Friday, January 5, 2018

कर्जमाफी में बैंको की नही अधिकारियों की चलती है मनमानी

कल हमने सम्पादकीय के माध्यम से विधायिका और कार्यपालिका से सम्बंधों के साथ ही सरकार की महत्वपूर्ण कर्जमाफी योजना के बारे में चर्चा करते हुए फैजाबाद जिले अन्तर्गत आने वाले आर्यावर्त बैंक की शाखा मवई के सम्बंध में चर्चा करते हुए तमाम किसानों को कर्जमाफी योजना का लाभ न मिलने का मामला उठाया था। हमने इस सम्बंध में बैंक की लापरवाही का उल्लेख किया था। हमें खुशी है कि इस सम्पादकीय को हमारे पाठकों ने सराहा और हमें धन्यवाद देकर हमारा मनोबल भी बढ़ाया है। हमारे पास आर्यावर्त बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक ने भी फोन करके वस्तु स्थिति से अवगत कराते हुए बैंक को बेगुनाह साबित किया है। उनका कहना है कि उन्होंने पात्र किसानों की सूची को सरकार के पोर्टल पर लोड कर दिया है तथा कोई किसान योजना से वंचित न रहने पाये इसके लिए सरकार के दिशा निर्देश के अनुरूप जिन किसानों के खातों में आधार लिंक नही था उसे सर्वर समस्या के बावजूद रात में जागकर लिंक कराया गया है। उनके मुताबिक कर्जमाफी योजना का लाभ पाने में बैंक नहीं बल्कि जिम्मेदार अधिकारी रोड़ा बने हुए हैं। हम बैंक अधिकारी और बैंक को धन्यवाद देना चाहते हैं कि उन्होंने अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन किया है।अब सवाल यह उठता है कि जब बैंक ने पोर्टल पर पात्र किसानों की सूची लोड कर दी थी तो उस सूची की जांच कराकर उसे योजना में अबतक क्यों नहीं शामिल किया? आम आदमीआप तक यहीं समझता है कि बैंक की लापरवाही के चलते योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है लेकिन असलियत इसके विपरीत है और इस मामले में बैंक बेगुनाह है। सवाल यह उठता है कि जब बैंक की सूची पोर्टल पर थी तो उसे योजना में शामिल क्यों नहीं किया गया? क्या प्रशासन बैंक व सरकार के साथ धोखाधड़ी करके गुमराह कर रहा है ? पोर्टल किसी जिले का नहीं होता है बल्कि समूचे प्रदेश का होता है इसके बावजूद जिस जिले की जिम्मेदारी बनती थी उसे इसका निर्वहन करना चाहिए था।किसान को योजना के लाभ से मतलब है उसे इस बात से कोई मतलब नहीं है कि लाभ उसे किस जिले के माध्यम से मिल रही है। सरकार की इस महत्वाकांक्षी कर्जमाफी योजना के प्रति यह लापरवाही अक्षम्य अपराध है क्योंकि यदि इसका भंडाफोड़ नहीं होता तो किसान योजना के लाभ से वंचित रह जाते जो उचित नहीं होता। सरकार से जुड़े अधिकारी ही योजना को मूर्ति रुप देते हैं अगर वहीं इस तरह की लापरवाही करते हैं तो सरकार और किसान दोनों के लिये दुर्भाग्य ही कहा जायेगा।सरकार का दायित्व बनता है कि अभी समय है कि पता लगा लें इस तरह के अन्य मामले तो नहीं हैं क्योंकि नये जिले बनने के बाद ऐसी संभावना बढ़ गयी है।धन्यवाद।। भूलचूक गलती माफ।। सुप्रभात / वंदेमातरम् / गुडमार्निंग / नमस्कार / शुभकामनाएं।। ऊँ भूर्भुवः स्वः ------/ ऊँ नमः शिवाय।।
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           भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/समाजसेवी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी
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