Saturday, November 25, 2017

अनुशाशन हीनता के आरोप में छात्रों को किया गया हास्टल से बाहर

कन्नौज ब्यूरो पवन कुशवाहा के साथ आलोक प्रजापति
तिर्वा पिछले माह मेडिकल कॉलेज में हुए बवाल को लेकर मेडिकल प्रशासन ने अनुशासनहीनता के आरोप में छह छात्रों को हॉस्टेल से बाहर निकाल कर कार्रवाई की है। कई अन्य छात्रों को चेतावनी देकर स्पष्टीकरण भी मांगा गया। हालांकि अभी तक मेडिकल जांच समिति रैगिंग का आरोप सिद्ध नहीं कर सकी है। जब पूरे मामले के पीछे रैगिंग को ही वजह बताया गया था।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के मामले को लेकर पिछले माह एमबीबीएस छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ हंगामा कर सुरक्षा गार्डों के साथ मारपीट की थी। जिसके चलते कॉलेज में भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। सभी आरोपित छात्रों को पुलिस प्रशासन ने हॉस्टल से सामान निकालकर बाहर का रास्ता दिखाया था। सुरक्षा गार्डों से की गई मारपीट के चलते 13 छात्रों के खिलाफ कोतवाली में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले की जांच कॉलेज की एन्टी रैगिंग समिति ने जांच की थी, जिसमें अभी तक रैगिंग का आरोप सिद्ध नहीं हो सका है। उधर सुरक्षा कर्मियों ने अपना प्रार्थना पत्र वापस ले लिया था। जिससे पुलिस प्रशासन ने कार्यवाई स्थगित कर दी थी। गुरुवार को मेडिकल जांच समिति की ओर से पैरा-16 के छह छात्रों को अनुशासनहीनता का आरोप सिद्ध होने की रिपोर्ट प्राचार्य डॉ. डीएस मार्तोलिया को दी गई। प्राचार्य ने सभी छात्रों को तीन माह के लिए हॉस्टल से बेदखल कर दिया। आरोपित छात्रों को कॉलेज कैम्पस में केवल कक्षाएं लेने की अनुमति दी गई। प्राचार्य डॉ. मार्तोलिया ने बताया कि अन्य छात्रों पर अनुशासनहीनता के आरोप में चेतावनी देकर स्पष्टीकरण की कार्रवाई की गई है। कैम्पस में किसी कीमत पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी। ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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