Saturday, January 20, 2018

बीजेपी को लगा जोर का झटका धीरे से

राजस्थान की बीजेपी सरकार को हाईकोर्ट से शुक्रवार को बड़ा झटका लगा. कोर्ट ने राजीव गांधी सेवा केंद्र का नाम बदलने वाले सरकार के फैसले को निरस्त कर दिया है. राज्य सरकार ने 28 दिसंबर 2014 को नोटिफिकेशन जारी करते हुए राजीव गांधी सेवा केंद्र का नाम बदलकर अटल सेवा केंद्र कर दिया था. सरकार के इस आदेश को हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया है.जस्टिस एमएन भंडारी की अदालत ने संयम लोढ़ा की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया है. वहीं मामलें में अदालत ने सुझाव दिया है कि ऐसी स्थिति फिर से उत्पन्न नहीं हो ऐसे में स्वाधीनता सेनानियों के नाम पर नाम रखे जाएं. इस मामले में संयम लोढ़ा की याचिका पर पार्थी की ओर से अधिवक्ता पुनीत सिंघवी ने पैरवी की.पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर हुई थी घोषणाआमजन की सुविधा के लिए पंचायत स्तर तक खोले गए जन सुविधा और राजीव गांधी सेवा केंद्रों की शुरुआत पिछली कांग्रेस सरकार की ओर से की गई थी. इन केंद्रों के नाम बदलकर अटल सेवा केंद्र करने की घोषणा सीएम वसुंधरा राजे ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर की थी. इस घोषणा के तीन दिन बाद ही ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्रीमत पाण्डेय की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए थे.कांग्रेस सरकार ने जिला मुख्यालयों पर जन सुविधा केन्द्र और पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायतोंं पर भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र भवनों का निर्माण मनरेगा बजट से किया था. इन्हीं केंद्रों को लेकर सीएम वसुंधरा ने 25 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी के जन्म दिन को सुशासन दिवस के रूप में मनाने की घोषणा करते हुए कहा था कि सीएम की घोषणा के बाद जारी आदेशों का असर प्रदेश के करीब 9500 ऐसे केंद्रों के पर पड़ा. उनके नाम बदल कर अटल सेवा केन्द्र कर दिए गए. राजीव गांधी सेवा केन्द्रों के नाम बदलकर अटल सेवा केन्द्र करने में लाखों रूपए खर्च हुए और अब कोर्ट के फैसले के बाद फिर से नाम बदले जाएंगे. अब यह पैसा किस मद में खर्च होगा ? इसके बार में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता.

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