Saturday, January 13, 2018

कानपुर में बंटी बबली सक्रिय दर्जनों के साथ हेराफेरी

कानपुर-शहर में बंटी-बबली गैंग सक्रिय,आधा दर्जन लोगों के साथ कर चुके है टप्पेबाजी,कभी किरायेदार बनकर तो क़भी ज़मीन मालिक बनकर शातिर पतिं-पत्नी ठगी की वारदातों को देते है अँजाम,विरोध करने पर पुलिस से साठगांठ कर दर्ज कर देते है फर्जी FIR, ठगी के शिकार कई लोग खुद ही पहुँच गए जेल। सरकारी कर्मचारियों को बनाते है शिकार। पीड़ितों ने एडीजी ज़ोन अविनाश चन्द्र से लगायी न्याय की गुहार,एडीजी ने दिए कार्यवाही के निर्देशघटना-1 चकेरी थाना क्षेत्र कोयला नगर के रहने वाले रक्षा कर्मी अरुण कुमार मिश्रा को दबंग पति-पत्नी (संजय-शिवप्यारी) ने एक सस्ता प्लाट दिलाने का झाँसा देकर 17 लाख 50 हज़ार ठग लिए और प्लाट अपने नाम लिखवा लिया धोखाधड़ी की जानकारी मिलने पर पीड़ित ने क्षेत्रीय थाने से लेकर आलाधिकारियों से गुहार लगाई तब जाकर एसपी पूर्वी के आदेश से थाना चकेरी में 5 माह पहले गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ लेकिन उक्त दबंग दम्पत्ति के रसूख़ के चलते आज तक थाना पुलिस ने कोई कार्यवाही नही की जिससे दबंग पति-पत्नी के हौसले बुलन्द है और वो पीड़ित को ही फर्जी मुकदमों में फ़साने की धमकियां दी रहे है जिससे भयभीत होकर पीड़ित ने एडीजी से गुहार लगाई है।घटना-2 चकेरी थाना क्षेत्र के आदर्श बिहार के रहने वाले रिटायर्ड एयर फ़ोर्स कर्मी प्रभु दयाल त्रिपाठी के मकान में शातिर संजय अपनी पत्नी शिवप्यारी के साथ करीब ढाई वर्ष पहले किराये पर रहने आये और देखते ही देखते अपना सौम्य व्यवहार दिखा कर विश्वास जीत लिया और संजय की पत्नी मकान मालिक की पत्नी से रिश्तेदार की शादी के बहाने कुछ जेवर पहनने को और पैसे उधार ले गयी,लेकिन फिर करीब 2 माह तक दोनों गायब हो गए और अचानक एक दिन शातिर संजय की पत्नी अपने साथ अन्य कई महिलाओं और चकेरी थाने के तत्कालीन श्याम नगर चौकी इंचार्ज सर्वेश कुमार और दरोगा लल्लू राम रावत लेकर घर पहुँची और मकान मालिक के ऊपर क्षेड़छाड का आरोप लगाते हुए हमलावर हो गयी जब तक कुछ समझ आता तबतक पुलिस पीड़ित की बगैर कोई बात सुने चौकी में ले आती है और मुकदमा दर्ज कर देती है। बाद में पीड़ित मकान मालिक ने तत्कालीन डीआईजी सोनिया सिंह से शिकायत की जिसपर उन्होंने जाँच करायी जाँच में शिकायत सही पाने पर चौकी इंचार्ज और दरोगा को लाइन हाज़िर कर उक्त प्रकरण की निष्पक्ष जाँच के निर्देश दिए थे लेकिन उनका तबादला होते ही पुलिस ने फ़िर जाँच ठंडे बस्ते में डाल दिया और दबंग दम्पति द्वारा  फिर से पीड़ित को धमकाने का दौर शुरू हो गया।इसी तरह दबंग पति-पत्नी आधा दर्जन लोगों को ठगी का शिकार बना चुके है लेकिन इनकी दबंगई के चलते कोई भी इनके खिलाफ मुँह नहीँ खोलता और जो हिम्मत करके शिकायत करता भी है तो ये फर्जी मुकदमों में फंसा कर या उसका भय दिखा कर चुप करा देते है।अब देखना ये है कि एडीजी के निर्देशों के बाद भी पीड़ितों को मिल पायेगा इंसाफ़ या यूं ही दर-दर भटकते रहेंगे पीड़ित और दबंग बंटी बबली बनाते रहेंगे भोले भाले लोगों को शिकार।

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