Wednesday, November 15, 2017

कुर्शी के लालच में अपनों से बेगाने होते नेता

अबोहर- महीने भी नहीं  संभाल पाए विधायक अरुण नारंग अपने समर्थकों को गुप्ता ने दिया इस्तीफा ,कलानी तैयारी में तीन भाजपा पार्षद कर सकते हैं कांग्रेस की ओर रुख बताते चलें की पार्षद का चुनाव हारने के बाद फिर पार्षद बनकर असफल रहने वाले अरुण नारंग रातोरात विधायक बनकर भाजपा के माथे का मुकुट बन गए थे लेकिन  9 महीने में ही उन्होंने अपनी चमक खो दी लोगों को सुनील जाखड़ और अरुण नारंग में फर्क समझ आ गया है 10 साल विपक्ष में रहने के बावजूद सुनील ने अपने कार्यकर्ताओं को  आच तक  नहीं आने दी वही 9 महीनों में भाजपा ताश के पत्तों की तरह बिखर रही है भाजपा के हाथों यूज एंड थ्रो हुए सुभाष गुप्ता ने भाजपा को अलविदा कह दिया है वही कल  प्रमिल कलानी  द्वारा इस्तीफा देने की चर्चा जोरों पर थी 3 पार्षद भी कांग्रेस ज्वाइन करने की तैयारी कर चुके हैं बात ग्रामीण भाजपा की करें तो जिला अध्यक्ष के एक नजदीकी को राजस्थान में एक मुश्किल आ गई तो उसने विधायक अरुण को साथ चलने की गुहार लगाई लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी*

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