Wednesday, January 10, 2018

घर मे अकेली महिला से की गंदी हरकत फिर हुई

नीमच। श्री अमूल मण्डलोई, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा एक आरोपी को बुरी नीयत से महिला को अकेली पाकर उसके घर में घुसकर बुरी नीयत से उसके साथ छेडछाड करने के आरोप में सश्रम कारावास ओर जुर्माने से दण्डित किया गया।
जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चौधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुुए बताया कि दिनांक 05.08.2016 को शाम 04:15 बजे ग्राम-बांसखेडा, थाना-जीरन स्थित फरियादीया अपने घर पर अकेली थी, तभी आरोपी ने इसी मौके का फायदा उठाते हुए घर के अंदर घुस गया और बुरी नियत से उसको पिछे से पकड़ते हुए बोला कि पीछे के कमरे में चल। फरियादीया डर गई और चिल्लाने लगी तो पास के घर में रहने वाली कारीबाई वहां पर आ गई और उसने बीच-बचाव किया, तब आरोपी वहां से भाग गया परन्तु थोडी देर बाद फिर वापस आया और कारीबाई को धमकी दी की मेरे खिलाफ गवाही दी तो तुझको जान से खत्म कर दूंगा। फरियादीया ने कारीबाई के साथ जाकर थाना जीरन में इस घटना की रिपोर्ट की, जिस पर से आरोपी गोविन्द के विरुध्द अपराध क्रमांक 248/16, धारा 452, 354 भादवि के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना को पूर्ण कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
अभियोजन पक्ष की ओर से फरियादीया व कारीबाई और अन्य आवश्यक सभी साक्षीयों के बयान न्यायालय में कराये गये जिससे आरोपी गोविन्द पिता रामनारायण मेघवाल, उम्र-24 वर्ष, निवासी-ग्राम बांसखेडा, थाना-नीमच के विरूद्ध अपराध प्रमाणित करने में सफलता मिली। न्यायालय में सजा के प्रश्न पर अभियोजन की ओर से निवेदन किया गया की और से महिलाओं के विरूद्ध बढते हुए अपराधों को दृष्टिगत रखते हुए आरोपी को अधिकतम दण्ड से दण्डित किया जाए। निवेदन को स्वीकार कर श्री अमूल मण्डलोई, न्यायिक दण्डिाधिकारी प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा घर में घुसने के लिए धारा 452 भादवि एवं छेडछाड करने के लिए 354 भादवि अंतर्गत 01-01 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500-500 रुपयें के अर्थदण्ड, इस प्रकार कुल 02 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000 रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया। न्यायालय में शासन की ओर से श्री रितेश कुमार सोमपुरा, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा पैरवी की गई।


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