Saturday, November 4, 2017

बुध ग्रह का इस राशि में गोचर बना सकता है धनवान इसमे कहीं आप भी तो नही

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर

कालज्ञानम ग्रहाधीनम , ग्रहा: कर्मफलप्रदा:।सृष्टिरक्षणसंहारा: , सर्वे चापिग्रहनुगा:॥

सब कुछ ग्रहों के अधीन है तो हम ग्रह नक्षत्र का परिज्ञान करके अच्छे कार्य मे क्यूँ न संलग्न हो।ग्रहों मे सूर्य चंद्रमा को राजा तो बुध को युवराज की संज्ञा दी गयी है,बुध सम स्वभाव का ग्रह है और वह पापग्रहों के साथ होकर उनके अनुसार आचरण करता है ,साथ ही शुभ ग्रहों के साथ होकर शुभ फल की प्राप्ति कराता है।इसी क्रम को ध्यान मे रखकर बुध का वृश्चिक राशि मे प्रवेश किस प्रकार से विभिन्न राशि वालों को प्रभावित करेगा विवेचन किया गया है,आइये पढ़ें और जाने बुध का वृश्चिक राशि मे संचार  जीवन मे किस प्रकार के संचार संचारित करेगा-

चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ

मेष-मेष राशि एवं लग्न वाले जातकों के लिए त्रित्येश एवं षष्ठेश बुध की गोचर से अष्टम भाव में उपस्थिति के फलस्वरूप जातक पराक्रम के द्वारा संचित धन में वृद्धि करेगा| शत्रु पराजित होंगे| कुटुंब का पूर्ण सुख प्राप्त होगा| आकस्मिक धन लाभ का योग भी हो सकता है| स्वास्थ्य में कमी आएगी| कफ एवं वातजनित रोग से शारीरिक कष्ट का योग है| विद्या एवं संतान सुख प्राप्त होगा| समाज में प्रतिष्ठा बढेगी| २ नवम्बर से ४ नवम्बर तक बुध विशाखा नक्षत्र में रहेगा इसका स्वामी गुरु है, इस अवधि में बाहरी स्थान से लाभ मिलेगा| ४ नवम्बर से १३ नवम्बर तक बुध, शनि के अनुराधा नक्षत्र में रहेगा, जिसके फ़लस्वरूप इस अवधि में आकस्मिक लाभ की प्राप्ति होगी एवं कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी| शारीरिक कष्ट हो सकता है| १३ नवम्बर से २४ नवम्बर तक बुध अपनी ज्येष्ठा नक्षत्र में रहेगा, इस अवधि में आकस्मिक धन लाभ का योग है| 17 नवम्बर से २४ नवम्बर तक बुध एवं सूर्य की युति के कारण नेत्र विकार से कष्ट हो सकता है| विद्या एवं संतान के सहयोग से धन की वृद्धि होगी| परिवार में एकता रहेगी|

इ, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वु, वे, वो

वृष-द्वितीयेश  एवं पंचमेश बुध की गोचर से सप्तम भाव में उपस्थिति के कारण दाम्पत्य सुख में कलहपूर्ण वातावरण रहेगा| वैचारिक मतभेद के कारण जीवनसाथी से विवाद रहेगा| मन की चंचलता के कारण अनावश्यक तनाव का आभास होगा| विद्या के प्रभाव से तथा संतान के सहयोग से व्यवसाय में लाभ की प्राप्ति होगी| उदर विकार से सम्बंधित रोग से शारीरिक कष्ट हो सकता है| बुध २ नवम्बर से ४ नवम्बर तक गुरु की विशाखा नक्षत्र में रहेगा| इस अवधि में शारीरिक कष्ट हो सकता है| ४ नवम्बर से १३ नवम्बर तक बुध, शनि के अनुराधा नक्षत्र में रहेगा, इस अवधि में कठिन परिश्रम से कार्य में सफलता प्राप्त होगी| | १३ नवम्बर से २४ नवम्बर तक बुध अपने नक्षत्र ज्येष्ठा में रहेगा, इस अवधि में जीवनसाथी से विवाद तथा शारीरिक कष्ट का योग है| “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” के जप से लाभ मिलेगा| 17 नवम्बर से २४ नवम्बर तक सूर्य एवं बुध की युति से वाहन आदि से लाभ एवं मान सम्मान की प्राप्ति होगी|

का, की, कु, घ, ड, छ, के, को, हा

मिथुन-लग्नेश एवं चतुर्थेश बुध की गोचर से छठवे भाव में उपस्थिति के कारण शत्रु पराजित होंगे| बुद्धि के प्रभाव, लेखन आदि कार्य से समाज मे मान सम्मान की प्राप्ति होगी| बाहरी स्थान से यश बढेगा| शरीर स्वस्थ तथा मन प्रसन्न रहेगा| ज्योतिष आदि में रूचि बढेगी| खान पान पर विशेष ध्यान रखे कभी कभी अधिक भोजन के कारण अपच आदि से कष्ट हो सकता है| २ नवम्बर से ४ नवम्बर तक बुध,गुरु के विशाखा नक्षत्र में रहेगा, इस अवधि में सम्मान की प्राप्ति होगी| ४ नवम्बर से १३ नवम्बर तक बुध, शनि के अनुराधा नक्षत्र में रहेगा, इस अवधि में शरीर स्वस्थ रहेगा, एवं कम परिश्रम से कार्य में सफलता प्राप्त होगी| १३ नवम्बर से २४ नवम्बर तक बुध अपने नक्षत्र ज्येष्ठा में रहेगा, इस अवधि में शत्रु पराजित होंगे, भूमि, वाहन आदि सुख में वृद्धि होगी तथा शरीर स्वस्थ रहेगा| 17 नवम्बर से २४ नवम्बर तक सूर्य एवं बुध की युति के कारण शत्रुओ पर विजय प्राप्त होगी एवं बाहरी स्थान से यश की प्राप्ति होगी|

ही,  ही, हे, हो, डा डी, डू, डे, डो

कर्क- तृतीयेश एवं व्ययेश बुध की गोचर से पंचम भाव में उपस्थिति के कारण विधा में अवरोध उत्त्पन्न होगा| कठिन परिश्रम के बावजूद विधा में पूर्ण सफलता प्राप्त नहीं होगी| संतान से वैचारिक मतभेद रहेगा, मित्र एवं भाई बंधुओ से सम्बन्ध अच्छे नहीं रहेंगे| मन के ऊपर बुद्धि का नियंत्रण न रहने के कारण अन्य स्त्री से प्रेम वार्ता हो सकता है| तथा असफलता प्राप्त होगी जिसके कारण मानसिक तनाव रहेगा| धन हानि भी हो सकती है| २ नवम्बर से ४ नवम्बर तक गुरु के विशाखा नक्षत्र में रहेगा| इस अवधि में शत्रु प्रभावशाली होंगे| कार्य में पूर्ण सफलता प्राप्त नहीं होगी| ४ नवम्बर से १३ नवम्बर तक बुध शनि की अनुराधा नक्षत्र में रहेगा| इस अवधि में अन्य स्त्री से प्रेम वार्ता हो सकती है जो असफल रहेगी तथा मानसिक अशांति का कारण बनेगी| १३ नवम्बर से २४ नवम्बर तक बुध अपने नक्षत्र ज्येष्ठा में रहेगा इस अवधि में विधा में असफलता प्राप्त हो सकती है तथा संतान से मतभेद रहेगा| 17 नवम्बर से २४ नवम्बर तक सूर्य एवं बुध की युति के कारण धन हानि हो सकती है|

मा, मी,मू,मे,मो,टा,टी,टू,टे

सिंह-द्वितीयेश एवं आयेश बुध की गोचर से चतुर्थ भाव में उपस्थिति के कारण भूमि, वाहन का उत्तम सुख प्राप्त होगा| माता का पूर्ण सुख मिलेगा| कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी| समाज में मान सम्मान की प्राप्ति होगी| विभिन्न स्त्रोतों से आय की प्राप्ति होगी| परिवार का सहयोग मिलेगा| संचित धन में वृद्धि होगी| २ नवम्बर से ४ नवम्बर तक बुध गुरु के विशाखा नक्षत्र में रहेगा इस अवधि में शरीर निरोगी रहेगा तथा विधा एवं संतान का सुख प्राप्त होगा| ४ नवम्बर से १३ नवम्बर तक बुध शनि की अनुराधा नक्षत्र में रहेगा, इस अवधि में व्यवसाय से लाभ मिलेगा एवं दाम्पत्य जीवन सुखमय रहेगा| १३ नवम्बर से २४ नवम्बर तक बुध अपने नक्षत्र ज्येष्ठा में रहेगा इस अवधि में धन एवं धन्य में वृद्धि होगी| 17 नवम्बर से २४ नवम्बर तक सूर्य एवं बुध की युति के कारण सरकारी कार्य में सफलता मिलेगी एवं पदौन्नती के अवसर प्राप्त होंगे|

टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

कन्या-लग्नेश एवं दशमेश बुध की गोचर से तृतीय भाव में उपस्थिति के कारण जातक के अन्दर साहस की कमी महसूस होगी, तथा प्रत्येक क्षण दुविधा की स्थिति में रहेगा| किसी भी कार्य का संपादन पूर्ण रूप से नहीं करेगा उससे अधुरा छोड़कर नया कार्य प्रारंभ कर देगा, जिसके कारण कार्यक्षेत्र में पूर्ण सफलता प्राप्त नहीं होगी| अच्छे मित्र की प्राप्ति होगी परन्तु मित्रो पर भी संदेह बना रहेगा| २ नवम्बर से ४ नवम्बर तक बुध गुरु के विशाखा नक्षत्र में रहेगा इस अवधि में भूमि, वाहन आदि का उत्तम सुख मिलेगा परन्तु असंतुष्टि के कारण आभाव महसूस होगा| ४ नवम्बर से १३ नवम्बर तक बुध शनि की अनुराधा नक्षत्र में रहेगा, इस अवधि में शत्रु का भय महसूस होगा| १३ नवम्बर से २४ नवम्बर तक बुध अपने नक्षत्र ज्येष्ठा में रहेगा इस अवधि में शरीर स्वस्थ रहेगा| 17 नवम्बर से २४ नवम्बर तक सूर्य एवं बुध की युति के कारण खर्च की अधिकता रहेगी|

रा, री, रु, रे, रो, ता, ती, तू, ते

तुला-भाग्येश एवं व्ययेश बुध की गोचर से द्वितीये भाव में उपस्थिति के कारण नए वस्त्र एवं आभूषण की प्राप्ति होगी| कुटुम्ब से सम्बन्ध अच्छे रहेंगे| वाणी के प्रभाव से कार्य में सफलता एवं धन में वृद्धि होगी| बाहरी स्थान से अच्छे सम्बन्ध बनेंगे तथा धन की प्राप्ति होगी| इस अवधि में जातक को भाग्य का पूर्ण सुख प्राप्त होगा| २ नवम्बर से ४ नवम्बर तक बुध गुरु के विशाखा नक्षत्र में रहेगा इस अवधि में पराक्रम के द्वारा शत्रुओ पर विजय प्राप्त होगी| ४ नवम्बर से १३ नवम्बर तक बुध शनि की अनुराधा नक्षत्र में रहेगा, इस अवधि में विधा एवं वाणी के द्वारा धन की प्राप्ति होगी तथा समाज में सम्मान बढेगा| १३ नवम्बर से २४ नवम्बर तक बुध अपने नक्षत्र ज्येष्ठा में रहेगा इस अवधि में बाहरी स्थान से धन की प्राप्ति होगी तथा भाग्य का पूर्ण सुख मिलेगा| 17 नवम्बर से २४ नवम्बर तक सूर्य एवं बुध की युति के कारण विभिन्न आयाम से आय में वृद्धि होगी|

तो,ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

वृश्चिक-अष्टमेश एवं आयेश बुध की गोचर से लग्न में उपस्थिति के कारण शरीर निर्बल रहेगा तथा वाणी दोष के कारण समाज में मान सम्मान की प्राप्ति नहीं होगी| आय में वृद्धि के लिए कठिन परिश्रम करना पडेगा, दाम्पत्य सुख में कमी रहेगी तथा जीवनसाथी को शारीरिक कष्ट हो सकता है| २ नवम्बर से ४ नवम्बर तक बुध गुरु के विशाखा नक्षत्र में रहेगा इस अवधि में अचानक धनहानि हो सकती है एवं कुटुम्ब में विरोध उत्त्पन्न हो सकता है| ४ नवम्बर से १३ नवम्बर तक बुध शनि की अनुराधा नक्षत्र में रहेगा, इस अवधि में माता को शारीरिक कष्ट का योग है| १३ नवम्बर से २४ नवम्बर तक बुध अपने नक्षत्र ज्येष्ठा में रहेगा इस अवधि में आय की प्राप्ति होगी तथा शारीरिक कष्ट का योग है| 17 नवम्बर से २४ नवम्बर तक सूर्य एवं बुध की युति के कारण सरकारी कार्य में सफलता प्राप्त होगी|

ये, यो, भा, भी, भू, ध, फ, ढ, भे

धनु-सप्तमेश एवं दशमेश बुध की गोचर से व्यय भाव में उपस्थिति के कारण व्यय की अधिकता रहेगी जिसके कारण चित अशांत रहेगा| दाम्पत्य सुख में कमी रहेगी, तथा जीवनसाथी से विवाद हो सकता है| शत्रुओ में वृद्धि होगी जिसके कारण संचित धन में हानि का योग है| कार्यक्षेत्र के सम्बन्ध में लम्बी यात्रा हो सकती है| २ नवम्बर से ४ नवम्बर तक बुध गुरु के विशाखा नक्षत्र में रहेगा इस अवधि में मन में अशांति रहेगी|  ४ नवम्बर से १३ नवम्बर तक बुध शनि की अनुराधा नक्षत्र में रहेगा, इस अवधि में व्यय की अधिकता के कारण संचित धन में हानि का योग है| १३ नवम्बर से २४ नवम्बर तक बुध अपने नक्षत्र ज्येष्ठा में रहेगा इस अवधि में यात्रा का योग है एवं यात्रा सुखदायी रहेगी| 17 नवम्बर से २४ नवम्बर तक सूर्य एवं बुध की युति के कारण नेत्र विकार से शारीरक कष्ट का योग है| प्रशासनिक कार्य में सफलता प्राप्त होगी|

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

मकर-षष्टेश एवं भाग्येश बुध की गोचर से आय भाव में उपस्थिति के कारण भाग्य का पूर्ण सुख प्राप्त होगा| थोड़े से प्रभाव से कार्य में सफलता प्राप्त होगी| विभिन्न स्त्रोतों से आय के प्राप्ति होगी| धार्मिक कार्य में रूचि बढेगी| विधा एवं संतान में वृद्धि का योग है| शत्रु भी आय की वृद्धि में सहायक सिद्ध होंगे|२ नवम्बर से ४ नवम्बर तक बुध गुरु के विशाखा नक्षत्र में रहेगा इस अवधि में नए मित्र बनेंगे| ४ नवम्बर से १३ नवम्बर तक बुध शनि की अनुराधा नक्षत्र में रहेगा, इस अवधि में धन धान्य की वृद्धि होगी एवं शरीर स्वस्थ रहेगा| १३ नवम्बर से २४ नवम्बर तक बुध अपने नक्षत्र ज्येष्ठा में रहेगा इस अवधि में कार्य में सफलता प्राप्त होगी| 17 नवम्बर से २४ नवम्बर तक सूर्य एवं बुध की युति के कारण आकस्मिक लाभ के साथ शारीरिक कष्ट का योग है|

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

कुम्भ-पंचमेश एवं अष्टमेश बुध की गोचर से दशम भाव में उपस्थिति के कारण कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी| पदौन्नती का अवसर प्राप्त होगा समाज में मान सम्मान की प्राप्ति होगी| संतान एवं विधा का पूर्ण सुख मिलेगा| पिता को शारीरिक कष्ट हो सकता है| २ नवम्बर से ४ नवम्बर तक बुध गुरु के विशाखा नक्षत्र में रहेगा इस अवधि में धन धान्य में वृद्धि एवं पिता को शारीरिक कष्ट का योग है|  4 नवम्बर से १३ नवम्बर तक बुध शनि की अनुराधा नक्षत्र में रहेगा, इस अवधि में शरीर स्वस्थ रहेगा| १३ नवम्बर से २४ नवम्बर तक बुध अपने नक्षत्र ज्येष्ठा में रहेगा इस अवधि में भाग्य का पूर्ण सुख प्राप्त होगा|  17 नवम्बर से २४ नवम्बर तक सूर्य एवं बुध की युति के कारण मान सम्मान की प्राप्ति होगी एवं पदौन्नती का योग है|

दी दू, थ, झ, ञ दे, दो, चा, ची

मीन-चतुर्थेश एवं सप्तमेश बुध की गोचर से नवम भाव में उपस्थिति के कारण भाई बंधुओ से विरोध होगा तथा धार्मिक बातों में बुराई ढूँढने की परवर्ती रहेगी| भूमि वाहन का सुख होते हुए भी  कमी महसूस होगी| माता को शारीरिक कष्ट हो सकता है, तथा व्यवसाय में लाभ मिलेगा| दाम्पत्य जीवन में कलहपूर्ण वातावरण रहेगा|२ नवम्बर से ४ नवम्बर तक बुध गुरु के विशाखा नक्षत्र में रहेगा इस अवधि में शारीरिक कष्ट हो सकता है| ४ नवम्बर से १३ नवम्बर तक बुध शनि की अनुराधा नक्षत्र में रहेगा, इस अवधि में लम्बी धार्मिक यात्रा हो सकती है| १३ नवम्बर से २४ नवम्बर तक बुध अपने नक्षत्र ज्येष्ठा में रहेगा इस अवधि में रोजगार से लाभ का योग है| 17 नवम्बर से २४ नवम्बर तक सूर्य एवं बुध की युति के कारण सरकारी शारीरिक कष्ट हो सकता है|

ज्योतिर्विद् अभय पाण्डेय
वाराणसी
9450537461
Abhayskpandey@gmail.com

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