Friday, December 29, 2017

जाधव की माता पत्नी से मुलाकात और पाकिस्तानी व्यवहार

कहावत है कि जाति स्वभाव कबौ न छूटै और कुकुर टांग उठायकै----"। बिल्कुल यहीं स्थिति पाकिस्तान की है और वह अपना मूल स्वाभाव नहीं छोड़ पा रहा है। पाकिस्तान की दशा-" सौ सौ जूता खाय तबौ तमाशा घुसिकै देखने वाली है। दुनिया के सामने वह धोयी धाई बछिया बना रहता है लेकिन मौका पाते ही डंक मार देता है।हमारे एक पू्र्व नौसेनाअधिकारी कुलभूषण जाधव को उसने अपने यहाँ पर जासूसी करने के आरोप में कैद ही नहीं कर रखा है बल्कि उनके ऊपर मुकदमा चलाकर उन्हें फांसी की सजा भी सुना चुका है। यह बात अलग है कि भारत और दुनिया के दबाव में वह अबतक उन्हें सूली पर नही लटका पा रहा है। हमारी संस्कृति हमारी सभ्यता हमारा इतिहास दुश्मन के परिवार के साथ भी हमदर्दी वाला रहा है और जब रावणपुत्र की पत्नी रामादल में अपने पति का शव लेने पहुंचती है तो उसका भरपूर सम्मान किया जाता है।पाकिस्तान में नारी सम्मान नही होता है और नारी अथवा पत्नी को अर्द्धगिनी जीवन साथी नही बल्कि हवश मिटाने का साधनमात्र माना जाता है। वह नारी को शक्तिस्वरूपा नहीं बल्कि बच्चा पैदा करने का साधन माना जाता है।उसे शायद नही पता है कि नारी के माथे की बिंदी मांग के सिंदूर और मंगलसूत्र की क्या कीमत होतीे है।अगर उसे नारी संस्कृति के बारे में पता होता तो शायद जैसी बेहूदी हरकत उसने चार दिन पहले जेल में बंद  अधिकारी से मिलने गयी उनकी माता व पत्नी के साथ नहीं करता।दुनिया को दिखाने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय दबाव में माँ और पत्नी से मिलने की अनुमति तो दे गयी लेकिन मुलाकात कराने के पहले बेहूदगी की सारी हदें पार कर दी।सुहाग की प्रतीक माथे की बिंदी गले का मंगलसूत्र तक उतारने पर मजबूर कर दिया गया।नीचता और कमीनेपन की हद तब पार हो गयी जबकि जाधव की पत्नी के जूतों मोजे तक उतरवाकर जब्त कर लिये गये। मिलने से पहले सुरक्षा के नाम पर जिस तरह का व्यवहार उनकी माता व पत्नी के साथ किया गया उससे नारी समाज का अपमान हुआ है और पूरी दुनिया उसकी घिनौनी हरकत पर थू थू कर रही है।कहते हैं कि जो जैसा होता है उसे पूरी दुनिया उसी तरह दिखाई पड़ती है।पाकिस्तान शुरू से ही अपनी नालायकी के जाना पहचाना जाता है और सभी उसकी आतंकी काली करतूतों से वाकिफ हैं। इस कड़ी में उसने एक और नालायकी का उदाहरण दुनिया के सामने प्रस्तुत कर दिया है। नारी स्मिता और सुहागिन होने की प्रतीक गले में पड़े मंगलसूत्र व बिंदी में बम नहीं छिपाया जा सकता है लेकिन उसे उसमें भी बम और अपनी मौत दिखाई पड़ रहा है। अगर ऐसा नहीं होता तो मिलने से पहले अधिकारी की पत्नी के माथे की बिंदी और गले का मंगलसूत्र नही उतराता। वह वीडियो क्रांफ्रेंसिंग से नही उनकी मातृभाषा में आमने सामने बात दिल की करवाता और मीडिया के सामने उन्हें अपमानित नहीं करवाता। पाकिस्तान ने एक फिर दुनिया को बता दिया कि वह अपनी पुराने रवैये पर यथावत कायम है और मजबूरी में दुनिया को दिखाने के लिए वह औपचारिकताएं दिखा रहा है। उसकी लगातार हरकतें बता रही हैं कि भारत के साथ उसकी दुश्मनी यथावत बरकरार है और अधिकारी जाधव के साथ उसका व्यवहार अन्तर्राष्ट्रीय मानक के एकदम विपरीत है।दुख की बात तो यह है कि अधिकारी की मां पत्नी के साथ जो व्यवहार हुआ उसके प्रति सरकार उतनी गंभीर नही है जितनी होनी चाहिए।अधिकारी जाधव की माता एवं पत्नी को जिस माहौल में मिलाकर दुनिया को गुमराह किया गया है उसे दुनिया को अवगत कराना जरूरी है सिर्फ विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया जारी करने से काम ही चलने वाला है।भारत और पाकिस्तान की दुश्मनी देवताओं और दानवों जैसे पट्टीदारों के मध्य है जो संभवतः समाप्त होने वाली नहीं है। दुश्मनी समाप्त करने के लिए एक को मिटना होगा जो उचित नहीं होगा।पाकिस्तान खुद अपने कर्मों से तबाही के कगार पर खड़ा हुआ है और एक दिन उसे दुनिया के नक्शे से गायब होना है। धन्यवाद।। भूलचूक गलती माफ।। सुप्रभात / वंदेमातरम् / गुडमार्निंग / नमस्कार / शुभकामनाएं।। ऊँ भूर्भुवः स्वः-------/ ऊँ नमः शिवाय।।।
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            भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/समाजसेवी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी
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