Monday, November 13, 2017

बिहार में बिन ब्याही मां ने किया अनशन

बिहार के पूर्वी चंपारण स्थित मेहसी प्रखंड कार्यालय स्थित अम्बेडकर प्रतिमा के पास एक बिन ब्याही मां ने अपने एवं अपने बच्चे के अधिकार को लेकर अनशन शुरू किया था। हालांकि 29 अक्टूबर से मेहसी थाने पर तथा बाद में प्रखंड कार्यालय के सामने न्याय के लिए बैठी महिला का अनशन शनिवार को डीएसपी मुंद्रिका प्रसाद के आश्वासन के बाद स्थगित किया गया। डीएसपी ने कहा कि आरोपी अगर 17 नवंबर तक सरेंडर नहीं करते या उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाती है तब उनके घर की कुर्की जब्ती कराई जाएगी। इसी आश्वासन के बाद अनशन को स्थगित कराया गया। सामाजिक रूप से किए गए इस धोखागड़ी के खिलाफ में युवती के परिवार के समर्थन में उतरे रालोसपा के प्रखंड अध्यक्ष शंकर कुशवाहा, प्रखंड युवा अध्यक्ष मुन्ना यादव, समजसेविका मीरा देवी व अन्य बुद्धिजीवी वर्ग ने कहा कि महिला को जब तक न्याय एवं बच्चे को पिता का नाम नहीं मिलता है, उन लोगों का संघर्ष जारी रहेगा।
इस मामले की जानकारी तब सार्वजनिक हुई जब आज से करीब डेढ़ माह पूर्व धोखे की शिकार युवती ने हिम्मत दिखाते हुए मेहसी के एक निजी नर्सिंग होम में एक पुत्री को जन्म दिया है। उसका कहना है कि वह अपने नवजात शिशु को लेकर तब तक संघर्ष करेगी जब तक कि उसके बच्चे को उसके बाप का नाम नही मिल जाता व उसे न्याय नही मिल जाता।
*जबरदस्ती यौन शोषण कर किया गर्भवती*
धरने पर बैठी पीड़िता की माँ ने बताया कि आज से करीब एक वर्ष पूर्व जब वे लोग मजदूरी करने गए थे आरोपी सेराज ने उनकी नाबालिक युवती के साथ चाकू के नोक पर जबरन दुष्कर्म किया। उनकी लड़की लोक लाज वश चुप रही। जिसके बाद यह सेराज उनकी बेटी के साथ जान से मारने की धमकी देकर उसका यौन शोषण करता रहा। उन्हें इस बात की जानकारी तब मिली जब उनकी पुत्री गर्भवती हो गई।
मामला के खुलासा होने पर आरोपी ने उनकी पुत्री को कोई नशीली वस्तु खिलाकर बेहोस कर दिया व अपने कुछ अन्य सहयोगियों के साथ पहले मुज़फ्फरपुर व वहाँ से चंडीगढ़ ले गए। जहाँ युवती को बेचने का प्रयास किया गया। किसी तरह युवती जान बचा कर मेहसी पहुँची। सारी जानकारी अपने परिवार वालो को दी। इस मामले को लेकर महापंचायत भी बैठी। लेकिन कोई निष्कर्ष नही निकाला। अंत मे पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए मेहसी पुलिस को कांड अंकित कर न्यायोचित करवाई करने का निर्देश दिया। पुलिस ने आरोपियों के घर पर इस्तेहार भी चस्पा कर दिया है। लेकिन करवाई आगे नही बढ़ रही। इसी से आजीज होकर परिजन धरने पर बैठ गया।अनशन शनिवार की संध्या डीएसपी चकिया मुंद्रिका प्रसाद के इस आश्वासन पर 17 नवम्बर तक स्थगित किया गया कि अगर आरोपी सरेंडर नही करता है तो उसकी घर की कुर्की की जाएगी। डीएसपी मुंद्रिका प्रसाद,रालोसपा के जिला अध्यक्ष संत सिंह कुशवाहा व जिला पार्षद 56 अफजल अली अंसारी ने युवती को जूस पिलाकर अनशन को तुड़वाया।

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