Saturday, December 9, 2017

एआरटीओ दफ्तर ने छीना किसानों का आराम

कन्नौज ब्यूरो पवन कुशवाहा के साथ आलोक प्रजापति
कन्नौज। एआरटीओ कार्यालय ने किसानों का आराम छीन रखा है। नवीन मंडी परिसर में बने कृषक विश्राम गृह में अर्से से एआरटीओ कार्यालय चल रहा है। इससे मंडी में आए किसानों को विश्राम गृह का लाभ नहीं मिल पा रहा है। माल लेकर आए किसान टीनशेड या फिर खुले के नीचे आराम फरमाते हैं। 1972 में नवीन मंडी की स्थापना हुई थी। तब परिसर में किसानों के लिए विश्राम गृह बनाया गया था। नया जिला बनने के बाद मंडी समिति ने एआरटीओ कार्यालय के लिए कृषक विश्राम गृह 1100 रुपये प्रतिमाह किराये पर उठा दिया। कहा गया था कि नया भवन बनने के बाद परिसर खाली दिया जाएगा। अब रितुकाला में डेढ़ करोड़ रुपये का नया एआरटीओ भवन भी बन चुका है। इसके बाद भी अब तक परिसर खाली नहीं हो सका है।
मंडी पुलिस चैकी पर भी कब्जा
मंडी परिसर में पुलिस चैकी बनाने के लिए जगह चिह्नित की गई थी। इस पर धीरे-धीरे एआरटीओ कार्यालय का कब्जा हो गया। मौजूदा समय में पुलिस चैकी पर सर्वर रूम चल रहा है। ड्राइ¨वग लाइसेंस, वाहनों का पंजीकरण, टैक्स आदि कामकाज वहीं से होते हैं। इसका मंडी समिति को किसी तरह का भुगतान भी नहीं किया जाता है। परिसर में खड़े वाहनों के कारण मंडी के कामकाज में दिक्कत होती हैं। कई बार मंडी के उच्च अधिकारी एआरटीओ भवन पर आपत्ति जता चुके हैं। परिसर खाली करने के निर्देश भी दिए जा चुके हैं।
नया एआरटीओ भवन जर्जर, खतरा
रितुकाला में बने मानकों को ताख पर रख भवन का निर्माण कराया गया है। आरोप है कि भवन निर्माण में खूब अनदेखी की गई। रुपयों का भी जमकर बंदरबांट किया गया। इस कारण भवन की गुणवत्ता काफी खराब है। परिसर में बिना बीम के दीवारें खड़ी कर दी गईं। भवन हस्तानांतरित करने के बाद बारिश से दीवार ढह चुकी है। भवन के नीचे बड़ा नाला भी है। जिसे बिना पाटे ही भवन खड़ा कर दिया गया। हाल में जमीन धंस भी चुकी है। दीवारें कमजोर हैं तो जगह-जगह जमीनों में दरारें पड़ चुकी हैं। भवन जर्जर होने के कारण जान का खतरा बना हुआ है। परिसर में इंटरनेट की कोई व्यवस्था नहीं है। सुरक्षा की ²ष्टि से नये भवन में दफ्तर शिफ्ट नहीं हो पा रहा है।

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