Thursday, December 7, 2017

उत्तरप्रदेश में नए नियमों के तहत जारी होंगे नए शस्त्र लाइसेंस

हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने शस्त्र लाइसेंस जारी करने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को वर्ष 2016 में बनाए गए नए नियमों के तहत लाइसेंस जारी करने पर विचार करने को कहा है। चीफ जस्टिस डीबी भोसले और जस्टिस विवेक चौधरी की बेंच ने यह आदेश इसी विषय पर दाखिल चार अलग-अलग याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए पारित किया। याचिकाओं में शस्त्र लाइसेंस का आवेदन सरकार द्वारा खारिज किए जाने को चुनौती दी गई थी। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से जानकारी दी गई कि आम्र्स एक्ट की धारा 44 में उल्लिखित शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्र सरकार ने आम्र्स रूल्स-2016 लागू किया है। इस पर न्यायालय ने नए नियमों के तहत याचियों के शस्त्र लाइसेंस के आवेदन पर विचार करने का आदेश दिया।परीक्षा पासकरने पर ही मिलेगा शस्त्र लाइसेंसअदालती मनाही के बाद प्रदेश में नये शस्त्र लाइसेंस जारी करने पर रोक था। सिर्फ कुछ निर्धारित श्रेणियों में ही जिलाधिकारी को लाइसेंस जारी करने के अधिकार मिले थे। अब नये नियमों के तहत लाइसेंस जारी करने का आदेश मिल गया है। नये नियमों के मुताबिक जिसे शस्त्र चलाना आएगा उसे ही लाइसेंस मिल सकता है। इसके लिए परीक्षा देनी होगी। पहले एक व्यक्ति को तीन लाइसेंस मिल सकते थे लेकिन, इसमें भी सुधार किया गया है। शस्त्र लाइसेंस हासिल करने के लिए आवेदक को एसपी-एसएसपी स्तर के अफसर के सामने शस्त्र चलाने की परीक्षा देनी होगी। इस परीक्षा में प्रयुक्त होने वाले कारतूस का खर्च भी आवेदक को भरना होगा। पहले से जारी शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण पर भी परीक्षा पास करना जरूरी होगी। स्टेटस सिंबल बने शस्त्र के लाइसेंस बहुतायत अपनी पत्नियों के नाम पर लेते हैं। इस व्यवस्था से पत्नियों के नाम लाइसेंस हासिल करना आसान नहीं होगा। क्योंकि जो परीक्षा पास नहीं करेगा उसके लाइसेंस का नवीनीकरण भी नहीं होगा। शस्त्र लाइसेंसधारी की 65 वर्ष से अधिक उम्र होने पर नवीनीकरण के समय मेडिकल फिटनेस भी लगाना जरूरी होगा। नये आवेदकों को बैंक से कोई ऋण न होने का अनापत्ति प्रमाण पत्र भी देना होगा। लाइसेंसधारी अब 25 कारतूस ही रख सकेंगे। 25 से ज्यादा कारतूस खरीदने के लिए शासन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अगर आवेदक के पास शस्त्र का एक लाइसेंस पहले से है तो दूसरे लाइसेंस के लिए आवेदक को पहले निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी, उसके बाद कमिश्नर की अध्यक्षता में गठित कमेटी जिसमें डीएम,डीआईजी और संबंधित जिले का एसपी भी शामिल होगा। अप्रूवल के बाद ही दूसरा लाइसेंस जारी होगा। तीसरे लाइसेंस के आवेदन पर गृह सचिव की कमेटी का अनुमोदन होने पर ही जारी हो सकेगा। पहले तीनों लाइसेंस जिले स्तर से ही प्रदान किए जाते थे।

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