Tuesday, November 28, 2017

पाकिस्तान में भड़की हिंसा और पाकिस्तानी सरकार पर भोला नाथ मिश्रा का विशेष लेख

पाकिस्तान एक बार फिर अपने घर में भड़की हिंसा से धू-धू करके जलने लगा है और बेगुनाहों की हत्यायें लूटपाट आगजनी हो रही हैं।पाकिस्तानी कट्टरपंथी अपने ही देश को हिंसा की आग में जलाने पर आमादा है। यहीं कट्टरपंथी मुल्ला मोलवी ही धर्म के नाम आतंकी नर्सरी डालकर दुनिया भर में उसकी आपूर्ति करके विश्व में आतंकी माहौल पैदा कर बेगुनाहों का खून बहा रहें हैं।पाकिस्तान में फैली हिंसा दिनों दिन कम होने की जगह बढ़ती ही जा रही है और सुरक्षा बलों की उनके सामने एक भी नहीं चल पा रही है और वे बेवश से दिख रहे हैं।पाकिस्तानी कुकर्मों का ही फल था जिसके लिये अभी कल परसों छब्बीस नवम्बर की हुयी आतंकी घटना की बरसी शहीद दिवस के रूप में मनानी पड़ी है। पाकिस्तान प्रयोजित आतंकवाद ने हमें इतने घाव दिये हैं जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता है। कहावत है कि जो दूसरे के लिए गढ्ढा खोदता है उसे खुद उस गढ्ढे में गिरना पड़ता है।पाकिस्तान में लगी आग उसके ही घर से लगी है जिसे कोई दूसरा बुझा नहीं सकता है। पाकिस्तान के कट्टरपंथी मुल्ला मोलवी अपनी गुप्तचर संस्था व सेना के सहारे आँतकियों को संरक्षण ही नहीं देते हैं बल्कि उसका इस्तेमाल हमारे देश की सुख शांति मिटाने में करते हैं।इसका पर्दाफाश एक बार नहीं अनेकों बार हो चुका है। पाकिस्तानी आज अपने ही ताने बाने के शिकार हैं क्योंकि पाकिस्तान की लोकतंत्रिक व्यवस्था इसी आतंकी गठजोड़ के इशारे पर कार्य चलती है।जो सरकार इन तीनों की मर्जी के अनुरूप नहीं करती है उसका सत्ता में बने रहना दूभर हो जाता है और रातोंरात सेना तख्ता पलट कर खुद सत्तारूढ़ हो जाती है। दुनिया के जितने भी आतंकी हैं लमसम सभी पाकिस्तान से किसी न किसी रूप में जुड़े जरूर होते हैं। पाकिस्तान में सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था की आड़ में कट्टरपंथी आतंकी आकाओं के इशारे पर चलती है।जो दुनिया को जला रहा है वह एक बार फिर अपने आप को जलाकर आतंक का साम्राज्य स्थापित कर रहा है। पाकिस्तान की आमजनता आतंकी नही है लेकिन मुल्ला मोलवी अपनी दूकान चलाने के लिए आम लोगों के बच्चों का अपहरण करके उनका इस्तेमाल मानव बम एवं आतंकी   गतिविधियों में करते हैं। पाकिस्तान की आवाम खुद इन मुठ्ठी भर आतंकी गिरोहों की आतंकी गतिविधियों से परेशान हैं लेकिन उसकी आवाज वहाँ पर सरकार के लिए नक्कारखाने में तूती की आवाज साबित हो रही है। पाकिस्तान में इस समय फैली हिंसा आगजनी लूटपाट पर सुरक्षा बल रोक नहीं लगा पा रहें है क्योंकि वह भी उसमें भी  शामिल हैं।पाकिस्तान की सेना आतंकियों को बकप व सरंक्षण देने के लिए दुनिया में जगजाहिर है।वहाँ की सेना सीमा में अंधाधुंध फायरिंग करके इन्हें हमारे देश में घुसपैठ कराती है।पाकिस्तान में हिंसा फैलाने वालों के सामने सरकार भी बेवश है और वरना जान सभी को प्यारी होते है।आसमानी फायरिंग और दिखावे से आतंकी हिंसा समाप्त होने वाली नहीं है।खासबात तो यह है कि वहाँ की लोकतांत्रिक सरकार सेना के इशारे पर चलती है और जो नहीं चलती है उसे अस्थिर करके हटा दिया जाता है।पाकिस्तान की परम्परा रही है कि वहाँ के अधिकांश प्रधानमंत्रियों को देश छोड़कर जान बचाकर भागना पड़ा और दूसरे देशों में शरण लेनी पड़ी।आज पाकिस्तान जब खुद अपनी आग में जलने लगा है तब उसे क्षणिक होश तो आया है लेकिन आतंकवादियों से सभी डरते हैं।वहाँ की सरकार का आतंकियों से टाईएफ न हो पाना हिंसा का कारण बन गया है। पाकिस्तान में हो रही इस हिंसा आगजनी व बेगुनाहों के खून कर अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भी चुप्पी साधे घबराया सा लग रहा है।पाकिस्तान में हिंसा से हो जनहानि धनहानि से बचाना वहाँ की सरकार मानवाधिकार आयोग का धर्म बनता है। धन्यवाद।। सुप्रभात / वंदेमातरम् / गुडमार्निंग / नमस्कार /शुभकामनाएं।। ऊँ भूर्भुवः स्वः--------/ ऊँ नमः शिवाय।।।
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          भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/समाजसेवी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी
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