Wednesday, November 22, 2017

उत्तर प्रदेश में शाम दाम दण्ड भेद सुरु-आलोक प्रजापति

कन्नौज ब्यूरो पवन कुशवाहा के साथ आलोक प्रजापति
कन्नौज। नगर निकाय चुनाव का किला जीतने के लिए भाजपा, सपा, कांग्रेस व बसपा के योद्धा अब आमने-सामने हो गए हैं। शह-मात का खेल जारी है। जिले में 23 नवंबर को एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रहेंगे तो दूसरी तरह सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पहुंचने की सुगबुगाहट तेज हो गई। इससे निकाय क्षेत्रों में मुकाबला रोचक होने के आसार हैं। कांग्रेस व बसपा की निगाह भी बड़े नेताओं व आधार वोट बैंक पर दिख रही है।
भाजपा : योगी की सीख व संगठन का 'चक्रव्यूह'
जले में 23 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की जनसभा यूं ही नहीं रखी गई है। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यहां की तीन विधानसभा सीटों में छिबरामऊ व तिर्वा पर कब्जा जमाया जबकि कन्नौज सदर में मात मिली। मुख्यमंत्री की जनसभा बोर्डिग ग्राउंड में होने से कन्नौज नगर पालिका परिषद समेत बाकी जगह माहौल तैयार करने की मंशा है। जनसभा से गुटबाजी समेत सभी रोग दूर करने का तीर चलेगा। इससे पहले क्षेत्रीय संगठन मंत्री ओम प्रकाश अपनी व्यूह रचना तैयार कर चुके हैं। जिले के आठ निकाय चुनाव क्षेत्रों में बूथ से लेकर मतदाता सूची के पन्ना प्रभारी तय किए गए हैं। एक पन्ने पर निश्चित मतदाताओं की संख्या तक पहुंच बनाने का जिम्मा इनको सौंपा गया है। इस दांव से विरोधियों की हर चाल की काट तैयार की गई है।
सपा : सबकी निगाह अखिलेश पर, टीमें जुटी
डॉ. राम मनोहर लोहिया की कर्म भूमि पर पूर्व मुख्यमंत्री व सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जिले के हर सपाई की निगाह है। उनके इशारे का सभी को इंतजार है। आठों निकाय क्षेत्रों में पार्टी के लड़ाके मैदान में जुटे हैं, टीमें लगाई गई हैं। 29 नवंबर को मतदान से पहले 22 व 23 नवंबर समेत अन्य कुछ तारीखों में अखिलेश के कन्नौज पहुंचने की सुगबुगाहट है। वह अपने स्तर से निजी समारोह के बहाने रूठों को मनाएंगे और पार्टी के पक्ष में खड़ा करेंगे तो जीतने का मंत्र भी देंगे।

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