Wednesday, January 3, 2018

जाके पांव न पड़ी बेवाई वह क्या जाने पीर पराई-भोला नाथ मिश्रा

कल की सुप्रभात सम्पादकीय के माध्यम से आजादी के बाद से चल रही हमारे पड़ोसी या पट्टीदार देश पाकिस्तान से दुश्मनी और हो रहे लगातार आतंकी हमले की समस्या पर नववर्ष की वेला पर विचार करके समस्या समाधान करने का संकल्प लेने का आवाह्वान भारत ही नही बल्कि दुनिया भर के देशों से किया था। सभी जानते हैं कि पाकिस्तान दुनिया के सम्पन्न देशों के सामने आतंकवाद का रोने रोकर उसे मिटाने के नाम सहायता रुपी भीख मांगता है और उसे आतंकवाद को बढ़ावा देने में खर्च करता है। आतंकवाद के सफाये के नाम पर वह दुनिया को बेवकूफ बना कर उनसे सहायता लेता रहा है। सहायता देने वालों में अमेरिका सबसे आगे है और हर साल वह पाकिस्तान को अच्छी खासी मदद देता है। पाकिस्तान उस धनराशि को अपने यहाँ चल रहे छोटे बड़े सभी आतंकी संगठनों को देकर आतंकवाद की खेती करवा कर दुनिया में उसका निर्यात कर रहा है।अमेरिका खुद इस्लामिक आतंकवाद का खामियाजा भुगत रहा है।अबतक भारत जब सहायता से आतंकी संगठन चलाने की बात कह रहा था तब किसी की समझ में उसकी नही आ रही थी और तमाम विरोध के बावजूद अबतक सहायता दे रहा था। पाकिस्तान अमेरिका की सहायता के बल पर भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देकर अपनी दुश्मनी अदा कर रहा था। कहावत कि -" जाके पाँव न गयी बेवाई ते कां जाने पीर पराई"। बिल्कुल यहाँ स्थिति अमेरिका की भी थी और उसे भारत के दर्द का अहसास उतना नहीं हो रहा था जितना होना चाहिए। अगर भारत के दर्द का अहसास होता तो अमेरिका उसे दशकों पहले सहायता देना बंद कर चुका होता। हम ईश्वर को धन्यवाद देना चाहते हैं कि उसने समय रहते अमेरिका की आँखें खोल दी हैं और उसने नववर्ष की वेला पर माना है कि उसे बेवकूफ बना कर पाकिस्तान उससे मदद लेता और आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ लहजे में कहा कि पाकिस्तान को मदद देना बेवकूफी थी और पन्द्रह सालों से हम मूर्ख बने थे लेकिन अब आगे ऐसा नहीं होगा।राष्ट्रपति ने कहा कि वह उन्हें क्या पता था कि जिन आतंकियों की तलाश अबतक वह अफगानिस्तान में कर रहे थे वह सब पाकिस्तान में शरण लिये हुये हैं।वहाँ की सरकार उन्हें संरक्षण ही नहीं दे रही है बल्कि वह आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है।उन्होंने कहा कि अब तक पन्द्रह सालों में पाकिस्तान को आतंकवाद खात्मे के नाम पर तैतिस अरब डालर की मदद ले चुका है। वह हमारे नेताओं को बेवकूफ समझता है और उसने धोखा फरेब के अतिरिक्त हमें कुछ नहीं दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप प्रशासन इससे पहले भी कई बार इस पर फटकार लगा चुका है फिर सहायता देने का क्रम यथावत जारी था।इक्कीसवीं सदी के इस नववर्ष की मंगल वेला पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का सदबुद्धि भरा बयान अपने आप में अभूतपूर्व एवं प्रकृति द्वारा प्रदत्त लगता है। राष्ट्रपति के बयान आते ही पाकिस्तान में खलबली मच गयी है और सामने अंधेरा छा गया है। पहली बार उसे लग रहा है कि उसने अमेरिका जैसे देश को बेवकूफ बनाकर गलती की है।राष्ट्रपति के बयान के आते ही पाकिस्तान के प्रतिभूति विनयम आयोग की नववर्ष की वेला पर पाकिस्तानी आतंकी संगठन जमात-उद-दावा के चंदा वसूलने पर रोक लगा दी है साथ ही संयुक्त राष्ट्र संघ की सूची में शामिल में प्रतिबंधित सगंठनों समितियों के चंदे पर आनन फानन में रोक लगा दी है।संयुक्त राष्ट्र संघ की प्रतिबंधित सूची के अलावा भी तमाम ऐसे संगठन पाकिस्तान में हैं जो धर्म के नाम चंदा वसूलकर आतंकवाद की नर्सरी पैदा कर रहे हैं।इसके बावजूद कुछ आतंकी संगठनों को सिर्फ और सिर्फ भारत का अमन चैन छीनने के लिये तैयार करके उनकी लगातार भारत की सीमा में घुसपैठ कराई जा रही है। पाकिस्तान में पल रहे तमाम ऐसे धार्मिक संगठन हैं जो अब तक आतंकी सूची शामिल नहीं हो सके हैं जबकि भारत लगातार इन्हें सूची में शामिल करने की मांग संयुक्त राष्ट्र संघ व अमेरिका से कर रहा है।धन्यवाद।। भूलचूक गलती माफ।।
          भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/समाजसेवी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी

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