Wednesday, January 17, 2018

मौनी अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

मौनी अमावस्या मेले पर श्रद्धालुओं का जत्था एक दिन पहले से ही चित्रकूट आने लगा। श्रद्धालू अपनी गहरी आस्था को लेकर जान जोखिम में डालते हुए चित्रकूट पहुँच रहे हैं। डग्गा मार वाहन सीमा से जादा सवारी भरकर फर्राटे लगाते नजर आ रहे हैं।मकर संक्रांति का त्यौहार होने के कारण मौनी अमावस्या का महत्व और बढ़ गया। माघ मास के 16 जनवरी को पड़ने वाली मौनी अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं ने माँ मंदाकिनी पर डुबकी लगाकर स्वामी मत्यगजेंद्र नाथ जी महराज पर जलाभिषेक किया। इसके बाद कड़ी मसक्कत कर कामदनाथ की परिक्रमा पूरी की। सर्द हवा और ठण्ड श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं ला सकी। श्रद्धालुओं का जत्था अभी भी कामतानाथ की ओर पहुँच रहा है।मेले में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इन्तिजाम किए गए हैं। सकुशल मेला संपन्न कराने के लिए सीतापुर चौकी इंचार्ज केशरी प्रसाद यादव ने कल साम को परिक्रमा मार्ग में दुकानों के अतिक्रमण को हटवा दिया था। बता दें की हिन्दू धर्म ग्रन्थ महाभारत के एक दृष्टांत में इस बात का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि माघ मास के दिनों में अनेक तीर्थों का समागम होता है, वहीं पद्मपुराण में कहा गया है कि अन्य मास में जप, तप और दान से भगवान विष्णु उतने प्रसन्न नहीं होते जितने कि वे माघ मास में स्नान करने से होते हैं। यही वजह है कि प्राचीन ग्रंथों में नारायण को पाने का सुगम मार्ग माघ मास के पुण्य स्नान को बताया गया है, विशेषकर मौनी अमावस्या को किया गया गंगा स्नान खास महत्व का माना गया है। मान्यता है की मौनी अमावस्या को किए गए स्नान से मनुष्य को स्वर्ग की प्राप्ति होती है।

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