Tuesday, November 7, 2017

गोंडा में अब रात में नही होगा खनन लगी रोक

गोंडा पवन कुमार द्विवेदी /जिला अध्यक्ष आलमीडिया जर्नलिस्ट बेलफेयर एसोसिएशन

अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु आयुक्त व डीआईजी ने डीएम व एसपी को दिए निर्देश

टीम बनाकर छापेमारी कराने के निर्देश, रात्रि में खनन पर तत्काल प्रभाव से लगी रोक

आयुक्त देवीपाटन मण्डल एस0वी0एस0 रंगाराव व डीआईजी देवीपाटन परिक्षेत्र अनिल कुमार राय ने मण्डल के सभी जनपदों के डीएम व पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर अवैध बालू खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने एवं कठोर कार्यवाही किए जाने के सख्त निर्देश दिए है।   मण्डलायुक्त ने विभिन्न माध्यमों से जनपदों में हो रहे अवैध रूप से बालू मिट्टी खनन व परिवहन की प्राप्त हो रही शिकायतों का संज्ञान लेते हुए इस पर नियंत्रण हेतु सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होने सभी डीएम व एसपी को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जनपद में जो खनन के पट्टे या ठेके दिये गये हैं, उनकी सूचना तत्काल संबंधित उप जिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी तथा थाना प्रभारी को दे दें। इसके साथ ही पट्टाधारक की उपस्थिति में राजस्व, पुलिस, खनन विभाग की टीम मौके पर भेजकर खनन पट्टे व ठेके के आवंटित क्षेत्र की निशानदेही कराकर चिन्हित करा दिया जाय। पट्टेदार व ठेकेदार पर यह शर्त लगायी जाय कि वे आवंटित क्षेत्र की अस्थाई फेन्सिंग(बल्ला एवं रस्सी से) संबंधित ठेकेदार द्वारा कराकर उसमें अपना बोर्ड लगायें जिसमें स्पष्ट उल्लेख हो कि पट्टा कितने क्षेत्रफल का और कब से कब तक का है तथा कब और किसके द्वारा स्वीकृत है। जो पट्टाधारक, ठेकेदार निर्धारित अवधि में खनन न कराकर समयावधि बढ़ाने के लिये प्रार्थना-पत्र देते हैं तो उन मामलों में गहनता से यह अवश्य देखा जाय कि सम्बधित पट्टेदार व ठेकेदार द्वारा अपने आवंटित क्षेत्र को छोड़कर अन्य क्षेत्र में तो अवैध खनन नहीं किया गया है और इसीलिये पट्टाधारक, ठेकेदार द्वारा अतिरिक्त समयावधि की मांग की जा रही है। इसकी गम्भीरतापूर्वक अभिलेखीय, भौतिक जांचोपरान्त ही नियमानुसार निर्णय लिया जायेगा। खनन पट्टाधारकों/ठेकेदारों को खनन कराने के लिये जिलाधिकारी द्वारा समय दिन में ही तय किया जाय और रात्रि में खनन पर पूर्णतया रोक लगायी जाय।  खननपट्टाधारकों  ठेकेदारों द्वारा प्रत्येक सप्ताह 02 दिन पूर्व खनन में लगाये जा रहे वाहनों के प्रकार, उनके नंबर, चालकों के नाम पते मोबाइल नंबर इत्यादि जिलाधिकारी  व पुलिस अधीक्षक को उपलब्ध करा दें, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उस सप्ताह में उसी वाहन एवं उसी चालक द्वारा खनन का कार्य सम्पादित किया जा रहा है।  इसी प्रकार आगे भी प्रत्येक सप्ताह किया जाता रहेगा। खनन पट्टाधारक/ठेकेदार द्वारा अपने खनन क्षेत्र में एक चैकीदार अपने तरफ से लगाये जायेंगे, जिनकी फोटोयुक्त नाम पता जिलाधिकारी/पुलिस अधीक्षक को उपलब्ध कराया जायेगा।  चैकीदार द्वारा अपने-अपने खनन क्षेत्र के बगल क्षेत्र के खनन की सूचना संबंधित क्षेत्राधिकारी/उप जिलाधिकारी को उपलब्ध करायी जायेगी। अवैध खनन के संबंध में विभिन्न माध्यमों से जो भी छोटी-बड़ी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, उनमें तत्काल संबंधित उपजिलाधिकारी व क्षेत्राधिकारी(पुलिस) एवं खनन अधिकारी से जाॅंच कराकर नियमानुसार प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाय। अब तक अवैध खनन के मामलों में जो प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है उन मामलों में गुण्डा नियंत्रण एवं गैगेस्टर एक्ट आदि संगत अधिनियमों के अन्तर्गत संलिप्त आरोपियों व सफेदपोश आदि के विरूद्ध तत्काल कार्यवाही की जाय। संबंधित जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रत्येक सप्ताह इसकी समीक्षा करके आयुक्त व डीआईजी को अवगत कराया जाय। चंूकि वर्तमान में स्थानीय निकाय के चुनाव की प्रक्रिया चल रही है इसलिये अधिकांश पुलिस अधिकारी व कर्मचारी प्रतिदिन चुनाव प्रक्रिया में कहीं न कहीं व्यस्त रहते हैं इसी का फायदा उठाकर खनन माफिया अवैध खनन में सक्रिय हैं। ऐसी दशा में यह भी आवश्यक है कि खनन माफियाओं के विरूद्ध कार्यवाही हेतु प्रमुख स्थानों पर पृथक से पुलिस बल लगाकर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाय। संबंधित थाना प्रभारी, उपजिलाधिकारी द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि अपने-अपने क्षेत्र में जहाॅं-जहाॅं बालू/मोरंग का भण्डारण करके रखा गया है उसमें छापा मारकर बालू लाने का स्रोत ज्ञात करके  नियमानुसार कार्यवाही करेंगे।

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