Sunday, November 19, 2017

ट्रकों का काम ट्रेक्टरों से वाह क्या जुगाड़ है

कन्नौज ब्यूरो पवन कुशवाहा के साथ आलोक प्रजापति
कन्नौज । शहर में ट्रैक्टरों का कृषि की बजाय व्यावसायिक प्रयोग हो रहा है। इनकी ट्रॉलियों पर ट्रकों से कहीं ज्यादा माल लादा जा रहा है। इससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। बावाूद इसके पुलिस व परिवहन विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे हैं।
अमूनन ट्रैक्टरों का परिवहन विभाग में कृषि कार्य के लिए पंजीयन होता है। लेकिन तमाम लोग इसका भाड़ा ढोने के काम में व्यावसायिक प्रयोग कर रहे हैं। अक्सर ओवर लोड ट्रैक्टर सड़कों पर फर्राटा भरते देखे जा सकते हैं। क्षमता से अधिक अमानक ट्रॉलियों को खींचते ट्रैक्टरों के आगे के पहिया तक ऊपर उठ जाते हैं। तिराहे-चैराहे पर ओवर लोड ट्रैक्टर फंस जाते हैं। जिससे जाम तो लगता ही है साथ ही हादसों का अंदेशा बना रहता है। पुलिस कर्मी ऐसे में कार्रवाई की बजाय तमाशबीन बन जाते हैं। कृषि कार्य के लिए पंजीकृत ट्रैक्टरों पर खाद व विभिन्न कंपनियों का माल लदा होता है। माना जाता है कि ट्रैक्टर की बड़ी ट्रॉली में ट्रक के बराबर माल आता है। कम भाड़ा में ट्रैक्टर मिल जाता है। इस कारण व्यापारी व लघु उद्योग ट्रैक्टरों का सहारा ले रहे हैं। नागरिकों ने ट्रैक्टरों की ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने की प्रशासन से मांग की है।

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