Tuesday, November 14, 2017

उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव पर विशेष रिपोर्ट

जिला मजिस्ट्रेट सर्वज्ञराम मिश्र ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग उ0प्र0 नगरीय निकाय सामान्य निर्वाचन 2017 आदर्श आचार संहिता में बताया कि सरकारी वाहनों आदि सहित किसी परिवहन का प्रयोग, किसी दल या किसी उम्मीदवार के हित को बढ़ावा देने के लिए नही किया जाएगा। केन्द्र या राज्य के कोई भी मंत्री, निर्वाचन से सम्बन्धित किसी भी अधिकारी को कही भी किसी सरकारी विचार-विमर्श के लिए नही बुला सकते है, मंत्री सरकारी कार्य हेतु अपने सरकारी आवास से कार्यालय तक ही आने जाने के लिए अपने सरकारी वाहनों का प्रयोग करने के हकदार होंगे, मुख्यमंत्री या मंत्री सहित कोई भी राजनैतिक व्यक्ति नगरीय निकाय के निर्वाचन क्षेत्र में आयोजित ऐसे समारोह, जिसमें सरकारी धन का प्रयोग हो, से सम्मिलित नही हो सकते है, मंत्री और अन्य प्राधिकारी आदर्श आचार संहिता लागू होने के दिनांक से विवेकाधीन निधियों से कोई अनुदान स्वीकृत नही कर सकते है, किसी नगरीय निकाय क्षेत्र में कोई मंत्री या अन्य कोई प्राधिकारी, किसी रुप में किसी वित्तीय अनुदान की घोषणा नहीं कर सकते है और न ही वे किसी प्रकार की परियोजना या योजना का शिलान्यास कर सकते है चालू योजनाओं के लिए धनराशि अवमुक्त करने के लिए कोई प्रतिबन्ध नही होगा, पूजा स्थलों जैसे मन्दिर, मस्जिद, गिरजाघर व गुरुद्वारा आदि का उपयोग निर्वाचन में प्रचार तथा निर्वाचन सम्बन्धी अन्य कार्यों हेतु नही किया जाएगा। मत प्राप्त करने के लिए जाति या साम्प्रदायिक भावनाओं की अपील नही की जाएगी, सभी राजनीतिक दल/उम्मीदवार ऐसे कार्यो से अलग रहेगे जो निर्वाचन विधि के अन्तर्गत भ्रष्ट आचरण/अपराध माने गये है, जैसे-किसी चुनावी सभा में गड़बड़ी करना या करवाना, मतदाता को डरा धमकाकर या आतंकित कर

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