Tuesday, December 12, 2017

भाजपा में सुगबुगाहट सुरु जाने क्यों

कन्नौज ब्यूरो पवन कुशवाहा के साथ आलोक प्रजापति
कन्नौज। समाजवादी पार्टी के बाद अब भाजपा के अगले कदम पर सभी की निगाहें टिक गई हैं। भाजपा ने आठ निकायों में से सात पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। सिकंदरपुर सीट पार्टी ने छोड़ दी थी। हालांकि पिछले चुनाव की अपेक्षा उसे जिले में एक सीट का फायदा हुआ लेकिन हाईकमान इसे पर्याप्त नहीं मान रहा है। नगर पालिका कन्नौज की सीट पार्टी के लिए प्रतिष्ठा वाली थी। 2012 के निकाय चुनाव में भाजपा ने ही इस सीट पर कब्जा जमाया था। यह सीट ऐसे समय पार्टी ने जीती थी, जब जिले में सपा का दबदबा था। ऐसे में माना जा रहा था कि जब देश और प्रदेश में जब भाजपा की सरकार है तो पार्टी सात में से सात सीटें जीतकर आएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भाजपा छिबरामऊ और सौरिख सीट ही जीत सकी। कन्नौज नगर पालिका सीट पर पार्टी प्रत्याशी की जमानत तक जब्त हो गई। यही हाल समधन, तालग्राम और तिर्वा नगर पंचायत सीट का भी रहा। इन सीटों पर उतारे गए पार्टी प्रत्याशी भी अपनी जमानत नहीं बचा सके। ऐसे में माना जा रहा है कि भाजपा हाईकमान भी जिले के पदाधिकारियों से खासा नाराज है और जल्द कोई निर्णय सामने आ सकता है।
पार्टी अध्यक्ष की कार्रवाई की जानकारी नहीं
सपा प्रदेश अध्यक्ष ने क्या कार्रवाई की है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। उन्हें अभी कोई पत्र प्रदेश संगठन की ओर से प्राप्त नहीं हुआ है।
मजहारुल हक उर्फ मुन्ना दरोगा, सपा जिलाध्यक्ष, कन्नौज।

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