । 3 नवंबर से 8 नवंबर तक शुक्र चित्रा नक्षत्र में रहेगा इसका स्वामी मंगल है। इस अवधि में भोग विलास में खर्च होगा तथा विद्या एवं संतान का पूर्ण सुख प्राप्त होगा। 8 नवंबर से 18 नवंबर तक शुक्र स्वाति नक्षत्र में रहेगा इसका स्वामी राहु है इस अवधि में भोग विलास में अधिकता  के कारण शरीर अस्वस्थ हो सकता है।18 नवंबर से 26 नवंबर तक शुक्र विशाखा नक्षत्र में रहेगा इसका स्वामी गुरु है इस अवधि में सुख समृद्धि में वृद्धि होगी तथा शरीर स्वस्थ रहेगा। 3 नवंबर से 17 नवंबर तक सूर्य शुक्र एवं गुरु की युति के कारण इस अवधि में राजदरबार में सम्मान की प्राप्ति होगी तथा विभिन्न स्रोतों से आय में वृद्धि होगी। 17 नवंबर से 26 नवंबर तक गुरु एवं शुक्र की युति रहेगी इस अवधि में सुख एवं समृद्धि में वृद्धि होगी तथा शरीर स्वस्थ रहेगा।

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

मकर– पंचमेश एवं दशमेश शुक्र की गोचर से दशम भाव में उपस्थिति के कारण आलस्य की अधिकता रहेगी ।जिसके कारण कार्य क्षेत्र में पूर्ण सफलता प्राप्त नहीं होगी ।संगीत से संबंधित जातक को मान सम्मान की प्राप्ति होगी ।पिता को शारीरिक कष्ट हो सकता है ।भूमि वाहन आदि का उत्तम सुख होते हुए भी कमी का आभास होगा ।आलस्य के कारण कार्य की सफलता में अवरोध हो सकता है। प्रतिद्वंदी की संख्या में वृद्धि हो सकती है। संतान के सहयोग से कार्य क्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी। 3 नवंबर से 8 नवंबर तक शुक्र चित्रा नक्षत्र में रहेगा ।इस का स्वामी मंगल है। इस अवधि में माता को शारीरिक कष्ट हो सकता है। 8 नवंबर से 18 नवंबर तक रहेगा इसका स्वामी राहु इस अवधि में व्यवसाय में लाभ होगा ।दांपत्य सुख में कमी रहेगी। 18 नवंबर से 26 नवंबर तक शुक्र विशाखा नक्षत्र में होगा।इस राशि का स्वामी गुरु है। इस अवधि में मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। 3 नवंबर से 17 नवंबर तक गुरु ,शुक्र एवं सूर्य की युति के कारण इस अवधि में आमोद-प्रमोद में खर्च होगा। पिता को कष्ट हो सकता है। 17 नवंबर से 26 नवंबर तक गुरु शुक्र की युति रहेगी ।इस अवधि में पराक्रम में वृद्धि होगी एवं मित्र का सहयोग प्राप्त होगा।

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

कुम्भ-चतुर्थेश एवं भाग्येश शुक्र की गोचर से नवम भाव में उपस्थिति के कारण धार्मिक कार्य में रुचि बढ़ेगी। पराक्रम में वृद्धि तथा सुख समृद्धि में वृद्धि होगी। आशा से अधिक धन की प्राप्ति होगी। परिवार में मांगलिक कार्य होंगे, नए वस्त्र एवं आभूषण की प्राप्ति होगी। राज दरबार में मान सम्मान मिलेगा तथा पुरस्कार भी मिल सकता है। चिर स्थाई धन की प्राप्ति होगी। 3 नवंबर से 8 नवंबर तक शुक्र चित्रा नक्षत्र में रहेगा इस का स्वामी मंगल है इस अवधि में राजकीय कार्य में सफलता मिलेगी। 8 नवंबर से 18 नवंबर तक शुक्र स्वामी नक्षत्र रहेगा इसका स्वामी राहु है इस अवधि में शत्रु पराजित होंगे। 18 नवंबर से 26 नवंबर  तक शुक्र विशाखा नक्षत्र में रहेगा इसका स्वामी गुरु है इस अवधि में मनवांछित धन की प्राप्ति होगी। 3 नवंबर से 17 नवंबर तक सूर्य गुरु शुक्र की युति के कारण इस अवधि में प्रत्येक  क्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी। 17 नवंबर से 26 नवंबर तक  शुक्र एवं  गुरु की युति के कारण इस अवधि में परिवार में मांगलिक कार्य होंगे तथा धन धान्य में वृद्धि होगी।

दी दू, थ, झ, ञ दे, दो, चा, ची

मीन- तृतीयेश एवं अष्टमेश शुक्र की गोचर से अष्टम भाव में उपस्थिति के कारण आयु में वृद्धि होगी। आकस्मिक धन लाभ का योग है। पराक्रम के द्वारा कार्य में सफलता प्राप्त होगी एवं कुटुम्ब का पूर्ण सुख प्राप्त होगा। वाणी में मधुरता रहेगी तथा वाणी के प्रभाव से समाज में सम्मान की प्राप्ति होगी। 3 नवंबर से 8 नवंबर तक शुक्र चित्रा नक्षत्र में रहेगा इसका स्वामी मंगल है इस अवधि में प्रशासनिक कार्य में सफलता प्राप्त होगी। 8 नवंबर से 18 नवंबर तक शुक्र स्वाति नक्षत्र में रहेगा इसका स्वामी राहु है इस अवधि में आय में वृद्धि होगी। 18 नवंबर से 26 नवंबर तक शुक्र विशाखा नक्षत्र में रहेगा इसका स्वामी गुरु है इस अवधि में शरीर स्वस्थ रहेगा कार्य क्षेत्र में मनोवांछित सफलता प्राप्त होगी। 3 नवंबर से 17 नवंबर तक सूर्य शुक्र एवं गुरु की युति रहेगी इस अवधि में शत्रु पराजित होंगे। 17 नवंबर से 26 नवंबर तक गुरु एवं शुक्र की युति रहेगी इस अवधि में शरीर स्वस्थ रहेगा तथा राज दरबार में मान सम्मान की प्राप्ति होगी।
ज्योतिर्विद् अभय पाण्डेय
वाराणसी
9450537461

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