Sunday, December 10, 2017

जिंदा नवजात को मृत घोषित करने पर दिल्ली सरकार ने किया मैक्स हास्पिटल का लाइसेंस रद्द

जीवित नवजात को मृत घोषित करने वाले दिल्‍ली के शालीमार बाग स्थित मैक्‍स अस्‍पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।दिल्‍ली के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सत्‍येंद्र जैन ने शुक्रवार को पत्रकारों को यह जानकारी दी,दरअसल,मैक्स अस्पताल ने दो जुड़वां नवजातों को मृत घोषित कर दिया था,लेकिन बाद में जुड़वा बच्चों में से एक जीवित पाया गया था।उन्‍होंने कहा कि हमने अस्‍पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया है।नवजातों की लापरवाही से हुई मौत अस्‍वीकार्य है।
मेडिकल लापरवाही के इस मामले में शालीमार बाग स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के चिकित्सकों ने शुक्रवार (1 दिसंबर) को जुड़वां बच्चों को मृत घोषित कर दिया था और नवजातों के शवों को पॉलिथीन में डालकर परिवार को सौंप दिया था, लेकिन नवजातों को दफनाने से थोड़ी देर पहले एक नवजात को जिंदा पाया गया। इस घटना के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने जांच के आदेश दे दिए थे।पीड़ित परिवार ने बताया था कि 30 नवंबर को पैदा हुए ये जुड़वां बच्चे समयपूर्व पैदा हुए थे,एक नवजात पैदा होते ही मर गया,लेकिन दूसरे को कई घंटों बाद मृत घोषित कर दिया गया,मैक्स अस्‍पताल ने जारी बयान में कहा कि यह हमारे संज्ञान में आया है कि शालीमार बाग के मैक्स अस्पताल ने 22 सप्ताह के नवजात को मृत बताकर परिवार को सौंप दिया,यह नवजात 30 नवंबर की सुबह पैदा हुए जुड़वां बच्चों में से एक था,जबकि दूसरा पैदा होते ही मर गया था।बयान में आगे कहा गया था कि हम इस घटना से दुखी और चिंतित हैं। हमने इसकी जांच शुरू कर दी है और इस मामले से जुड़े चिकित्सक को तुरंत छुट्टी पर जाने के लिए कह दिया गया है।अस्पताल ने कहा कि वह परिवार के संपर्क में है और उन्हें पूर्ण सहयोग करने के लिए तैयार है।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बीते दो दिसंबर को कहा था कि मैक्स अस्पताल के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी और यदि जरूरत पड़ी तो उसका लाइसेंस भी रद्द किया जाएगा,जैन ने कहा कि जब हमें अस्पताल की लापरवाही के बारे में पता चला तो हमने इसकी जांच के आदेश दिए,मैं सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि यदि वह सही ढंग से काम नहीं करेंगे तो हम अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर देंगे।उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल को आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) वर्ग के मरीजों का सही से इलाज नहीं करने के लिए 22 नवंबर को कारण बताओ नोटिस दिया गया था।


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