Monday, January 15, 2018

राजस्थान में मंत्रियों की फौज जुटाकर क्या जीत पाएगी भाजपा या करेगी कुछ और

अजमेर में लोकसभा का उपचुनाव जीतने के लिए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपनी सरकार के मंत्रियों की पूरी फौज उतार दी है। सीएम राजे इस उपचुनाव को लेकर कितनी गंभीर हैं इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विधानसभा वार मंत्रियों को प्रभारी बनाया गया है, जबकि इस संसदीय क्षेत्र के आठ विधानसभा क्षेत्रों में से सात पर भाजपा का कब्जा है। इन सात भाजपा विधायकों में से भी दो स्वतंत्र प्रभार के मंत्री हैं तो दो संसदीय सचिव बन कर मंत्री स्तर की सुविधा ले रहे हैं। स्थानीय निकायों के प्रमुख से लेकर अजमेर के मेयर तक भाजपा के हंै। इसी प्रकार प्रधान से लेकर जिला प्रमुख तक भी भाजपा के ही हैं। अजमेर विकास प्राधिकरण से लेकर सेंट्रल को-आॅपरेटिव बैंक के अध्यक्ष के पद भाजपा के कब्जे में हैं। यानि भाजपा की इतनी मजबूत स्थिति होने के बाद भी विधानसभा वार प्रभरी मंत्री नियुक्त किया है, इससे प्रतीत होता है कि सीएम राजे अजमेर के उपचुनाव को जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती हैं। चुनाव से पहले सीएम आठों विधानसभा क्षेत्रों में जन संवाद कर चुकी हैं। चूंकि सीएम को भाजपा संगठन के बारे में पता है, इसलिए व्यक्तिगत स्तर पर निगरानी रखे हुए हैं। झालावाड़ में सीएम के हर चुनाव की कमान संभालने वाले श्याम सुंदर शर्मा को संसदीय क्षेत्र का प्रभारी बना दिया है। महत्वपूर्ण फैसले शर्मा ही कर रहे हैं। प्रदेश भाजपा की ओर से भी विधानसभा वार प्रभारी है तथा एक मतदान केन्द्र पर 21 कार्यकर्ताओं की टोली भी बनाई गई है। सीएम स्वयं भी चार दिनांे के लिए अजमेर आने वाली हैं। सीएम अजमेर शहर में ही बैठ कर संसदीय क्षेत्र के लोगों से मिलेंगी। सबसे पहले नाराज नेताओं को मनाने का प्रयास करेंगी। असल में सीएम को भी पता है कि भाजपा के विधायकों की कार्यशैली को लेकर आम लोगों में नाराजगी है। सीएम विधायकों के प्रति इस नाराजगी को वोट में तब्दील नहीं होने देना चाहती हैं। इसलिए अजमेर आकर स्वयं भी मोर्चा संभालेंगी। इतना सब कुछ होने के बाद भी सवाल उठ रहा है कि क्या मंत्रियों की फौज भाजपा को जीत दिला पाएंगी?
जाट समुदाय के लिए केन्द्रीय मंत्री सीआर च ौधरी को जिम्मेदारीः
सीएम ने पूर्व भाजपा सांसद संावरलाल जाट के पुत्र रामस्वरूप लाम्बा को उम्मीदवार बनाया है अब जाट समुदाय के वोट एक मुश्त मिल जाएं इसकी जिम्मेदारी पड़ौसी जिले नागौर के भाजपा सांसद और केन्द्रीय मंत्री सीआर च ौधरी को दी गई है। च ौधरी भी अजमेर में ही डेरा जमाए है। च ौधरी संसदीय क्षेत्र के छोटे-बड़े सभी जाट नेताओं से सम्पर्क कर रहे हैं। सीएम को उम्मीद है कि लाम्बा की उम्मीदवारी से जाटों के सभी वोट मिल जाएंगे। जाट वोटों में टूटन न हो इसकी जिम्मेदारी सीआर च ौधरी को दी गई है।ये हैं प्रभारी मंत्रीःसीएम राजे के निर्देश पर अजमेर उत्तर में अरुण चतुर्वेदी, दक्षिण में श्रीमती किरण माहेश्वरी, किशनगढ़ में कालीचरण सराफ, नसीराबाद में कालूलाल गुर्जर, मसूदा में राजेन्द्र सिंह राठौड़, केकड़ी में रामप्रताप, पुष्कर में यूनुस खान तथा दूदू में अजय सिंह किलक को प्रभारी मंत्री बनाया गया है। जानकारों की माने तो प्रभारी मंत्रियों को भी विधायकों की कार्यशैली को लेकर शिकायतें मिल रही हैं। इन शिकायतों के संबंध में समय-समय पर सीएम को भी अवगत कराया जा रहा है।

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