Saturday, December 16, 2017

16 दिसम्बर सूर्य का धनु में गोचर आपके जीवन मे लाएगा बदलाव

16 दिसम्बर 2017 को सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेगा और 14 जनवरी 2018 तक धनु राशि में रहेगा:-जाने सभी राशियों के फल ज्योतिर्विद् अभय पाण्डेय से...9450537461
भुवन भास्कर भगवान सूर्य प्रत्यक्ष देवता हैं उपनिषदों में भगवान सूर्य के तीन रूपों का विवेचन हुआ-
1-निर्गुण-निराकार 2-सगुण-निराकार 3-सगुण-साकार
छांदोपनिषद में सूर्य को ब्रह्म कि संज्ञा दी गयी,”आदित्यम ब्रहमेति”।
भगवान सूर्य की महिमा का वर्णन करते हुए कहा गया कि-
“ॐ चित्रन देवानामुदगादनीकम चक्षुर्मित्रस्य वरूणस्याग्ने:।
आप्रा द्यावापृथिवी अंतरिक्षम सूर्य आत्मा जगतस्तथुषश्च॥”
अर्थात जो तेजोमय किरणों के पुंज हैं,मित्र,वरुण तथा अग्नि आदि देवताओं एवं समस्त विश्व के प्राणियों के नेत्र हैं और स्थावर-जंगमात्मक समस्त जीवनिकाय के अन्तर्यामी आत्मा हैं,वे भगवान सूर्य आकाश,पृथिवी और अन्तरिक्ष लोक को अपने प्रकाश से पूर्ण करते हुए आश्चर्य रूप से उदित हो रहे हैं।
वशिष्ठ जी ने भी प्रार्थना करते हुए कहा कि,”जो ज्ञानियों के अंतरात्मा,जगत को प्रकाशित करने वाले,संसार के हितैषी,स्वयम्भू तथा सहस्त्र उद्दीप्त नेत्रों से सुशोभित हैं,उन अमित तेजस्वी सुर श्रेष्ठ भगवान सूर्य को नमस्कार है ।
आज संसार को प्रकाशित करने वाले तेजोमय,हितैषी, ग्रहों के राजा सूर्य धनु राशि में गमन कर रहे हैं,आइये जाने सूर्य का पारगमन  धनु राशि में किस प्रकार के फल को प्रदान करेगा-
चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ

मेष- ज्योतिर्विद् अभय पाण्डेय के अनुसार मेष राशि एवं लग्न वाले जातकों के लिए पंचमेश सूर्य की गोचर से नवम भाव में स्थिति के कारण विधा एवं संतान का सुख प्राप्त होगा| कार्य में सफलता की प्राप्ति होगी| मित्रो से विरोध का सामना करना पड़ेगा| छोटे भाई बहन एवं प्रियजनों से विरह भी हो सकता है| धार्मिक कार्य में खर्च हो होगा| विद्या एवं संतान के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी|

१६ दिसम्बर से २९ दिसम्बर तक सूर्य, मूल नक्षत्र में रहेगा| इस नक्षत्र का स्वामी केतु है, इस अवधि में पिता को शारीरिक कष्ट तथा सरकारी कार्य में हानि हो सकती है| कार्यक्षेत्र में असफलता की प्राप्ति हो सकती है|

२९ दिसम्बर २०१७ से ११ जनवरी २०१८ तक सूर्य पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा| इसका स्वामी शुक्र है| इस अवधि में संचित धन में वृद्धि होगी परन्तु परिवार के सदस्यों से मतभेद भी हो सकता है|व्यवसाय में लाभ प्राप्त होगा, शारीरिक कष्ट का योग है|

११ जनवरी २०१८ से १४ जनवरी २०१८ तक सूर्य उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा| इस नक्षत्र का स्वामी सूर्य है इस अवधि में भाग्य का पूर्ण सुख प्राप्त होगा तथा कार्य में सफलता प्राप्त होगी|

१६ दिसम्बर से २० दिसम्बर तक सूर्य एवं शनि की युति के कारण इस अवधि में भाई बंधुओ से विरोध होगा स्वजनों से विरोध एवं कार्य में पूर्ण सफलता प्राप्त नहीं होगी जिसके कारण अपमान का भय बना रहेगा|

२० दिसम्बर से ६ जनवरी २०१८ तक सूर्य, शुक्र एवं शनि की युति के कारण इस अवधि में व्यवसाय में लाभ मिलेगा परन्तु जीवनसाथी को शारीरिक कष्ट हो सकता है|

६ जनवरी २०१८ से १३ जनवरी २०१८ तक सूर्य, बुध, शुक्र एवं शनि की युति के इस अवधि में धन में वृद्धि होगी तथा जीवनसाथी का सुख प्राप्त होगा|

इ, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वु, वे, वो

वृष-ज्योतिर्विद् अभय पाण्डेय के अनुसार  वृष राशि वाले जातकों के लिए चतुर्थेश सूर्य की अष्टम भाव में गोचर से उपस्थिति के कारण ज्वर आदि से शारीरिक कष्ट हो सकता है| भूमि वाहन सुख में कमी आ सकती है|माता को शारीरिक कष्ट हो सकता है| परिवार में कलह के कारण मन में संताप रहेगा| स्थान परिवर्तन भी हो सकता है| अर्थात इस अवधि में जन्म स्थान से दूर रहना पड़ सकता है|द्वितीय भाव में दृष्टि के कारण आकस्मिक धन लाभ हो सकता है|

१६ दिसम्बर से २९ दिसम्बर तक सूर्य, मूल नक्षत्र में रहेगा| इस नक्षत्र का स्वामी केतु है| इस अवधि में माता को शारीरिक कष्ट तथा मान सम्मान में हानि हो सकती है|

२९ दिसम्बर २०१७ से ११ जनवरी २०१८ तक सूर्य पूर्वाषाढा नक्षत्र में रहेगा| इसका स्वामी शुक्र है| इस अवधि में धन में वृद्धि हो सकती है तथा शरीर स्वस्थ रहेगा|

११ जनवरी २०१८ से १४ जनवरी २०१८ तक सूर्य उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा| इस नक्षत्र का स्वामी सूर्य है इस अवधि में वाहन आदि का सुख प्राप्त होगा परन्तु   ज्वर आदि से शारीरिक कष्ट हो सकता है|

१६ दिसम्बर से २० दिसम्बर तक सूर्य एवं शनि की युति के कारण इस अवधि में कार्यक्षेत्र में सफलता की प्राप्ति नहीं होगी तथा माता पिता को शारीरिक कष्ट हो सकता है|

२० दिसम्बर से ६ जनवरी २०१८ तक सूर्य, शुक्र एवं शनि की युति के कारण इस अवधि में मनोरंजन एवं भोग विलास पर खर्च होगा|

६ जनवरी २०१८ से १३ जनवरी २०१८ तक सूर्य, बुध, शुक्र एवं शनि की युति के इस अवधि में पुरूषार्थ के द्वारा सफलता प्राप्त होगी तथा संचित धन में वृद्धि होगी|

का, की, कु, घ, ड, छ, के, को, हा

मिथुन-ज्योतिर्विद् अभय पाण्डेय के अनुसार  मिथुन राशि एवं लग्न वाले जातकों के लिए तृतीयेश सूर्य की गोचर से सप्तम भाव में उपस्थिति के कारण दाम्पत्य जीवन में कलहपूर्ण वातावरण रहेगा| साझेदारी के कार्य में हानि होगी| मान सम्मान में कमी के कारण मन में ग्लानि रहेगी| कार्य में असफलता के कारण क्रोध की अधिकता रहेगी| ज्वर एवं गुदा रोग से शारीरिक कष्ट हो सकता है| लग्न पर पूर्ण दृष्टि के कारण शरीर की सुन्दरता में निखार आएगा तथा चेहरे में तेज रहेगा| परन्तु शारीरिक कष्ट के कारण निर्बलता का भी आभास होगा|

१६ दिसम्बर से २९ दिसम्बर तक सूर्य, मूल नक्षत्र में रहेगा| इस नक्षत्र का स्वामी केतु है| इस अवधि में व्यवसाय में हानि तथा कुटुम्ब में कलहपूर्ण वातावरण रहेगा| गुदा रोग से शारीरिक कष्ट हो सकता है|

२९ दिसम्बर २०१७ से ११ जनवरी २०१८ तक सूर्य पूर्वाषाढा नक्षत्र में रहेगा| इसका स्वामी शुक्र है| इस अवधि में दाम्पत्य सुख में कमी का अहसास होगा| जीवनसाथी को शारीरिक कष्ट हो सकता है|

११ जनवरी २०१८ से 14 जनवरी २०१८ तक सूर्य उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा| इस नक्षत्र का स्वामी सूर्य है इस अवधि में साझेदारी के कार्य से बच कर रहे| ज्वर आदि से शारीरिक कष्ट हो सकता है|

१६ दिसम्बर से २० दिसम्बर तक सूर्य एवं शनि की युति के कारण इस अवधि में कार्य में मनोनुकूल सफलता की प्राप्ति नहीं होगी| जीवनसाथी को शारीरिक कष्ट हो सकता है|

२० दिसम्बर से ६ जनवरी २०१८ तक सूर्य, शुक्र एवं शनि की युति के कारण इस अवधि में कामुक प्रवृत्ति में वृद्धि के कारण मान सम्मान में हानि हो सकती है|

६ जनवरी २०१८ से १३ जनवरी २०१८ तक सूर्य, बुध, शुक्र एवं शनि की युति के इस अवधि में संगीत में रूचि बढेगी तथा अध्यात्म में सफलता प्राप्त होगी|

ही,  ही, हे, हो, डा डी, डू, डे, डो

कर्क-ज्योतिर्विद् अभय पाण्डेय के अनुसार कर्क राशि एवं लग्न वालों के लिए द्वितीयेश सूर्य की गोचर छठवे भाव में उपस्थिति के कारण शत्रुओ पर विजय प्राप्त होगी तथा शत्रुओ का नाश होगा| अन्न एवं धन दोनों में वृद्धि होगी| रोगों का नाश होगा जिसके कारण शरीर स्वस्थ रहेगा तथा मन प्रसन्न रहेगा|बाहरी स्थान से सम्बन्ध स्थापित होंगे तथा समाज में मान सम्मान की प्राप्ति होगी| व्यय की अधिकता रहेगी|ननिहाल पक्ष का सहयोग प्राप्त होगा| उच्च पदाधिकारियों एवं राज्य अधिकारियो से सम्बन्ध बढेंगे एवं लाभ की प्राप्ति होगी|

१६ दिसम्बर से २९ दिसम्बर तक सूर्य, मूल नक्षत्र में रहेगा| इस नक्षत्र का स्वामी केतु है| इस अवधि में यात्रा में खर्च होगा तथा दाम्पत्य जीवन सुखमय रहेगा|

२९ दिसम्बर २०१७ से ११ जनवरी २०१८ तक सूर्य पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा| इसका स्वामी शुक्र है| इस अवधि में मान सम्मान प्राप्त होगा| बाहरी यात्रा का योग बन  रहा है| धार्मिक यात्रा हो सकती है|

११ जनवरी २०१८ से १४ जनवरी २०१८ तक सूर्य उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा| इस नक्षत्र का स्वामी सूर्य है इस अवधि में शरीर स्वस्थ रहेगा तथा मन प्रसन्न रहेगा|

१६ दिसम्बर से २० दिसम्बर तक सूर्य एवं शनि की युति के कारण इस अवधि में शरीर स्वस्थ रहेगा| शत्रुओ का नाश होगा तथा प्रत्येक क्षेत्र में सफलता की प्राप्ति होगी|

२० दिसम्बर से ६ जनवरी २०१८ तक सूर्य, शुक्र एवं शनि की युति के कारण इस अवधि में विधा सम्बंधित यात्रा का योग बन रहा है तथा कार्य में सफलता की प्राप्ति होगी|

६ जनवरी २०१८ से १३ जनवरी २०१८ तक सूर्य, बुध, शुक्र एवं शनि की युति के इस अवधि में उच्च शिक्षा की प्राप्ति होगी|

मा, मी,मू,मे,मो,टा,टी,टू,टे

सिंह-ज्योतिर्विद् अभय पाण्डेय के अनुसार सिंह राशि एवं लग्न वाले जातकों के लिए लग्नेश सूर्य की गोचर से पाचवे भाव में उपस्थिति के कारण विधा के प्रभाव से आय में वृद्धि होगी| संतान का सुख भी प्राप्त होगा| विधा के अहंकार के कारण राजकीय कर्मचारियों या अधिकारियो से विवाद भी हो सकता है| कार्यक्षेत्र में हानि होगी| कार्य में असफलता के कारण मन में अशांति रहेगी तथा क्षोभ भी हो सकता है| संतान को शारीरिक कष्ट का योग है| यात्रा में खर्च की अधिकता रहेगी| इस अवधि में अहंकार से बचकर रहने में ही लाभ की प्राप्ति होगी|

१६ दिसम्बर से २९ दिसम्बर तक सूर्य, मूल नक्षत्र में रहेगा| इस नक्षत्र का स्वामी केतु है| इस अवधि में यात्रा में खर्च होगा तथा स्थान परिवर्तन का योग बन रहा है|

२९ दिसम्बर २०१७ से ११ जनवरी २०१८ तक सूर्य पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा| इसका स्वामी शुक्र है| इस अवधि में पराक्रम के द्वारा आय में वृद्धि होगी एवं कार्य सफलता प्राप्त होगी|

११ जनवरी २०१८ से १४ जनवरी २०१८ तक सूर्य उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा| इस नक्षत्र का स्वामी सूर्य है इस अवधि में अहंकार से बच कर रहे| अहंकार के कारण विवाद हो सकता है|

१६ दिसम्बर से २० दिसम्बर तक सूर्य एवं शनि की युति के कारण इस अवधि में संतान से मतभेद हो सकता है तथा मानसिक कष्ट का योग बन रहा है|

२० दिसम्बर से ६ जनवरी २०१८ तक सूर्य, शुक्र एवं शनि की युति के कारण इस अवधि में बुद्धि में चंचलता रहेगी तथा कार्यक्षेत्र में सफलता की प्राप्ति होगी|

६ जनवरी २०१८ से १३ जनवरी २०१८ तक सूर्य, बुध, शुक्र एवं शनि की युति के कारण ज्योतिष तंत्र आदि गूढ़ विषयों में रूचि बढेगी|

टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

कन्या-ज्योतिर्विद् अभय पाण्डेय के अनुसार कन्या राशि एवं लग्न वाले जातकों के लिए व्ययेश सूर्य की गोचर से चतुर्थ भाव में उपस्थिति के कारण इस अवधि में माता पिता को शारीरिक कष्ट हो सकता है| भूमि से सम्बंधित विवाद के कारण मन में अशांति रहेगी तथा प्रत्येक प्रकार के सुख में कमी का आभास होगा| कार्यक्षेत्र में मनोनुकूल सफलता की प्राप्ति नहीं होगी| शारीरिक कष्ट भी हो सकता है| यात्रा में खर्च होगा| परिवार में अनेक प्रकार की समस्या उत्त्पन्न होगी|

१६ दिसम्बर से २९ दिसम्बर तक सूर्य, मूल नक्षत्र में रहेगा| इस नक्षत्र का स्वामी केतु है| इस अवधि में कार्य में असफलता प्राप्त होगी तथा धार्मिक कार्य में अरुचि उत्त्पन्न होगी|

२९ दिसम्बर २०१७ से ११ जनवरी २०१८ तक सूर्य पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा इसका स्वामी शुक्र है| इस अवधि में भूमि वाहन की समस्याओं से कुछ शांति मिलेगी तथा कार्य में सफलता प्राप्त होगी| भूमि से सम्बंधित विवाद में संधि का योग बन रहा है|

११ जनवरी २०१८ से १४ जनवरी २०१८ तक सूर्य उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा| इस नक्षत्र का स्वामी सूर्य है इस अवधि में माता पिता को शारीरिक कष्ट हो सकता है|

१६ दिसम्बर से २० दिसम्बर तक सूर्य एवं शनि की युति के कारण इस अवधि में कार्यक्षेत्र में शत्रुओ के विरोध का सामना करना पड़ेगा|

२० दिसम्बर से ६ जनवरी २०१८ तक सूर्य, शुक्र एवं शनि की युति के कारण इस अवधि में चरम रोग एवं मधुमेह से शारीरिक कष्ट हो सकता है|

६ जनवरी २०१८ से १३ जनवरी २०१८ तक सूर्य, बुध, शुक्र एवं शनि की युति के कारण आकर्षण व्यक्तित्व एवं पुरषार्थ के द्वारा कार्य में सफलता की प्राप्ति होगी| 

रा, री, रु, रे, रो, ता, ती, तू, ते

तुला-ज्योतिर्विद् अभय पाण्डेय के अनुसार  तुला राशि एवं लग्न वाले जातकों के लिए आयेश सूर्य की गोचर से तृतीये भाव में उपस्थिति के कारण इस अवधि में अपने बाहु बल के द्वारा समाज में मान सम्मान प्राप्त करेगा| पराक्रम में वृद्धि होगी| भाग्य का पूर्ण सुख प्राप्त होगा तथा संचित धन एवं आय में वृद्धि होगी| मित्रो एवं भाई बहन का सुख प्राप्त होगा| संतान सुख प्राप्त होगा| उच्च पदाधिकारियों एवं समाज में प्रतिष्ठित लोगो से सम्बन्ध बनेंगे| सरलता से शत्रुओ पर विजय प्राप्त होगी| धन संग्रह के कारण हर्ष उत्त्पन्न होगा| शुभ समाचार की प्राप्ति होगी| शुभ कार्य के कारण मन में हर्ष रहेगा|

१६ दिसम्बर से २९ दिसम्बर तक सूर्य, मूल नक्षत्र में रहेगा| इस नक्षत्र का स्वामी केतु है| इस अवधि में समाज में प्रतिष्ठित व्यक्तियों से सम्बन्ध बनेंगे एवं सम्मान की प्राप्ति होगी|

२९ दिसम्बर २०१७ से ११ जनवरी २०१८ तक सूर्य पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा इसका स्वामी शुक्र है| इस अवधि में मन प्रसन्न रहेगा तथा शरीर स्वस्थ रहेगा| शत्रुओ का नाश होगा|

११ जनवरी २०१८ से १४ जनवरी २०१८ तक सूर्य उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा| इस नक्षत्र का स्वामी सूर्य है इस अवधि में पुरूषार्थ के द्वारा कार्य में सफलता प्राप्त होगी तथा विभिन्न स्त्रोतों से आय में वृद्धि होगी|

१६ दिसम्बर से २० दिसम्बर तक सूर्य एवं शनि की युति के कारण इस अवधि में पराक्रम में वृद्धि होगी, निज बाहु बल से शत्रुओ पर विजय प्राप्त होगी|

२० दिसम्बर से ६ जनवरी २०१८ तक सूर्य, शुक्र एवं शनि की युति के कारण शरीर स्वस्थ रहेगा तथा कार्य में पूर्ण सफलता प्राप्त होगी|

६ जनवरी २०१८ से १३ जनवरी २०१८ तक सूर्य, बुध, शुक्र एवं शनि की युति रहेगी इस अवधि में यात्रा में खर्च होगा| भूमि वाहन आदि का उत्तम सुख प्राप्त होगा|

तो,ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

वृश्चिक- ज्योतिर्विद् अभय पाण्डेय के अनुसार वृश्चिक लग्न एवं राशि वाले जातकों के लिए दशमेश सूर्य की द्वितीय  स्थान में गोचर से उपस्थिति के कारण राजकीय क्षेत्र से धन की प्राप्ति हो सकती है| नेत्र विकार से कष्ट हो सकता है| परिवार में कलहपूर्ण वातावरण रहेगा| चालाक एवं धोखा देने वाले लोगो से संपर्क हो सकता है| लोग धोखा देकर अपने काम को सिद्ध कर लेंगे जिसके कारण मन में ग्लानि होगी तथा धन हानि भी हो सकती है| संचित कर्म का शुभ एवं अशुभ फल की प्राप्ति होगी|

१६ दिसम्बर से २९ दिसम्बर तक सूर्य, मूल नक्षत्र में रहेगा| इस नक्षत्र का स्वामी केतु है| इस अवधि में धार्मिक कार्य में अरुचि उत्पन्न होगी तथा धूर्त लोगो के संपर्क में आ सकते है| इनसे सावधान रहने की आवश्यकता है|

२९ दिसम्बर २०१७ से ११ जनवरी २०१८ तक सूर्य पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा इसका स्वामी शुक्र है| इस अवधि में इस अवधि में आय की प्राप्ति होगी तथा शत्रुओ में वृद्धि होगी|

११ जनवरी २०१८ से १४ जनवरी २०१८ तक सूर्य उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा| इस नक्षत्र का स्वामी सूर्य है इस अवधि में परिश्रम के द्वारा कार्य में सफलता प्राप्त होगी तथा भाग्य का सुख मिलेगा|

१६ दिसम्बर से २० दिसम्बर तक सूर्य एवं शनि की युति के कारण इस अवधि में दाम्पत्य सुख में कमी रहेगी एवं जीवनसाथी को शारीरिक कष्ट हो सकता है|

२० दिसम्बर से ६ जनवरी २०१८ तक सूर्य, शुक्र एवं शनि की युति के कारण भोग विलास एवं मनोरंजन पर खर्च होगा|

६ जनवरी २०१८ से १३ जनवरी २०१८ तक सूर्य, बुध, शुक्र एवं शनि की युति रहेगी इस अवधि में परिश्रम एवं पुरूषार्थ द्वारा आय में वृद्धि होगी| व्यक्तित्व आकर्षक रहेगा|

ये, यो, भा, भी, भू, ध, फ, ढ, भे

धनु-ज्योतिर्विद् अभय पाण्डेय के अनुसार धनु लग्न एवं राशि वालों के लिए नवमेश सूर्य की गोचर से लग्न में उपस्थिति के कारण भाग्य का पूर्ण सुख प्राप्त होगा तथा शरीर स्वस्थ रहेगा| स्वाभाव में क्रोध की अधिकता रहेगी जिसके कारण कार्यक्षेत्र में असफलता मिलेगी तथा उच्च पदाधिकारियों से विवाद होगा| व्यवसाय से लाभ की प्राप्ति होगी परन्तु दाम्पत्य जीवन सुखमय नहीं रहेगा| जीवनसाथी को शारीरिक कष्ट हो सकता है| कार्य में सफलता के लिए कठिन परिश्रम करना पड़ेगा| यात्रा होगी तथा यात्रा में खर्च होगा|

१६ दिसम्बर से २९ दिसम्बर तक सूर्य, मूल नक्षत्र में रहेगा| इस नक्षत्र का स्वामी केतु है| इस अवधि में खर्च की अधिकता रहेगी तथा शारीरिक कष्ट हो सकता है|

२९ दिसम्बर से २०१७ से ११ जनवरी २०१८ तक सूर्य पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा इसका स्वामी शुक्र है| इस अवधि में व्यवसाय से लाभ हो सकता है परन्तु जीवनसाथी को शारीरिक कष्ट का योग है|लम्बी यात्रा का योग बन रहा है|

११ जनवरी २०१८ से १४ जनवरी २०१८ तक सूर्य उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा| इस नक्षत्र का स्वामी सूर्य है इस अवधि में नेत्र विकार से कष्ट हो सकता है|

१६ दिसम्बर से २० दिसम्बर तक सूर्य एवं शनि की युति के कारण इस अवधि में कुटुम्ब में भूमि से सम्बंधित विवाद हो सकता है|

२० दिसम्बर से ६ जनवरी २०१८ तक सूर्य, शुक्र एवं शनि की युति के कारण इस अवधि में यात्रा में खर्च हो सकता है तथा व्यवसाय से लाभ प्राप्त होगा|

६ जनवरी २०१८ से १३ जनवरी २०१८ तक सूर्य, बुध, शुक्र एवं शनि की युति रहेगी इस अवधि में बाहरी स्थान से सम्बन्ध बनेंगे तथा आय की प्राप्ति होगी|

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

मकर-ज्योतिर्विद् अभय पाण्डेय के अनुसार मकर राशि एवं लग्न वालों के लिए अष्टमेश सूर्य की गोचर से व्यय भाव मे उपस्थिति के कारण खर्च की अधिकता रहेगी| उदर विकार एवं नेत्र विकार से शारीरिक कष्ट हो सकता है| इस अवधि में दोस्त भी दुश्मनी करेंगे| संचित धन में हानि होगी| विवाद के कारण मुकदमा आदि में खर्च हो सकता है| अपमान का भय बना रहेगा|

१६ दिसम्बर से २९ दिसम्बर तक सूर्य, मूल नक्षत्र में रहेगा| इस नक्षत्र का स्वामी केतु है| इस अवधि में शारीरिक कष्ट हो सकता है तथा न्यायलय आदि के कारण अपव्यय होगा|

२९ दिसम्बर से २०१७ से ११ जनवरी २०१८ तक सूर्य पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा इसका स्वामी शुक्र है|इस अवधि में राजकीय कार्य में हानि होगी तथा उच्च पदाधिकारियों से विवाद हो सकता है|

११ जनवरी २०१८ से १४ जनवरी २०१८ तक सूर्य उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा| इस नक्षत्र का स्वामी सूर्य है इस अवधि में यात्रा में खर्च होगा| नेत्र, उदर एवं ज्वर आदि से शारीरिक कष्ट का योग है|

१६ दिसम्बर से २० दिसम्बर तक सूर्य एवं शनि की युति के कारण इस अवधि में कुटुम्ब में विरोध के कारण खर्च की अधिकता रहेगी| अपमान भी हो सकता है|

२० दिसम्बर से ६ जनवरी २०१८ तक सूर्य, शुक्र एवं शनि की युति के कारण राजकीय कर्मचारी एवं उच्च पदाधिकारियों से विवाद से बचे| विवाद के कारण हानि हो सकती है|

६ जनवरी २०१८ से १३ जनवरी २०१८ तक सूर्य, बुध, शुक्र एवं शनि की युति यात्रा एवं भोग विलास में खर्च हो सकता है|

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

कुम्भ-ज्योतिर्विद् अभय पाण्डेय के अनुसार कुंभ राशि एवं लग्न वालों के लिए सप्तमेश सूर्य की गोचर से आय भाव में उपस्थिति के कारण व्यवसाय में उत्तम लाभ की प्राप्ति होगी| उच्च पद या पदोन्नति का अवसर प्राप्त होगा| जीवनसाथी का सुख एवं सहयोग प्राप्त होगा| सम्मान में वृद्धि होगी| रोग से मुक्ति मिलेगी| शारीरिक स्वास्थ्य की प्राप्ति होगी| राजकीय क्षेत्र से एवं पिता से लाभ की प्राप्ति तथा कृपा की प्राप्ति होगी| इस अवधि में धार्मिक एवं मांगलिक कार्य में खर्च होगा|

१६ दिसम्बर से २९ दिसम्बर तक सूर्य, मूल नक्षत्र में रहेगा| इस नक्षत्र का स्वामी केतु है| इस अवधि में धार्मिक एवं मांगलिक कार्य में खर्च होगा| भूमि वाहन की प्राप्ति होगी| भूमि, वाहन का उत्तम सुख प्राप्त होगा| संतान सुख की प्राप्ति का योग है|

११जनवरी २०१८ से १४ जनवरी २०१८ तक सूर्य उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा| इस नक्षत्र का स्वामी सूर्य है इस अवधि में विभिन्न स्त्रोत से आय की प्राप्ति होगी|

१६ दिसम्बर से २० दिसम्बर तक सूर्य एवं शनि की युति के कारण बाहरी स्थान की यात्रा हो सकती है| यात्रा से लाभ की प्राप्ति होगी| सभी अरिष्ट दूर होंगे, शरीर स्वस्थ रहेगा|

२० दिसम्बर से ६ जनवरी तक सूर्य, शुक्र एवं शनि की युति के कारण वाहन आदि का पूर्ण सुख प्राप्त होगा|

६ जनवरी २०१८ से १३ जनवरी २०१८ तक सूर्य, बुध, शुक्र एवं शनि की युति अति उत्तम फल प्रदान करेगी| समाज में सम्मान की प्राप्ति होगी|

दी दू, थ, झ, ञ दे, दो, चा, ची

मीन-ज्योतिर्विद् अभय पाण्डेय के अनुसार मीन राशि एवं लग्न वालों के लिए षष्ठेश सूर्य की गोचर से दशम भाव में उपस्थिति के कारण राजकीय कार्य में सफलता का योग है| पिता को शारीरिक कष्ट हो सकता है| पदौन्नती का अवसर प्राप्त होगा| समाज में मान सम्मान की प्राप्ति का योग है| जिस कार्य में सिद्धि के लिए कार्य करेंगे उसमे सफलता की प्राप्ति होगी| इस अवधि में यदि कोई बड़ा कार्य आरम्भ करेंगे उसमे भी सफलता प्राप्त होगी| कुटुम्ब मित्र एवं स्वास्थ्य का उत्तम सुख प्राप्त होगा|

१६ दिसम्बर से २९ दिसम्बर २०१७ तक सूर्य मूल नक्षत्र में रहेगा| इस नक्षत्र का स्वामी केतु है इस अवधि में जमीन जायदाद में वृद्धि का योग बन रहा है|

२९ दिसम्बर २०१७ से ११ जनवरी २०१८ तक सूर्य पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा| इस नक्षत्र का स्वामी शुक्र है इस अवधि में पुरषार्थ के द्वारा कार्य में सफलता की प्राप्ति होगी तथा शरीर स्वस्थ रहेगा| शत्रुओ पर विजय प्राप्त होगी|

११ जनवरी से १४ जनवरी २०१८ तक सूर्य उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा| इस अवधि में राजकीय कार्य में सफलता प्राप्त होगी| पिता को शारीरिक कष्ट हो सकता है|

१६ दिसम्बर से २० दिसम्बर २०१७ तक सूर्य एवं शनि की युति से सहकर्मियों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा तथा कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी|

२० दिसम्बर २०१७ से ६ जनवरी २०१८ तक सूर्य शुक्र एवं शनि की युति के कारण वाहन आदि का सुख प्राप्त होगा|

६ जनवरी २०१८ से १३ जनवरी २०१८ तक सूर्य, बुध, शुक्र, एवं शनि की युति के कारण धन सम्पदा में वृद्धि होगी| दाम्पत्य सुख उत्तम मिलेगा| प्रत्येक कार्य में सफलता की प्राप्ति होगी|

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