Saturday, November 18, 2017

जिले में आतंक का पर्याय बना चतुर्भुज उर्फ चतुरा

हाथरस - सट्टा माफिया चतुर्भुज गुप्ता उर्फ चतुरा का नाता खाकी और जेल से खत्म होता नहीं दिख रहा। अब गैंगस्टर एक्ट के मामले में चतुरा ने बुधवार को कोर्ट में सरेंडर किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया। पुलिस ने चतुरा सहित उसके छह साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इनमें तीन आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। शहर कोतवाल जसपाल  सिंह। पंवार ने कहा कि अवैध कारोबारियों पर लगातार शिकंजा कसा जाएगा।17 जून की रात कोतवाली सदर पुलिस ने खातीखाना में दबिश देकर चतुरा के साथी बॉबी के एक घर में सट्टा कारोबार पकड़ा था। यहां से पुलिस ने 1.03 लाख रुपये भी बरामद किए थे। चतुरा के अलावा अर¨वद निवासी आवास विकास कॉलोनी, बॉबी ठाकुर निवासी खातीखाना, पवन निवासी भूरापीर, भोला निवासी ऊंट गाड़ी मोहल्ला व विष्णु निवासी नगरिया नंदराम के खिलाफ जुआ एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस तब चतुरा व अर¨वद को गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। बाद में इस मामले में चतुरा को जमानत मिल गई। 18 जुलाई को हाथरस गेट पुलिस ने चतुरा को एक किलो स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर उसे जेल भेजा था। इसके बाद 29 अक्टूबर को जुआ वाले मामले में गैंगस्टर एक्ट में कोतवाली सदर पुलिस ने चतुरा, अर¨वद, बॉबी ठाकुर, पवन, भोला व विष्णु के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। चतुरा पर गैंगस्टर एक्ट का अब तक यह चौथा मुकदमा है। चतुरा पर 1992 से लेकर अब तक 32 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं तथा कोतवाली हाथरस गेट में हिस्ट्रीशीट भी खुली है।

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