Friday, December 8, 2017

दिल्ली सरकार का सराहनीय कदम मैक्स हास्पिटल का लाइसेंस रद्द लेकिन क्या हरियाणा सरकार भी करेगी ये

जिस प्रकार से दिल्ली के मुख्यमंत्री ने पहली बार एक ऐसा फैसला लिया है कि वो जनता के हीरो बन गए हैं। बताया जाता हैकि दिल्ली में स्थित मैक्स अस्पताल में 2 नवजात बच्चों की मृत्यु घोषित कर दी थी जबकि 1 जिंदा था। जो जिंदा था उसकी मृत्यु भी कुछ दिन बाद हो गयी। जिसके बच्चे थे उनसे पैसा न चुकाया गया तो अस्पताल वालों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। इसी प्रकार का फैसला भी हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को अपने गृह-क्षेत्र में लेने की जरूरत है। क्योंकि यहां पर भी कुछेक डॉक्टरों द्वारा जनता के साथ लूट-खसोट का धंधा जारी है। सी एम सिटी में तो एक डॉक्टर का मैक्स अस्पताल वालों से टाइअप तक है। जो कि अपने यहां आए मरीज को पहले स्वयं जांचता है। उसके बाद उसे मैक्स अस्पताल भिजवाने के लिए अपना फोन से सम्पर्क कर मरीज का सारा हाल बताता है। अब यदि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने ऐसा सराहनीय कदम उठाया है तो अब हरियाणा के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को भी पीछे नहीं हटना चाहिए। दिल्ली के इस मैक्स अस्पताल में हरियाणा के जिन-जिन डॉक्टरों के तार जुड़े हैं उनपर ताबड़-तोड़ कार्रवाई हरियाणा सरकार को भी कर देनी चाहिए। ताकि जनता को इनकी लूट-खसोट से बचाया जा सके। अभी पिछले दिनों करनाल के ही रहने वाले ललित वर्मा ने आई टी आई चौंक के नज़दीक बने नवनिर्मित अस्पताल अमृतधारा और उसके संचालक पर गम्भीर आरोप लगाए थे। इसी अस्पताल संचालक ने मैक्स वालों से बात कर ललित वर्मा को अपना मरीज मैक्स में ले जाने तक की सलाह दी थी।

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