Wednesday, November 8, 2017

पैराडाइज़ पेपर घोटाला कितना गोरा कितना काला

नवाज़ शरीफ की नौकरी गई. दुनिया भर के नेताओं की छीछालेदर हुई. अब भी हो रही है. पनामा पेपर्स से शुरू हुआ भूकंप अभी थमा भी नहीं है. तिस पर इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ) ने एक और बम गिरा दिया है. इस वाली किस्त का नाम रखा गया है ‘पैराडाइज़ पेपर्स.’ इसे दुनिया में व्यावसायिक जानकारी (फाइनेंशियल डेटा) की अब तक की सबसे बड़ी लीक कहा जा रहा है. इस जानकारी के आधार पर ICIJ ने दुनिया भर में रईसों और कॉर्पोरेट कंपनियों की टैक्स चोरी का पता लगाया है. इनमें कई नाम भारतीयों और भारतीय कंपनियों के भी हैं.
कितना डेटा लीक हुआ है?
एक करोड़ चौतीस लाख. माने 1,34,00,000. लगभग इतने दस्तावेज़ लीक हुए हैं. इनमें से ज़्यादातर ‘एप्पलबी’ (Appleby) नाम की एक लॉ-फर्म से हैं. ये सारे लीक होकर पहुंचे एक धाकड़ अखबार सूदग़ाडचे ज़ाइटुंग(Süddeutsche Zeitung) के पास. ये एक जर्मन अखबार है. पनामा पेपर लीक के दस्तावेज़ भी इसी अखबार के पास पहुंचे थे. इस अखबार ने ये सारे दस्तावेज़ ICIJ को दिए और ICIJ से जुड़े दुनियाभर के अखबारों ने इस डाटा की स्कैनिंग की. भारतीय कंपनियों की टैक्स चोरी से जुड़े दस्तावेज़ की उलट-पलट ‘इंडियन एक्सप्रेस’ ने की है. इंडियन एक्सप्रेस की पत्रकार रितु सरीन ICIJ की नेटवर्क कमिटी की सदस्य हैं. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक भारतीय कंपनियों से जुड़े दस्तावेज़ों को पढ़ने-परखने में ही 10 महीने लग गए. अपनी जांच के आधार पर अखबार 40 रिपोर्ट छापने वाला है.
क्या है एप्पलबी?
एप्पलबी एक लॉ-फर्म है. 119 साल पहले बरम्यूडा में रजिस्टर हुई. बरम्यूडा शब्द के साथ जिस तरह का रहस्य जुड़ा हुआ है, वैसा ही इस लॉ फर्म के साथ भी है. इसके साथ दुनिया भर के वकील, अकाउंटेंट और बैंकर जुड़े हुए हैं. इतना ताकतवर नेटवर्क होने के बावजूद ये फर्म टैक्स एडवाइज़री (कर सलाह) का काम नहीं करती है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक ये फर्म अपने क्लाइंट्स के लिए हर तरह के उल्टे काम करती है. उदाहरण के लिए टैक्स चोरी, कम टैक्स देकर याट या प्लेन खरीदना या फिर रियल एस्टेट में पैसा लगाना. एप्पलबी इसके लिए एस्क्रो अकाउंट (एक तरह का थर्ड पार्टी अकाउंट) खोलने से लेकर पूरी की पूरी फर्ज़ी कंपनियां तक खड़ी करती है. ये कंपनियां टैक्स हैवन कहलाने वाले देशों में रजिस्टर की जाती हैं. टैक्स हैवन माने ऐसे देश जहां टैक्स दरें बेहद कम हैं.

भारत से किस-किस का नाम है?
ICIJ की जांच में 180 देशों की कंपनियों की जानकारी है. भारत से 714 नाम हैं. इस हिसाब से भारत ICIJ की नामों की लिस्ट में 19वें नंबर पर है. एप्पलबी भारत की कई कंपनियों के साथ काम करती है. नंद लाल खेमका का ‘सन ग्रुप’ दुनिया में एप्पलबी का दूसरा सबसे बड़ा क्लाइंट है. इस समूह की 118 कंपनियां विदेशों में रजिस्टर्ड हैं. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक जांच में उन ‘प्रसिद्ध कंपनियों’ के नाम शामिल हैं, जिनके खिलाफ सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जांच कर चुके हैं. कुछ कंपनियां वे हैं जिन पर 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में जांच चल चुकी हैं. सीबीआई इन कंपनियों की जांच के संबंध में एप्पलबी के साथ ख़तो-किताबत कर चुकी है. कुछ चर्चित केस जिनसे जुड़ी कंपनियों के नाम सामने आए हैं वो ये रहेः-
* सन-टीवी-एयरसेल-मैक्सिस केस
* एस्सार-लूप 2जी केस
राजस्थान में हुए एम्बुलेंस घोटाले में कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत का नाम सामने आया था. इस घोटाले से जुड़ी कंपनियों के नाम ICIJ की सूची में हैं
* एसएनसी-लवलिन केस (इसमें केरल के सीएम पिनरई विजयन का नाम सामने आया था. वे बाद में बरी हो गए थे.)
* राजस्थान एंबुलेंस घोटाला (राजस्थान पुलिस की जांच में एक्स सीएम अशोक गहलोत, सचिन पायलट और कार्ती चिदंबरम का नाम आया था)
* वायएसआर कांग्रेस चीफ जगनमोहन रेड्डी के खिलाफ चल रहा सीबीआई केस
इनके अलावा कई दिग्गज हस्तियों के नाम पैराडाइज़ पेपर की पड़ताल में सामने आए हैं. इनमें प्रमुख हैंः
* अमिताभ बच्चन
* नीरा राडिया
* नागरिक उड्डयन मंत्री जयंत सिन्हा
* भाजपा से राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा
* विजय माल्या
* दिलनशीं संजय दत्त  (मान्यता दत्त)

कई कॉर्पोरेट समूहों से जुड़े दस्तावेज़ भी सामने आए हैं. इनमें प्रमुख हैंः
* GMR  समूह
* अपोलो टायर्स
* हेवेल्स
* हिंदुजा समूह
* एम्मार एमजीएफ
* विडियोकॉन
* हीरानंदानी समूह
* डीएस कंस्ट्रक्शन
* यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड इंडिया
* डिएगो

बाकी दुनिया से इन पर लगे हैं इल्ज़ाम
– अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के कॉमर्स सेक्रेटरी विलबर रॉस और रूस के बीच संबंध. विलबर अरबपति हैं;
– कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रू़डो के चीफ फंडरेज़र का खुफिया लेनदेन;
– ट्विटर और फेसबुक में रूसी कंपनियों का निवेश;
– इंग्लेंड की रानी क्वीन एलिज़ाबेथ-2 का मेडिकल और कंज्यूमर लोन कंपनियों में निवेश;
– संयुक्त अरब अमीरात द्वारा जासूसी प्लेन की खरीद
– इनके अलावा कई चर्चित कंपनियों के नाम भी हैं – जैसे मैक्डॉनल्ड्स, नाइकी, एप्पल, वॉलमार्ट, याहू, सीमेन्स वगैरह.
* पैराडाइज़ पेपर्स लीक को लेकर एप्पलबी ने कहा है कि इनमें फर्म द्वारा घपले के सबूत नहीं हैं.  भाजपा नेता जयंत सिन्हा से जब समाचार एजेंसी ने इस खुलासे के बारे में सवाल किया तो उन्होंने  एक पन्ने पर लिख दिया, “भागवत कथा के कारण 7 दिन का मौनव्रत है.”

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