Thursday, November 9, 2017

नही मिला मुवावजा मृतक का परिवार दर-दर भटकने को मजबूर

पत्रकार के सी शर्मा,

सोनभद

आखिर वही हुवा जिसकी आशंका पहले ही आम जन व्यक्त कर रहे थे।मृतक के  परिवार को दिया मुवावजा देने का आश्वासन निकला झूठा ।मोंटी कार्लो नामक यह कम्पनी इसके पहले भी हुई कई घटनाओं में  झूठ सच बोल कम बेसी दे लेकर मामले को निपटाती रही है और इसी  फार्मूले पर अपने गुनाहों को छिपाती रही है ।कम्पनी का स्थानीय प्रशासन,पुलिस,राजनैतिक दलों,श्रमिक संगठनों पर किस तरह मजबूत पकड़ है ।कम्पनी द्वारा मामले को रफा दफा करने के तरीकों से साफ देखने को मिल रहा है ।
इस कम्पनी के एक श्रमिक के रहस्यमय मौत की घटना प्रकाश में आयी है जिसे कम्पनी प्रबन्धन ने मृत श्रमिक के परिवार के गरीबी और अशिक्षा का लाभ उठा झूठा मुवावजा का आश्वाशन देकर पुलिस तक को सुचना नही देने दिया और नही शव का पोस्टमार्टम ही कराने दिया ।जिससे उसके सारे क्लेम का दावा भी अब बनने में दिक्कत हो गयी ।वही कम्पनी दो महिने  से झूठा आश्वाशन देकर समय काटती रही और जब समय निकल गया तो उसे टका सा जबाब  दे दिया की हमने मुवावजा देने का कोई आश्वासन नही दिया है ।अब यह वेचारा गरीब आदिववासी परिवार झूठे आश्वाशन का शिकार हो अपने को ठगा महशुस कर रहा है और अपनी फरियाद लेकर दर दर भटक रहा है ।इस हकीकत का पता तब चला जब मृतक के पिता ने अपनी लिखित शिकायत  स्थानीय थाने में की।जिसमे उन्होंने लिखा है कि मेरा बेटा रामजन्म पनिका मोंटी कार्लो कम्पनी में काम करता था ।जो 11/8/2017को प्रथम पाली में कम्पनी के मेस में चाय पानी नास्ता किया ।जिसके बाद अचानक उसके पेट में दर्द उठा जिसकी सुचना जिम्मेदार अधिकारियों को दी।परन्तु सम्बेदनहिन कम्पनी के अधिकारी इसकी अनदेखी कर दिए । वह घण्टो वही पर तड़पता और कराहता रहा पर वेदर्द व निष्ठुर कम्पनी के अधिकारी श्रमिक की पीड़ा को अपने स्वभाव के अनुसार तब तक अनसुना कर दिए जब तक वह बेहोश नही हो गया ।तब आनन फानन में उसके साथ  काम करने वाले साथी कार्यस्थल से 15 किमी दूर एनटीपीसी शक्तिनगर के हॉस्पिटल लेकर भगे तब तक बहुत देर हो चुकी थी ।हालात खराब देख वहा से एनसीएल के नेहरू चिकित्सालय रेफर कर दिया गया ।जहाँ उसकी उपचार के दौरान सुबह 12अगस्त को 7,30 बजे मौत हो गयी ।
मौत की खबर मिलते ही कम्पनी में हड़कम्प मच गया ।कम्पनी के एच आर के अधिकारी मौके पर पहुचे और परिवार वालो के साथ नकली घड़ियाली आंसू बहाते हुए उनका विश्वास जीत उन्हें नॉकरी और 10लाख मुवावजे का आश्वाशन दे कर परिवार वालो को न थाने जाने दिए और नही लाश का पोस्ट मार्टम ही कराने दिए ।आनन फानन में उसका अंतिम संस्कार करा दिए ।मामला आगे न बढ़े इस लिए उसके एक लड़के को अस्थायी नॉकरी का झुन झुना पकड़ा कर मुवावजे के लिये आज कल करते रहे जब उन्हें लगा की मामला अब ठंढे बस्ते में चला गया तो उसे टका सा जबाब दे दीए की मुवावजा देने का कोई आश्वासन कम्पनी ने नही दिया है और नही मिलेगा ।तब जा के दो महीने बाद इसकी फरियाद ले पीड़ित परिवार स्थानीय थाने पहुचा।
पुलिस ने शिकायतकर्ता  के शिकायत पर क्या कार्यवाही की उसकी अभी जानकारी नही मिल पायी है ।
कम्पनी के हनक के आगे स्थानीय राजनैतिक दलों,संगठनों आदि की भी एक न चल पाती है फिर घटना के इतने देर बाद धोखा खाये फरियादी को सायद ही अब न्याय मिल सके ।
उदवासित किसान मजदूर परिषद ने मामले  की जानकारी के बाद कम्पनी के इस रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की है और मांग की है कि मामले की जांच करा मामला पंजीकृत कर कार्यवाही होनी चाहिए ।

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