Monday, November 27, 2017

स्वास्थ्य विभाग के उपकेंद्र बने खण्डहर

गोंडा पवन कुमार द्विवेदी                    स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत बने उपकेन्द्र दिखावा बन कर रह गए है ।उपकेन्द्र बनने का सबसे बड़ा उदेश्य स्वास्थ्य विभाग की सेवाए बेसिक स्तर पर सबको मुहैया करायी जाय तथा लोगो को स्वास्थ्य के बारे मे जागरूक किया जाय वही गर्भ वती महिलाओ को टीकाकरण पर बिशेष ध्यान दिया जाए जिसके लिए प्रत्येक उपकेन्द्र पर एक एएनएम की नियुक्ति की गयी है वही उनकी मदद के लिए आशाओ की भी नियुक्ति की गयी है ।जब हमारे संवाददाता की टीम ने इटियाथोक सीएचसी के अन्तर्गत बन रहे उपकेन्द्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो का जायजा लिया तो सीएचसी के अन्तर्गत 2 एच बी व 19 एएनएम की नियुक्ति है जिसमे 18 केन्द्र बने हुए है वही एक केन्द्र नही बना है और न उस पर किसी की नियुक्ति भी नही है ।वही तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक भी डाक्टर की नियुक्ति नही केवल कम्पाउंडर के सहारे संचालित हो रहा है । जब उपकेन्द्र की स्थिति का जायजा लिया गया तो अधिकतर केन्द्र की स्थिति बहुत ही दयनीय है अधिकतर केन्द्रो पर एएनएम नही बैठती है वे लगभग खडहर मे परिवर्तित हो रहे है ।वही एएनएम केवल कोरम पूरा करके सरकार के द्वारा मिलने वाली  सुविधाओ का लाभ ले रही है वही जिन उद्देश्यो के लिए इन उपकेन्द्रो को बनवाया गया था उस उदेश्य की पूर्ति नही हो पा रही है ।केवल एक केन्द्र खुला मिला वह भी जीणॅ शीण अवस्था मे है ।उस केन्द्र पर न तो बिजली है ,शौचालय की भी व्यवस्था भी ठीक नही है ।फर्श टूटी हुई ,मकान भी गिरने के कगार पर है ।अधिकतर केन्द्र दो तीन वर्ष पूर्व ही बने है लेकिन उनकी स्थिति देखकर यही लगता है कि वर्षो पूर्व बने हुए है ।यह एक बात समझ से परे है जब इन केन्द्रो पर किसी को बैठना नही था तो फिर इसको बनवाया क्यो गया ,इस पर जो लाखो रूपये खर्च किए गए उसके बाद उसका उपयोग नही हो पा रहा है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है ।क्या सरकार उन जिम्मेदार लोगो पर कारवाई कर पाएगी ,क्या इन केन्द्रो पर नियुक्त एएनएम को बैठा पाएगी ।जब इन एएनएम के बारे मे जानकारी ली गयी तो पता चला कि अधिकतर एएनएम या तो मुख्यालय पर रहती है या कही और ,ये एएनएम कभी कभार ही अपने क्षेत्रो मे जाती है वही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डाक्टर की नियुक्ति नही तो वहाँ कैसे इलाज हो रहा होगा इस बात पर सरकार को ध्यान देने की जरूरत है ।वही इस बारे मे सीएचसी के अधीक्षक डाक्टर शैलेन्द्र सिंह से इस बारे मे जानकारी ली गयी तो उन्होने इधर की बात कर कोई ठोस जानकारी नही दे पाए इससे साफ स्पष्ट है कि बिभाग की मिलीभगत से स्वास्थ्य विभाग मे यह गोरखधंधा अनवरत चल रहा है ।कागजो मे टीकाकरण हो रहा है ,कागजो मे उपकेन्द्र संचालित हो रहे है जबकि हकीकत कुछ और है ।एक भी केन्द्र नही खुल रहे है ।

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