Sunday, November 19, 2017

ओडीएफ सीध रहा लापरवाही की भेंट

कन्नौज ब्यूरो पवन कुशवाहा के साथ आलोक प्रजापति
कन्नौज। एक ओर जहाॅ स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत को खुले में शौच से मुक्त बनाने हेतु प्रयास जोर शोर से चलाया जा रहा है वहीं ओ0डी0एफ0 के बेहतर क्रियांन्वयन के लिये निगरानी भी सक्षम  अधिकारियों द्वारा की जा रही है ताकि गुणवक्ता व मानक ठीक रखे जा सके।
किन्तु फिर भी जिले की कई ग्राम पंचायतों में प्रधानों व सचिवों द्वारा बरती गई लापरवाही से शौचालयों की गुणवत्ता व मानको में कई खामिया मिल रहीं है और इसी बात को लेकर बीते दिन एक ग्राम पंचायत के प्रधान के अधिकार सीज किये गये है तो सम्बन्धित ग्राम पंचायत सचिव को सस्पेन्ड किया गया है किन्तु फिर भी आपको बताते चलें कि कई ग्राम पंचायते एैसी है जहाॅ नियमों को ताक पर रख कर गुणवत्ता और मानको से खिलवाड़ किया जा रहा है तथा ग्राम प्रधान व सचिवों द्वारा संाठगंाठ कर शौचालय के लाभार्थी को अपने स्तर से निर्माण सामग्री देकर शौचालय ठेकेदार य अपने ऐजेन्ट के माध्यम से बनवाये जा रहे है और निर्माण सामग्री घटिया स्तर की लगवायी जा रही है तथा कम सामग्री उपलब्ध करवा रहे है और लाभार्थी से मजदूरी स्वयं वहन करने को कहा जा रहा है
वहीं जिले के जिलाधिकारी जगदीश प्रसाद द्वारा जपनद में  एक साथ 20 हजार शौचालय बनाने का लक्ष्य रखकर आधारशिला रखी गई है और तेजी से ओ0डी0एफ0 कार्य को पूरा कराया जा रहा है तो कई गांवों के प्रधान व सचिव स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम के तहत बन रहे शौचालयों की गुणवत्ता और मानक से खेल कर अपनी जेबें भरने में लगें है व इस कार्यक्रम को बट्टा लगा रहें हैं, अखिर तो स्वच्छ भारत मिशन का सपना कैसे पूरा होगा। जबकि कई ग्रामीण लाभार्थियों का यह भी कहना है कि शौचालय निर्माण करवाया है और कई बार चेक होने के बाद भी अनुदान की राशि की दूसरी किस्त 6 हजार रू0 अभी तक नहीं मिल सके हैं और मात्र 6 हजार रू0 की एक किस्त प्राप्त हुर्ह है उन्होने अपनी जेब से पैसा खर्च कर शौचालय को बनवा लिया है लेकिन पूरा पैसा न मिलने से वह अधिकारियों के  दफ्तर के चक्कर लगाने को मजबूर है

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